फर्रुखाबाद में गणेश विसर्जन जुलूस का डीजे रोका, कमेटी ने किया विरोध

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

नवाबगंज/फर्रुखाबाद गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे रोके जाने को लेकर नवाबगंज में गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने विरोध जताया। कमल मंदिर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकली यात्रा में शामिल डीजे को थाना पुलिस ने रोककर थाने में खड़ा करा दिया। डीजे रोके जाने की जानकारी मिलते ही गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए डीजे को छोड़े जाने की मांग की।मामले को लेकर कुछ समय तक थाने में पुलिस और कमेटी पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। कमेटी के लोगों ने धार्मिक जुलूस के दौरान डीजे रोके जाने पर सवाल उठाते हुए नियमों के समान रूप से पालन की मांग की। बातचीत के बाद पुलिस ने डीजे को छोड़ दिया। इसके बाद गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे रवाना हुई।

गणेश विसर्जन यात्रा में रोका गया डीजे

जानकारी के अनुसार नवाबगंज क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए कमल मंदिर से जुलूस निकाला गया था। जुलूस में श्रद्धालुओं के साथ डीजे भी शामिल था। यात्रा आगे बढ़ रही थी, इसी दौरान थाना पुलिस ने डीजे को रोक लिया और उसे थाने में खड़ा करा दिया।डीजे को रोके जाने की जानकारी जब गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिली तो वे थाने पहुंच गए। कमेटी के लोगों ने पुलिस से डीजे रोकने का कारण पूछा और कार्रवाई पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।कमेटी पदाधिकारियों का कहना था कि गणेश प्रतिमा विसर्जन धार्मिक आयोजन से जुड़ा जुलूस है और इसमें शामिल श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकाल रहे थे। ऐसे में डीजे को रोककर थाने में खड़ा कराए जाने से आयोजन से जुड़े लोगों में नाराजगी पैदा हुई।

फर्रुखाबाद में गणेश विसर्जन जुलूस का डीजे रोका
फर्रुखाबाद में गणेश विसर्जन जुलूस का डीजे रोका

कमेटी पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी

थाने पहुंचे गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन को जो भी नियम लागू करने हैं, उन्हें सभी आयोजनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।कमेटी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अन्य समुदायों के जुलूसों में डीजे बजने पर जिस तरह की रोक-टोक उनके मुताबिक नहीं होती, उसी तरह गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान भी नियमों को समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। हालांकि, यह कमेटी पदाधिकारियों का आरोप है और पुलिस की ओर से इस तुलना या भेदभाव के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।कमेटी के लोगों ने पुलिस से मांग की कि धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों को स्पष्ट रूप से बताया जाए और सभी आयोजनों में उनका समान रूप से पालन कराया जाए।

पुलिस और कमेटी के बीच हुई बातचीत

विरोध के दौरान स्थिति को लेकर पुलिस अधिकारियों और गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। कमेटी के पदाधिकारियों ने डीजे छोड़े जाने की मांग की, जबकि पुलिस की ओर से आयोजन के दौरान लागू नियमों और व्यवस्था को लेकर बातचीत की गई।बातचीत के बाद पुलिस ने डीजे को छोड़ दिया। इसके बाद गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा दोबारा आगे बढ़ी। डीजे छोड़े जाने के बाद कमेटी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी यात्रा के साथ आगे रवाना हुए।इस दौरान किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई। मामले का समाधान बातचीत के जरिए होने के बाद विसर्जन यात्रा आगे बढ़ गई।

धार्मिक आयोजनों में नियमों के पालन पर जोर

गणेश प्रतिमा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी रहती है। डीजे, जुलूस का मार्ग, समय और ध्वनि से जुड़े नियमों का पालन भी इसी व्यवस्था का हिस्सा होता है।आयोजन समितियों की ओर से भी प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी होती है। वहीं पुलिस और प्रशासन से यह अपेक्षा रहती है कि नियमों को स्पष्ट तरीके से लागू किया जाए, ताकि किसी पक्ष में भ्रम या नाराजगी की स्थिति पैदा न हो।नवाबगंज में सामने आए मामले के बाद भी यही मुद्दा चर्चा में रहा कि धार्मिक जुलूसों के दौरान डीजे और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन क्या है और उसका पालन किस तरह कराया जा रहा है।

विसर्जन यात्रा में शामिल रहे श्रद्धालु

गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कमल मंदिर से निकली यात्रा में श्रद्धालु गणेश प्रतिमा के साथ आगे बढ़ रहे थे। डीजे रोके जाने के कारण कुछ समय के लिए यात्रा की व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन बाद में डीजे छोड़े जाने के बाद जुलूस आगे रवाना हो गया।श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए और विसर्जन यात्रा में हिस्सा लिया। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना था कि उनका उद्देश्य धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।

जिले में कई स्थानों पर निकलीं विसर्जन यात्राएं

फर्रुखाबाद जिले में गणेश महोत्सव के दौरान विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। महोत्सव के समापन के बाद श्रद्धालुओं की ओर से प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। कई स्थानों पर विसर्जन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।इन यात्राओं में ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ श्रद्धालुओं के शामिल होने की जानकारी भी सामने आती रही है। ऐसे आयोजनों में भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जाती है।नवाबगंज में डीजे रोके जाने की घटना भी इसी विसर्जन यात्रा के दौरान सामने आई। फिलहाल बातचीत के बाद डीजे छोड़े जाने और यात्रा आगे बढ़ने के बाद मामला शांत हो गया।

कमेटी ने की समान नियम लागू करने की मांग

गणेश महोत्सव कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि धार्मिक आयोजनों को लेकर जो भी नियम तय किए गए हैं, उनका सभी पर समान रूप से पालन कराया जाए। उनका कहना था कि आयोजकों को पहले से नियमों की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे जुलूस के दौरान किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति पैदा न हो।कमेटी ने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस और आयोजन समितियों के बीच बेहतर समन्वय से ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।फिलहाल डीजे छोड़े जाने के बाद गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा आगे रवाना हो गई। पुलिस और कमेटी के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी रही।

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