भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है। खासकर उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी भारत के राज्यों में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं का असर तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 18 अप्रैल के बाद से हरियाणा से शुरू हुई हीटवेव अब धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत में फैल चुकी है। आने वाले दो हफ्तों तक राहत की कोई संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में गर्मी का असर
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दिन के समय तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा रहा है। कई शहरों में लू (Heatwave) जैसी स्थिति बन रही है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी का असर सामान्य से ज्यादा तेज है और इसका असर खेती, पानी की उपलब्धता और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

यूपी और दिल्ली में हीटवेव की स्थिति गंभीर
उत्तर प्रदेश और दिल्ली में इस समय गर्मी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। IMD ने इन दोनों राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। खासकर पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर में गर्म हवाओं का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि केवल दिन ही नहीं बल्कि रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहेंगी। इसे “Warm Night Condition” कहा जाता है। इसका मतलब है कि रात के समय भी तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में रात का तापमान सामान्य से 3–4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की गर्मी में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत में बारिश से राहत की उम्मीद
जहां उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं उत्तर-पूर्वी राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश से राहत मिलने की संभावना है।
असम और मेघालय में 25 से 27 अप्रैल के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान तेज हवाएं (50–60 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश के आसार हैं।
भारी बारिश से कुछ इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और कर्नाटक में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं केरल और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इस बदलाव से इन क्षेत्रों में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन इसका असर उत्तर भारत पर नहीं पड़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार 30 अप्रैल से 6 मई के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है, जो हिमालयी राज्यों को प्रभावित करेगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी के संकेत हैं। इससे कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि मैदानी इलाकों जैसे यूपी, बिहार और दिल्ली पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा।
पिछले सप्ताह का मौसम कैसा रहा?
पिछले सप्ताह देश के कई हिस्सों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। हरियाणा से शुरू हुई हीटवेव धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक पहुंच गई।
उत्तर भारत, पश्चिम भारत और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य से ऊपर रहा। कई शहरों में गर्म हवाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
दूसरी ओर असम और मेघालय में भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने मौसम को अस्थिर बना दिया। मध्य भारत और दक्षिण भारत में भी कुछ स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि देखी गई।
IMD की सलाह और जनता के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।
कृषि कार्य करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह या शाम के समय ही काम करें। सिंचाई और पशुओं की देखभाल में भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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