
- मंच से जताया दुख, कहा- बच्चों की मौत बेहद पीड़ादायक
- सिर्फ 12 मिनट का संबोधन, लेकिन विकास की बड़ी सौगात
- ताला नगरी को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प
- विश्वविद्यालय और मेडिकल सुविधाओं का भी जिक्र
- अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
- लोगों में दिखा उत्साह, लेकिन अधूरी रह गई उम्मीद
- संवेदना और जिम्मेदारी का संदेश
अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार का अलीगढ़ दौरा अचानक उस समय छोटा पड़ गया, जब उन्हें लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की सूचना मिली। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना कार्यक्रम बीच में ही समाप्त करने का फैसला लिया और करीब 12 मिनट के संबोधन के बाद राजधानी के लिए रवाना हो गए। हालांकि, जाने से पहले उन्होंने अलीगढ़ की जनता से जल्द दोबारा आने का वादा किया और जिले को 462 करोड़ रुपये की 85 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दे गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलीगढ़ आगमन को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। जनसभा को लेकर प्रशासन और भाजपा संगठन ने व्यापक तैयारियां की थीं। मंच पर जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों और अधिकारियों की मौजूदगी थी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान जैसे ही लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची, पूरे कार्यक्रम का स्वरूप बदल गया।
मंच से जताया दुख, कहा- बच्चों की मौत बेहद पीड़ादायक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान लखनऊ की घटना का जिक्र करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत की खबर बेहद पीड़ादायक है और ऐसे समय में सरकार का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर केंद्रित होना चाहिए।उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह अलीगढ़ में अधिक समय बिताएं, लोगों से मिलें और विकास योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करें, लेकिन परिस्थितियां ऐसी हैं कि उन्हें तुरंत लखनऊ लौटना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए जा चुके हैं।
सिर्फ 12 मिनट का संबोधन, लेकिन विकास की बड़ी सौगात
भले ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम छोटा रहा, लेकिन अलीगढ़ के विकास को लेकर उनकी घोषणाएं बड़ी रहीं। उन्होंने जिले को 462 करोड़ रुपये की लागत वाली 85 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अलीगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ केवल ताला उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है।
ताला नगरी को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प
अपने संक्षिप्त संबोधन में मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ के ऐतिहासिक और औद्योगिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का ताला उद्योग देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। सरकार इस उद्योग को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण निवेश बढ़ा है और अलीगढ़ विकास के नए अध्याय लिख रहा है।
विश्वविद्यालय और मेडिकल सुविधाओं का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होते हैं और सरकार इन दोनों क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रही है।
अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
जनसभा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। बैठक में जिले की विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोगों में दिखा उत्साह, लेकिन अधूरी रह गई उम्मीद
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलीगढ़ के लोगों में भारी उत्साह था। बड़ी संख्या में लोग उनकी सभा सुनने पहुंचे थे और उम्मीद कर रहे थे कि मुख्यमंत्री जिले के विकास को लेकर कई नई घोषणाएं करेंगे। लेकिन लखनऊ हादसे की गंभीरता के कारण कार्यक्रम को जल्द समाप्त करना पड़ा। हालांकि मुख्यमंत्री ने जाते-जाते जनता को आश्वस्त किया कि वह जल्द ही दोबारा अलीगढ़ आएंगे और लोगों के बीच अधिक समय बिताएंगे। उनके इस वादे पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
संवेदना और जिम्मेदारी का संदेश
अलीगढ़ दौरे का अचानक समाप्त होना एक तरफ जहां लोगों के लिए निराशाजनक रहा, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री का यह निर्णय एक जिम्मेदार प्रशासक की छवि को भी दर्शाता है। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रम से ज्यादा प्राथमिकता राहत और बचाव कार्यों को दी। अब अलीगढ़ की जनता को मुख्यमंत्री के उस वादे का इंतजार है, जिसमें उन्होंने जल्द फिर लौटकर विकास कार्यों की समीक्षा करने और जनता के बीच समय बिताने का भरोसा दिया है। फिलहाल, 12 मिनट के इस छोटे से संबोधन ने विकास, संवेदना और प्रशासनिक जिम्मेदारी—तीनों का संदेश एक साथ दे दिया।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

