पीलीभीत में CM योगी की मेगा सौगात! 106 लोगों को भारतीय नागरिकता, विस्थापितों को मिला जमीन का अधिकार

Editorial
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पीलीभीत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों को बड़ी सौगात दी। बरेली मंडल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, बल्कि दशकों से पहचान और अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे विस्थापित परिवारों को भी नया जीवन देने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान 106 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र और विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे गए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों ने वर्षों तक संघर्ष किया, उन्हें अब देश का पूर्ण नागरिक होने का अधिकार मिल चुका है और कोई भी शक्ति अब उन्हें उनकी जमीन और पहचान से वंचित नहीं कर सकती।

569 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं की सौगात

पीलीभीत के पतरासा कुंवरपुर गांव में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 569.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर जनता तक लाभ पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

55 साल का इंतजार खत्म, मिली नागरिकता की पहचान

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने 106 बंगाली समाज के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे।इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 55-56 वर्ष पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर निकाले गए परिवारों को भारत में शरण मिली थी। वर्षों तक पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले इन परिवारों को अब भारतीय नागरिकता मिल गई है।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और अधिकार का प्रमाण है।मुख्यमंत्री ने कहा, “अब कोई ताकत आपको यहां से नहीं निकाल सकती। अब आपको कोई पराया नहीं कह सकता। यह नया जीवन और नई शुरुआत है।”मुख्यमंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

भूमि अधिकार पत्र पाकर खिल उठे चेहरे

कार्यक्रम में विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।इन प्रमाण पत्रों के जरिए वर्षों से भूमि पर रह रहे परिवारों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा मिली है। कई लाभार्थियों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। उनका कहना था कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद उन्हें अपनी जमीन का अधिकार मिला है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे और कोई भी परिवार अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

बंगाली परंपरा से हुआ मुख्यमंत्री का स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर बंगाली समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय गंगवार, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

जनप्रतिनिधियों ने रखीं क्षेत्र की मांगें

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा ने क्षेत्र में चीनी मिल, स्टेडियम और डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग की। वहीं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए विकास की गति को और तेज करने की अपील की।मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया।

जनसभा में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री की जनसभा में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण, लाभार्थी और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।मुख्यमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचे थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और जोश का माहौल बना रहा।जनसभा में मौजूद लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक कदम बताया।

सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व इंतजाम

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल पर चार स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।इसके अलावा चार एडिशनल एसपी, 10 क्षेत्राधिकारी, 47 थाना प्रभारी, 144 उपनिरीक्षक, 41 महिला उपनिरीक्षक, 624 कांस्टेबल और 94 महिला कांस्टेबल सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए।यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीएसी की एक कंपनी और 10 फायर टेंडर भी तैनात किए गए।

विकास और विश्वास का संदेश

पीलीभीत में आयोजित यह कार्यक्रम केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद और सम्मान का प्रतीक बन गया, जो दशकों से अपनी पहचान और अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे।106 लोगों को भारतीय नागरिकता और विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय और अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।पीलीभीत की धरती से दिया गया यह संदेश आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और विकास यात्रा दोनों में अहम माना जा रहा है।

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