नवाबगंज में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन, बिजलीघर पर दिया धरना

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

नवाबगंज/फर्रुखाबाद नवाबगंज क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती, लो वोल्टेज और बार-बार होने वाले फॉल्ट से परेशान किसानों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के कार्यकर्ताओं ने बिजली की समस्या को लेकर बिजलीघर पर धरना दिया और विभागीय व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं होने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में रात के समय बार-बार बिजली आने-जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू स्वराज के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया। बड़ी संख्या में किसान अचरा मार्ग पर एकत्र हुए। इसके बाद किसान डीजे के साथ जुलूस निकालते हुए मुख्य बाजार से बिजलीघर पहुंचे। बिजलीघर परिसर में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने दरी बिछाई और धरना शुरू कर दिया।

बिजली कटौती को लेकर किसानों में नाराजगी

धरने के दौरान किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। किसानों का कहना था कि मौजूदा समय में फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत अधिक है, लेकिन आपूर्ति व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।किसानों के मुताबिक निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिलने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बिजली आने का कोई निश्चित समय नहीं रहने से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए इंतजार करना पड़ता है। कई बार रात में बिजली आती है और थोड़ी देर बाद चली जाती है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है।

नवाबगंज में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन
नवाबगंज में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन

22 घंटे की जगह करीब 10 घंटे आपूर्ति का दावा

भाकियू स्वराज के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने कहा कि नवाबगंज क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि नगर पंचायत क्षेत्र में करीब 22 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है, लेकिन लोगों को वास्तविक रूप से लगभग 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद भी लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इससे किसानों के सिंचाई उपकरण और अन्य विद्युत उपकरण प्रभावित होते हैं। इसके साथ ही आए दिन बिजली के फॉल्ट होने से आपूर्ति लंबे समय तक बाधित हो जाती है।किसानों ने कहा कि सिर्फ बिजली आने का समय बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वोल्टेज और फॉल्ट की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है। उनका कहना था कि बार-बार होने वाले फॉल्ट के कारण कई गांवों और मोहल्लों में घंटों बिजली गुल रहती है।

फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा असर

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। समय पर बिजली नहीं मिलने के कारण किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती में सिंचाई का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और बिजली कटौती के कारण उन्हें वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ते हैं।किसानों ने विभाग से मांग की कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए। जहां भी फॉल्ट हो, उसे तत्काल ठीक कराया जाए ताकि लंबे समय तक आपूर्ति बाधित न रहे।

नवाबगंज में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन
नवाबगंज में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन

त्योहारों के दौरान कटौती न करने की मांग

धरने के दौरान किसानों ने आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष मांग भी रखी। भाकियू स्वराज कार्यकर्ताओं ने कहा कि गणेश महोत्सव, दुर्गा महोत्सव और रामलीला जैसे आयोजनों के दौरान बिजली कटौती से लोगों को परेशानी हो सकती है।किसानों ने मांग की कि इन धार्मिक आयोजनों के दौरान शाम छह बजे से रात दस बजे तक बिजली कटौती नहीं की जाए। उनका कहना था कि शाम के समय होने वाले आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, इसलिए इस अवधि में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

काफी देर तक चले धरने के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन नवाबगंज के एसडीओ विद्यसागर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने, निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने, लो वोल्टेज की समस्या दूर करने और बार-बार होने वाले फॉल्ट को तत्काल ठीक कराने की मांग की।किसानों ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो संगठन आगे भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर सकता है। हालांकि, इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान भाकियू स्वराज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इनमें रंजीत राजपूत, पप्पू राठौर, अमित राठौर, विनीत राठौर, ब्रजेश सक्सेना समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।किसानों का कहना है कि बिजली की समस्या केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर घरेलू जरूरतों और ग्रामीण जनजीवन पर भी पड़ रहा है। अब किसानों की नजर बिजली विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर है।

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