रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- 22,627 किसानों को मिलेगी राहत, तीन तहसीलों में हुआ नुकसान
- अतिवृष्टि से 317 किसानों की फसल प्रभावित
- मकान क्षति के 405 मामलों में 28 लाख रुपये निर्धारित
- 55 आपदा प्रभावित लाभार्थियों को कार्यक्रम में बांटी गई सहायता
- मत्स्य और उद्यान विभाग ने भी पहुंचाई मदद
- जनहानि पर चार लाख और गंगा कटान पीड़ितों को भी सहायता
- अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ राहत कार्यक्रम
फर्रुखाबाद बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत देने के लिए फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने सहायता राशि वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। सोमवार को फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि निवेश अनुदान एवं राहत सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने जिले के 55 आपदा प्रभावित लाभार्थियों को कृषि निवेश अनुदान और राहत सहायता राशि वितरित की।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में बाढ़ से प्रभावित कुल 22,627 किसानों को लगभग 11.50 करोड़ रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराई जानी है। इनमें से 11,399 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 5.50 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। शेष किसानों को बजट उपलब्ध होने पर नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ और बारिश से प्रभावित किसानों तथा अन्य आपदा पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

22,627 किसानों को मिलेगी राहत, तीन तहसीलों में हुआ नुकसान
जिलाधिकारी के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित किसानों की सूची में अमृतपुर, कायमगंज और सदर तहसील के किसान शामिल हैं। तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक, अमृतपुर तहसील के 14,708 किसान, कायमगंज तहसील के 7,015 किसान और सदर तहसील के 902 किसान राहत राशि के दायरे में हैं।इन किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में करीब 11.50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की योजना है। अब तक 11,399 किसानों को डीबीटी के माध्यम से 5.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष किसानों को बजट मिलने के बाद भुगतान करने की बात कही गई है।बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हुई हैं। ऐसे में कृषि निवेश अनुदान किसानों को नुकसान के बाद खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद देने के उद्देश्य से दिया जाता है। हालांकि, प्रत्येक किसान को मिलने वाली सहायता की राशि उसके पात्रता मानकों और नुकसान से संबंधित निर्धारित नियमों के आधार पर तय होती है।

अतिवृष्टि से 317 किसानों की फसल प्रभावित
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में अतिवृष्टि के कारण 317 किसानों की लगभग 105 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इन प्रभावित किसानों में से 204 किसानों को 10.55 लाख रुपये की सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है।फसल नुकसान के मामलों में पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसल प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सरकारी सहायता से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है। शेष पात्र किसानों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने नुकसान और पात्रता से संबंधित दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट रखें, ताकि सहायता वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।

मकान क्षति के 405 मामलों में 28 लाख रुपये निर्धारित
बाढ़ और अतिवृष्टि का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई परिवारों के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। जिलाधिकारी ने बताया कि मकान क्षति से जुड़े 405 मामलों में कुल 28 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। इनमें से अब तक 275 प्रभावित लोगों को 14.12 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।शेष पात्र लाभार्थियों को भी नियमानुसार भुगतान किए जाने की बात कही गई है। प्राकृतिक आपदा के दौरान मकानों को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और घरेलू जरूरतों को पूरा करने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में समय पर सहायता उपलब्ध कराना राहत कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।जिला प्रशासन के अनुसार, फसल नुकसान और मकान क्षति के मामलों में पात्रता के आधार पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों को प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
55 आपदा प्रभावित लाभार्थियों को कार्यक्रम में बांटी गई सहायता
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल 55 आपदा प्रभावित लाभार्थियों को राहत सहायता राशि वितरित की गई। इनमें सदर तहसील के नौ, अमृतपुर तहसील के 32 और कायमगंज तहसील के 14 लाभार्थी शामिल रहे।कार्यक्रम में सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि और निषाद राज पार्टी के अध्यक्ष अनिल निषाद मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की।कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के प्रयासों को सामने रखा गया। प्रशासन ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मत्स्य और उद्यान विभाग ने भी पहुंचाई मदद
राहत कार्यक्रम के दौरान कृषि और मकान क्षति के अलावा अन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मत्स्य एवं उद्यान विभाग की ओर से भी सहायता दी गई। मत्स्य विभाग ने पांच लाभार्थियों को एरिएशन सिस्टम और बोट प्रदान की। वहीं, उद्यान विभाग ने 10 लाभार्थियों को सब्जियों के बीज निःशुल्क वितरित किए।इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रभावित लोगों को उनकी जरूरतों के अनुसार सहयोग उपलब्ध कराना है। मत्स्य पालन से जुड़े लाभार्थियों को दिए गए उपकरण और बोट उनके कामकाज में उपयोगी हो सकते हैं, जबकि सब्जियों के बीज मिलने से पात्र लाभार्थियों को खेती संबंधी गतिविधियों में मदद मिल सकती है।
जनहानि पर चार लाख और गंगा कटान पीड़ितों को भी सहायता
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा के दौरान कायमगंज तहसील में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। शासन के निर्देशों के अनुसार, मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त गंगा नदी के कटान से प्रभावित सदर और कायमगंज तहसीलों के पीड़ितों को 1.30 लाख रुपये की राहत सहायता दी गई।उन्होंने बताया कि जिले में करीब दो महीने तक बाढ़ का प्रभाव रहा। अमृतपुर तहसील सबसे अधिक प्रभावित हुई, जबकि कायमगंज और सदर क्षेत्र में भी फसलों तथा मकानों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने राहत कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ राहत कार्यक्रम
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य सुप्रिया और आपदा प्रबंधन अधिकारी आयुष्मान परिहार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं लाभार्थी मौजूद रहे।फर्रुखाबाद में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 11.50 करोड़ रुपये की राहत सहायता का प्रावधान किया गया है। अब तक 11,399 किसानों के खातों में 5.50 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं, जबकि शेष पात्र किसानों को बजट उपलब्ध होने पर भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही फसल नुकसान, मकान क्षति और अन्य आपदा प्रभावित परिवारों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
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