सिद्धार्थनगर जिले में सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूपा राजा का औचक निरीक्षण किया। अचानक विद्यालय पहुंचे जिलाधिकारी ने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों व शिक्षकों से आवश्यक जानकारी ली।डीएम के औचक निरीक्षण से विद्यालय में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों में भी सक्रियता देखने को मिली। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले विद्यालय की उपस्थिति पंजिका देखी और शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

विद्यालय में एक अध्यापक और दो अनुदेशक कार्यरत
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूपा राजा में वर्तमान समय में एक अध्यापक और दो अनुदेशक कार्यरत हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापक निर्मला शुक्ला ने जिलाधिकारी के समक्ष विद्यालय में विज्ञान और गणित विषय के शिक्षक की आवश्यकता रखी।प्रधानाध्यापक ने डीएम से अनुरोध किया कि विद्यालय में विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षक की तैनाती की जाए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें संबंधित विषयों की बेहतर शिक्षा मिल सके।विद्यालय में शिक्षक की आवश्यकता से जुड़े इस अनुरोध को जिलाधिकारी ने गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से संबंधित जानकारी भी ली।
बच्चों के साथ बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्कूल में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मिड-डे मील की गुणवत्ता को खुद परखा। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और खाने की गुणवत्ता, स्वाद और व्यवस्था का जायजा लिया।डीएम के इस कदम से विद्यालय में मौजूद बच्चों में उत्साह भी देखने को मिला। प्रशासन की ओर से स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं बच्चों के साथ भोजन करने से व्यवस्था की जमीनी स्थिति की जानकारी भी मिली।मिड-डे मील का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए।
साफ-सफाई व्यवस्था पर डीएम ने जताई नाराजगी
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। निरीक्षण में उन्होंने विद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि स्कूल परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए विद्यालय का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित होना जरूरी है।स्कूल परिसर में साफ-सफाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर भी प्रशासन की ओर से जोर दिया जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर
डीएम के इस औचक निरीक्षण को जिले में सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अचानक निरीक्षण के जरिए प्रशासन यह जानने का प्रयास कर रहा है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई, मिड-डे मील और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर किस तरह संचालित हो रही हैं।विद्यालय में विज्ञान और गणित के शिक्षक की आवश्यकता सामने आने के बाद यह मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। इन दोनों विषयों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में विद्यालय की ओर से शिक्षक की मांग किए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने की जरूरत सामने आई है।

औचक निरीक्षण से स्कूलों में बढ़ेगी जवाबदेही
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना भी है। ऐसे निरीक्षणों से विद्यालय प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होती है और व्यवस्थाओं में सुधार की संभावना बढ़ती है।सिद्धार्थनगर प्रशासन की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा, भोजन, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीएम के निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं के आधार पर विद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा।
बच्चों की सुविधाओं पर विशेष जोर
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूपा राजा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से जुड़ी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के साथ ही विद्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर निर्देश देना इसी का हिस्सा रहा।प्रशासन का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ पौष्टिक भोजन और स्वच्छ परिसर भी उपलब्ध हो। इसके लिए विद्यालय स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी जरूरी है।जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के औचक निरीक्षण के बाद अब विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर करने और बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों पर ध्यान देने की उम्मीद है। वहीं, विज्ञान और गणित विषय के शिक्षक की मांग भी विद्यालय की प्रमुख जरूरतों में शामिल है।कुल मिलाकर सिद्धार्थनगर में डीएम के औचक विद्यालय निरीक्षण ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर प्रशासन की गंभीरता को सामने रखा है। बच्चों के साथ मिड-डे मील खाकर उसकी गुणवत्ता परखना और साफ-सफाई सुधारने के निर्देश देना निरीक्षण के प्रमुख बिंदु रहे।
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