कालपी की बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत! 10 MVA पावर ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस पूरा, अब मिलेगी निर्बाध बिजली

Editorial
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रिपोर्ट:पंकज सिंह

कालपी (जालौन) भीषण गर्मी हो या बरसात का मौसम, बिजली आपूर्ति में आने वाली छोटी-सी तकनीकी खराबी भी हजारों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। ऐसे में विद्युत विभाग ने कालपी नगर की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। स्थानीय 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र कालपी में स्थापित 10 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर का निर्धारित कार्यक्रम के तहत व्यापक तकनीकी मेंटेनेंस किया गया। इस कार्य के पूरा होने के बाद विभाग का दावा है कि क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक सुचारु, सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।विद्युत विभाग की इस पहल को क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेंटेनेंस कार्य के दौरान ट्रांसफार्मर के सभी प्रमुख उपकरणों की गहन जांच की गई और जहां भी तकनीकी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर किया गया।

अवर अभियंता की निगरानी में चला विशेष अभियान

मेंटेनेंस कार्य अवर अभियंता सत्य प्रकाश गौतम की निगरानी में संपन्न कराया गया। विभागीय तकनीकी टीम ने पूरे ट्रांसफार्मर की बारीकी से जांच करते हुए उसकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया।इस दौरान ट्रांसफार्मर के इंसुलेटर, डिस्क, केबल, फेस, विद्युत तारों और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की विस्तृत जांच की गई। जिन हिस्सों में घिसावट, तकनीकी कमजोरी या संभावित खराबी की आशंका थी, वहां तत्काल मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य किए गए।तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर इस तरह का मेंटेनेंस भविष्य में होने वाली बड़ी खराबियों और अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर देता है।

उपकेंद्र में हैं दो-दो 10 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर

उल्लेखनीय है कि 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र कालपी में 10-10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनके माध्यम से नगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जाती है।हाल ही में इनमें से एक ट्रांसफार्मर में कुछ तकनीकी कमियां सामने आई थीं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए किसी बड़े फॉल्ट या बिजली संकट का इंतजार करने के बजाय पूर्व निर्धारित रखरखाव योजना के तहत तुरंत मेंटेनेंस कराने का निर्णय लिया।इस सक्रिय पहल के चलते संभावित तकनीकी खराबी को समय रहते दूर कर लिया गया, जिससे भविष्य में उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा से बचाया जा सकेगा।

बिजली आपूर्ति होगी पहले से अधिक विश्वसनीय

विद्युत विभाग का कहना है कि इस मेंटेनेंस के बाद ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता पहले से बेहतर हो गई है। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी और ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी की आशंका भी कम होगी।विशेष रूप से गर्मी और बरसात के मौसम में जब बिजली की मांग बढ़ जाती है, तब इस तरह का रखरखाव उपभोक्ताओं को राहत देने में अहम भूमिका निभाता है। विभाग का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और बिना बाधा के आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

नियमित निगरानी से रोकी जाएंगी बड़ी खराबियां

अवर अभियंता सत्य प्रकाश गौतम ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र के सभी ट्रांसफार्मरों की नियमित तकनीकी निगरानी की जा रही है। विभाग की प्राथमिकता यह है कि किसी भी उपकरण में यदि छोटी-सी तकनीकी कमी भी दिखाई दे, तो उसे तुरंत दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि समय पर रखरखाव और तकनीकी जांच से न केवल उपकरणों की आयु बढ़ती है, बल्कि अचानक होने वाले फॉल्ट, बिजली कटौती और बड़े आर्थिक नुकसान से भी बचाव होता है।उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार आधुनिक तकनीकों और नियमित निरीक्षण व्यवस्था पर काम कर रहा है।

तकनीकी टीम ने निभाई अहम भूमिका

मेंटेनेंस कार्य को सफल बनाने में विभाग की तकनीकी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस दौरान तकनीशियन विनोद कुमार, अभिषेक धीर, भूपेंद्र सिंह, रिंकू पोरवाल, दिलीप कुमार, अजय कुमार निगम, फहमीद खान, सादिक सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों ने पूरे समर्पण के साथ कार्य किया।तकनीकी टीम ने निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ट्रांसफार्मर की विस्तृत जांच, मरम्मत और परीक्षण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया।

उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

विद्युत विभाग के इस रखरखाव अभियान का सीधा लाभ कालपी नगर और आसपास के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। बेहतर तकनीकी स्थिति के कारण बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी, अनावश्यक ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाओं में कमी आएगी तथा लंबे समय तक निर्बाध बिजली मिलने की संभावना बढ़ेगी।बढ़ती बिजली मांग और आधुनिक जीवनशैली को देखते हुए विद्युत अधोसंरचना का समय-समय पर रखरखाव बेहद आवश्यक माना जाता है। ऐसे में कालपी विद्युत उपकेंद्र में किया गया यह मेंटेनेंस कार्य केवल एक नियमित प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की निर्बाध और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।विद्युत विभाग का कहना है कि आगे भी सभी उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरों की नियमित तकनीकी जांच जारी रहेगी, ताकि किसी भी संभावित खराबी को समय रहते दूर कर उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।

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