IIFA Connex Edition 3: संगीत की बदलती दुनिया पर सितारों ने की चर्चा, AI और एल्गोरिदम के दौर में कलाकारों की भूमिका पर मंथन

Editorial
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मुंबई मनोरंजन और संगीत जगत में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच IIFA Connex Edition 3 में कलाकारों, संगीत विशेषज्ञों और डिजिटल इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों ने एक मंच पर भविष्य के संगीत पर चर्चा की। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष मंथन हुआ कि डिजिटल दौर में किसी गाने को हिट बनाने में कलाकार, दर्शक, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम में से किसकी सबसे बड़ी भूमिका है।कार्यक्रम का प्रमुख सत्र “संगीत के नए नियम – कलाकार, एल्गोरिदम और दर्शक: आज किसी गाने को हिट कौन बनाता है?” विषय पर केंद्रित रहा। इस दौरान वक्ताओं ने बदलते म्यूजिक इंडस्ट्री लैंडस्केप, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वायरल संस्कृति और कलाकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

आंद्रे टिमिन्स ने साझा किया IIFA Connex का विजन

आईफा के सह-संस्थापक आंद्रे टिमिन्स कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। उन्होंने IIFA Connex के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मनोरंजन उद्योग में लंबे समय से ऐसे मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां कलाकार और इंडस्ट्री से जुड़े लोग औपचारिक आयोजनों से आगे बढ़कर स्वतंत्र और सार्थक बातचीत कर सकें।उनके अनुसार, IIFA Connex को केवल एक मनोरंजन उद्योग कार्यक्रम तक सीमित रखने की योजना नहीं है। इसे एक ऐसे रचनात्मक मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां संगीत, सिनेमा, फैशन, मीडिया, कारोबार, संस्कृति और तकनीक एक-दूसरे से जुड़ सकें।

नई प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

आंद्रे टिमिन्स ने बताया कि IIFA Connex का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी एक मंच उपलब्ध कराना है। इसके जरिए नए कलाकारों, रचनाकारों और इंडस्ट्री के अनुभवी लोगों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि नए दौर में मनोरंजन उद्योग केवल फिल्मों और पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कलाकारों को दुनिया भर के दर्शकों तक सीधे पहुंचने का अवसर दिया है। ऐसे में रचनात्मक समुदाय के लिए संवाद और सहयोग के नए रास्ते तैयार करना जरूरी है।

डिजिटल दौर में बदल रही संगीत की दुनिया

सत्र में इस बात पर चर्चा हुई कि आज किसी गाने की लोकप्रियता केवल रेडियो, टीवी या फिल्म की सफलता पर निर्भर नहीं करती। YouTube, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म ने संगीत को सुनने और खोजने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है।यूट्यूब में भारत के संगीत साझेदारी, कलाकार एवं लेबल संबंधों के प्रमुख रामप्रसाद सुंदर ने डिजिटल माध्यमों के जरिए भारतीय, क्षेत्रीय और स्वतंत्र कलाकारों की बढ़ती वैश्विक पहुंच पर विचार साझा किए।उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने क्षेत्रीय भाषाओं और स्वतंत्र संगीतकारों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने की संभावनाएं बढ़ाई हैं।

मीका सिंह बोले- भावनाएं रहेंगी संगीत के केंद्र में

गायक मीका सिंह ने तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच संगीत की मूल भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक किसी गाने को दर्शकों तक पहुंचाने का तरीका बदल सकती है, लेकिन संगीत की भावनाएं और कलाकार की आवाज उसकी पहचान का अहम हिस्सा बनी रहेंगी।उनकी बात ने इस बहस को नया आयाम दिया कि भले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक तेजी से बदल रहे हों, लेकिन संगीत से जुड़ा मानवीय जुड़ाव आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

नोरा फतेही ने भाषा की सीमाओं पर की बात

अभिनेत्री और कलाकार नोरा फतेही ने संगीत की बढ़ती वैश्विक पहुंच पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज संगीत भाषाई और भौगोलिक सीमाओं को पार कर नए दर्शकों तक पहुंच सकता है।डिजिटल माध्यमों ने अलग-अलग देशों और भाषाओं के कलाकारों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम किया है। इससे भारतीय संगीत के लिए भी वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा हुए हैं।

राजा कुमारी ने रचनात्मक पहचान पर दिया जोर

कलाकार राजा कुमारी ने एल्गोरिदम और आंकड़ों के बढ़ते प्रभाव के बीच कलाकार की रचनात्मक पहचान और प्रामाणिकता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।उनके अनुसार, वायरल होना किसी कलाकार की सफलता का एक पैमाना हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक पहचान बनाए रखने के लिए रचनात्मकता और अपनी अलग आवाज जरूरी है। डिजिटल युग में कलाकारों को ट्रेंड और डेटा को समझने के साथ अपनी मौलिकता भी बनाए रखनी होगी।

IIFA Connex को नियमित मंच बनाने की योजना

आंद्रे टिमिन्स ने कहा कि IIFA हमेशा सिनेमा और संस्कृति के जरिए लोगों को जोड़ने में विश्वास करता रहा है। IIFA Connex इसी सोच का आधुनिक विस्तार है।आयोजकों का लक्ष्य इस मंच को भविष्य में रचनात्मक सोच, सहयोग और सांस्कृतिक संवाद का नियमित प्लेटफॉर्म बनाना है। इसके जरिए मनोरंजन जगत में नए विचारों और प्रयोगों को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।IIFA Connex Edition 3 में संगीत के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की नई चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में कलाकारों और विशेषज्ञों ने माना कि आज किसी गाने की सफलता में कलाकार की प्रतिभा के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म, एल्गोरिदम, दर्शकों की पसंद और तकनीक की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।हालांकि चर्चा का सबसे अहम संदेश यही रहा कि तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, संगीत की भावनात्मक ताकत, कलाकार की मौलिकता और दर्शकों से उसका जुड़ाव उसकी सफलता की बुनियाद बने रहेंगे।

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