सिद्धार्थनगर जनपद सिद्धार्थनगर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांसी पुलिस, जनपदीय एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली शराब के ढक्कन, QR कोड, हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब, स्प्रिट, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला सेंट, नई खाली बोतलें और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।यह कार्रवाई बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास 9 और 10 अगस्त 2026 की रात प्रभावी चेकिंग और मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने एक डबल डेकर स्लीपर बस को रोककर तलाशी ली, जिसके बाद अवैध सामग्री का खुलासा हुआ।

डबल डेकर बस की तलाशी में खुला अवैध शराब कारोबार
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेन्दु कुमार के पर्यवेक्षण तथा थाना बांसी के प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय और आबकारी विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई।टीम ने सूचना के आधार पर डबल डेकर स्लीपर बस संख्या UP 17 AT 6415 को प्रतापपुर के पास रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान बस में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बस से बरामद सामग्री देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।

35,740 नकली ढक्कन और 4,900 QR कोड बरामद
पुलिस के अनुसार बस से 35,740 नकली शराब के ढक्कन बरामद किए गए। इनमें IB, Old Monk, RS, Iconic, BP और McDowell’s जैसी कंपनियों के नाम वाले ढक्कन शामिल हैं।इसके अलावा 4,900 QR कोड वाले सील रैपर, हरियाणा निर्मित 281 बोतल अंग्रेजी शराब, 20 लीटर स्प्रिट अल्कोहल, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले सेंट की छह शीशियां और 65 नई खाली बोतलें बरामद की गईं।पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की जा रही डबल डेकर स्लीपर बस को भी कब्जे में लिया है।
बरामद सामग्री एक नजर में
- 35,740 नकली शराब के ढक्कन
- 4,900 QR कोड वाले सील रैपर
- हरियाणा निर्मित 281 बोतल अंग्रेजी शराब
- 20 लीटर स्प्रिट अल्कोहल
- शराब बनाने में प्रयुक्त सेंट की 6 शीशियां
- 65 नई खाली बोतलें
- 3 मोबाइल फोन
- 1 डबल डेकर स्लीपर बस
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में राम प्रताप प्रजापति उर्फ गुरु प्रजापति, निवासी जंगल एकला नंबर-2, टोला बेनीगंज, थाना गुलरिया, गोरखपुर; दीपक जायसवाल, निवासी राजापुरी, नई दिल्ली और जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, निवासी लाला फरेंदिया, थाना महुली, संतकबीरनगर को गिरफ्तार किया है।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राम प्रताप उर्फ गुरु प्रजापति पहले से ही बांसी थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित था। वहीं जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पूछताछ में सामने आया हरियाणा से लखनऊ तक का कनेक्शन
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी दीपक जायसवाल ने कथित तौर पर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि वह पहले गांजा तस्करी के एक मामले में देवरिया जेल में बंद था। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसकी पहचान अन्य आरोपियों से हुई।पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया कि नकली ढक्कन और स्प्रिट जैसी सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें आसपास के जिलों में बेचने का काम किया जाता था। इसी दौरान हरियाणा से कम कीमत में अंग्रेजी शराब लाकर दूसरे स्थानों पर अधिक कीमत में बेचने की योजना बनाई गई।बताया गया कि हरियाणा निर्मित शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर होते हुए लखनऊ ले जाया जा रहा था। बस्ती वाला रूट बंद होने के कारण आरोपियों ने फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर की ओर से लखनऊ जाने का रास्ता चुना था।इसी दौरान पुलिस की चेकिंग में बस पकड़ी गई और अवैध सामग्री बरामद हो गई।
नकली ब्रांड के जरिए शराब खपाने की आशंका
पुलिस के अनुसार भारी मात्रा में बरामद नकली ढक्कन और QR कोड वाले सील रैपर इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अवैध शराब को कथित तौर पर असली ब्रांड के रूप में बाजार में खपाने की कोशिश की जा सकती थी।ऐसे अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, बल्कि नकली या मिलावटी शराब के सेवन से लोगों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में थाना बांसी में मु0अ0सं0 148/2026 के तहत BNS की संबंधित धाराओं और आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में तीनों आरोपियों के पूर्व में भी शराब या गांजा तस्करी से जुड़े मामलों में जेल जाने की बात सामने आई है। इनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस टीम को मिला 20 हजार रुपये का पुरस्कार
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से टीम को पुरस्कृत किया।कार्रवाई में थाना बांसी के प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय, आबकारी निरीक्षक दिनेश कुमार पासवान, आबकारी निरीक्षक मोनी शुक्ला, सर्विलांस सेल प्रभारी हरेंद्र चौहान सहित पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।संयुक्त टीम की कार्रवाई से सिद्धार्थनगर में अवैध और नकली अंग्रेजी शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्ती का संदेश गया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
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