कालपी (जालौन) पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार और वन विभाग का वृहद वृक्षारोपण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इसी अभियान के तहत जालौन के उसरगांव में आयोजित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सहजन (मोरिंगा) के पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम केवल पौधे बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण, पौधों की देखभाल और हरित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।कार्यक्रम की अगुवाई झांसी मंडल के मुख्य वन संरक्षक एच.वी. गिरीश ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
सहजन के पौधों से हर घर तक पहुंचेगा हरियाली का संदेश
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सहजन के पौधे वितरित किए गए। सहजन को पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर पौधा माना जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।वन विभाग का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक हरियाली का संदेश पहुंचाना है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को पौधारोपण के प्रति जागरूक करें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें।
पूर्व विधायक ने किया पौधारोपण, दिलाया संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने स्वयं पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है।

“पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी हमारी जिम्मेदारी”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वन संरक्षक एच.वी. गिरीश ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनेंगे।उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज के सबसे नजदीक काम करती हैं और यदि वे इस अभियान से जुड़ती हैं तो इसका प्रभाव हजारों परिवारों तक पहुंचेगा।
1 जुलाई से लगातार चल रहा है वृहद वृक्षारोपण अभियान
जनपद के उपवन संरक्षक प्रदीप कुमार एवं वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 1 जुलाई से व्यापक वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लगातार पौधारोपण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीणों को इस अभियान से जोड़ा गया है ताकि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जा सके।उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाने की अपील की।
ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सहजन के पौधे प्राप्त कर उन्हें अपने क्षेत्रों में लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।कार्यक्रम के दौरान हरित वातावरण और सामूहिक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो पर्यावरण संरक्षण का सपना साकार किया जा सकता है।

वन विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर वन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभागीय दरोगा वर्षा सिंह, अजीत कुमार, महेंद्र कुमार, मन्ना सिंह सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
हरियाली ही सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी
उसरगांव में आयोजित यह कार्यक्रम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के मन में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव भी जागृत कर गया। सहजन जैसे उपयोगी पौधों का वितरण यह संदेश देता है कि हरियाली केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। यदि लगाए गए पौधों की ईमानदारी से देखभाल की जाए, तो यह अभियान आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

