“Cooler Tips: कूलर चालू करते ही आने लगती है सड़न की बदबू? पानी में मिलाएं ये चीजें, मिनटों में महक उठेगा पूरा कमरा”

Editorial
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गर्मियों का मौसम आते ही घरों में कूलर की आवाज सुनाई देने लगती है। बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एयर कंडीशनर से ज्यादा कूलर को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि यह कम खर्चीला होने के साथ-साथ बिजली की भी बचत करता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कूलर चालू करते ही ठंडी हवा के बजाय एक अजीब सी सड़न, सीलन या बदबू पूरे कमरे में फैल जाती है। यह बदबू न केवल कमरे का माहौल खराब करती है, बल्कि कई बार लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बन जाती है। खासतौर पर जब घर में मेहमान आए हों या परिवार के लोग आराम कर रहे हों, तब कूलर से आने वाली यह दुर्गंध काफी असहज स्थिति पैदा कर सकती है।दरअसल कूलर से आने वाली बदबू के पीछे कई कारण होते हैं। लंबे समय तक एक ही पानी का इस्तेमाल करना, कूलर की नियमित सफाई न करना, पैड में धूल और काई जमा होना तथा पानी के टैंक में बैक्टीरिया और फंगस का पनपना इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। जब कूलर लंबे समय तक साफ नहीं किया जाता, तब उसके अंदर मौजूद नमी सूक्ष्म जीवों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर देती है। यही कारण है कि जैसे ही कूलर चालू होता है, ये दुर्गंध हवा के साथ पूरे कमरे में फैल जाती है।

अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके कूलर से आने वाली हवा सिर्फ ठंडी ही नहीं बल्कि खुशबूदार भी हो, तो कूलर के पानी में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलाकर इसका असर देखा जा सकता है। नीम को सदियों से प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि कूलर के पानी में थोड़ी मात्रा में नीम का अर्क या कुछ बूंदें नीम का तेल मिलाया जाए तो इससे बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि कम हो सकती है। नीम की हल्की प्राकृतिक खुशबू भी कूलर से आने वाली बदबू को कम करने में मदद करती है। इसी तरह गुलाब जल भी एक शानदार विकल्प माना जाता है। गर्मियों में गुलाब की खुशबू ताजगी का एहसास कराती है। यदि कूलर के पानी में थोड़ा सा गुलाब जल मिला दिया जाए तो पूरे कमरे में हल्की और मनमोहक सुगंध फैल सकती है। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा है जो घर में प्राकृतिक खुशबू पसंद करते हैं।

पुराने समय में खस की जड़ों का उपयोग गर्मी से राहत पाने के लिए किया जाता था। आज भी कई लोग कूलर में खस की चटाई या खस का अर्क इस्तेमाल करते हैं। खस की प्राकृतिक खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है और वातावरण को बेहद ताजगीभरा बना देती है। इसके अलावा यह ठंडक का एहसास भी बढ़ाती है। कपूर भी दुर्गंध दूर करने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है। इसकी तेज और साफ सुगंध वातावरण को तुरंत तरोताजा कर देती है। कूलर के पानी में एक-दो कपूर की टिकिया डालने से हवा में अच्छी महक फैल सकती है। कई लोग इसे कीटाणुओं को कम करने के लिए भी उपयोगी मानते हैं। नींबू का उपयोग भी बदबू कम करने में मददगार हो सकता है। नींबू में मौजूद प्राकृतिक गुण दुर्गंध को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। यदि कूलर के पानी में थोड़ी मात्रा में नींबू का रस मिलाया जाए तो सीलन जैसी गंध कम महसूस हो सकती है। हालांकि इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। आजकल कई लोग आवश्यक तेलों यानी एसेंशियल ऑयल का भी उपयोग करते हैं। लैवेंडर, लेमनग्रास, यूकेलिप्टस और पेपरमिंट जैसे तेलों की कुछ बूंदें कूलर के पानी में मिलाने से कमरे में सुखद सुगंध फैल सकती है। इनकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है और मानसिक ताजगी भी प्रदान करती है।

हालांकि सिर्फ खुशबूदार चीजें मिलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। कूलर की नियमित सफाई सबसे जरूरी कदम है। यदि टैंक में जमा गंदगी को समय-समय पर साफ नहीं किया जाएगा तो बदबू बार-बार लौट सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी पूरी तरह बदल देना चाहिए और टैंक को साफ पानी से धोना चाहिए।कूलर के पैड भी विशेष ध्यान मांगते हैं। यही वह हिस्सा होता है जहां सबसे ज्यादा नमी रहती है। समय के साथ इनमें धूल, मिट्टी और फंगस जमा होने लगती है। यदि पैड बहुत पुराने हो गए हैं या उनमें लगातार बदबू बनी रहती है तो उन्हें बदल देना बेहतर होता है। साफ और नए पैड न सिर्फ बेहतर कूलिंग देते हैं बल्कि हवा की गुणवत्ता भी सुधारते हैं। बहुत से लोग गर्मियों में कूलर को लगातार चलाते रहते हैं और कई दिनों तक उसी पानी का उपयोग करते रहते हैं। यह आदत बदबू की सबसे बड़ी वजह बन सकती है। लंबे समय तक रुका हुआ पानी बैक्टीरिया और फंगस के लिए उपयुक्त वातावरण बन जाता है। इसलिए यदि कूलर कुछ दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना है तो उसका पानी निकाल देना चाहिए।घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग या अस्थमा और एलर्जी के मरीज हों तो कूलर की सफाई और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है। गंदे कूलर से निकलने वाली हवा कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसलिए सिर्फ ठंडी हवा पर ध्यान देने के बजाय उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसके अलावा कुछ लोग कूलर में अत्यधिक परफ्यूम या केमिकल युक्त फ्रेशनर मिला देते हैं। ऐसा करने से मशीन के कुछ हिस्सों पर असर पड़ सकता है और कई बार हवा की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है। इसलिए हमेशा प्राकृतिक और सीमित मात्रा में उपयोग की जाने वाली चीजों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। गर्मी के मौसम में कूलर का सही रखरखाव न केवल उसकी उम्र बढ़ाता है, बल्कि घर के वातावरण को भी बेहतर बनाता है। थोड़ी सी सावधानी और नियमित सफाई की आदत अपनाकर आप सड़न और सीलन की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं। नीम, गुलाब जल, कपूर, खस और आवश्यक तेल जैसी सरल चीजें आपके कूलर की हवा को अधिक ताजगीभरा और सुगंधित बना सकती हैं। ऐसे में जब अगली बार आप कूलर चालू करें तो सिर्फ ठंडी हवा ही नहीं, बल्कि एक सुखद और खुशबूदार माहौल भी आपका स्वागत करे।

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