मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम को भारत ने बताया खोखला, MEA का पलटवार

Editorial
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नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर घोषित 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की इस घोषणा को खोखला बताते हुए कहा कि सिर्फ इनाम घोषित करने या सार्वजनिक बयान देने से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई साबित नहीं होती। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को घोषणाओं और दिखावे के बजाय आतंकवाद के खिलाफ ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश, चीन और ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले से जुड़े मुद्दों पर भी भारत का रुख सामने आया। भारत ने समुद्री मार्गों में सुरक्षा और निर्बाध नौवहन की जरूरत पर जोर दिया।

मसूद अजहर पर इनाम को लेकर भारत का कड़ा जवाब

पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा किए जाने को लेकर विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया। इस पर रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की कार्रवाई पर सवाल उठाया।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोगों को गुमराह करने के लिए इस तरह की कवायद और दिखावे पहले भी सामने आते रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से ऐसी घोषणाएं खोखली साबित होती हैं।भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को केवल इनाम या घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ जमीन पर कार्रवाई करनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि ऐसी घोषणाओं का वास्तविक असर तभी होगा, जब उनके साथ ठोस कदम भी उठाए जाएं।

मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम को भारत ने बताया खोखला
मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम को भारत ने बताया खोखला

आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को संदेश

मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है और भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर पर इनाम की घोषणा को लेकर भारत की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।विदेश मंत्रालय का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ केवल सार्वजनिक घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ वास्तविक और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बैठक पर भी भारत ने रखी बात

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। यह बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी।रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान भारत की चिंताओं को भी सामने रखा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक-दूसरे के मूल हितों से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है।भारत ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक हित और पारस्परिक संवेदनशीलता को महत्वपूर्ण आधार बताया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर और आगे बढ़ाने के लिए इन सिद्धांतों पर ध्यान देना जरूरी है।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत से मिले दो निमंत्रण

विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को दिए गए निमंत्रण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत की ओर से उन्हें दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए थे।पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए था। इसके बाद बांग्लादेश को BIMSTEC की अध्यक्षता की भूमिका के तहत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी निमंत्रण दिया गया।इस तरह विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों निमंत्रण अलग-अलग उद्देश्यों और मंचों से जुड़े थे। भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय सहयोग के मुद्दे भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

ओमान तट के पास जहाज पर हमले से भारत चिंतित

प्रेस ब्रीफिंग में ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले का मुद्दा भी उठा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पनामा के झंडे वाला था और उस पर 14 भारतीय नागरिक/नाविक सवार थे।विदेश मंत्रालय के अनुसार, इनमें से 13 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी लापता है। उसकी तलाश और बचाव अभियान जारी है। इस अभियान में ओमानी अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं।भारत का दूतावास ओमानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और लापता भारतीय नाविक की तलाश से जुड़ी जानकारी पर नजर रख रहा है।

सुरक्षित समुद्री मार्गों पर भारत का जोर

वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना अस्वीकार्य है।भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के सुरक्षित प्रवाह को जल्द बहाल करने की जरूरत पर भी जोर दिया।समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत ने सुरक्षित नौवहन को लेकर अपनी चिंता स्पष्ट की है।

कई अहम मुद्दों पर भारत का रुख साफ

विदेश मंत्रालय की मंगलवार की प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और ओमान से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए। मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम को लेकर भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं।वहीं चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत ने पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता पर जोर दिया। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को दिए गए दो निमंत्रणों की स्थिति भी स्पष्ट की गई। दूसरी ओर, ओमान के पास जहाज पर हुए हमले में 13 भारतीयों के सुरक्षित बचाए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि एक भारतीय नाविक की तलाश जारी है।विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद, क्षेत्रीय संबंधों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सुरक्षित व्यापारिक गतिविधियों के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।

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