लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण, 50 हजार पत्थरों से निर्माण

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भगवान श्री हनुमान की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। फन रिपब्लिक मॉल परिसर में स्थापित 24 फीट ऊंची और लगभग 600 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा को 50 हजार से अधिक पत्थरों से तैयार किया गया है। प्रतिमा पर अंकित ‘राम-राम’ नाम इसकी सबसे खास विशेषताओं में शामिल है। मंगलवार को विधायक डॉ. नीरज बोरा ने प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा श्रद्धा, भक्ति, शिल्पकला और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का अनूठा संगम है।प्रतिमा की विशालता के साथ-साथ इसके निर्माण में इस्तेमाल किए गए पत्थरों और उन पर की गई नक्काशी ने इसे खास पहचान दी है। भगवान हनुमान को प्रभु श्रीराम का अनन्य भक्त माना जाता है। इसी आस्था और भक्ति के भाव को प्रतिमा के स्वरूप में उकेरने का प्रयास किया गया है। फन रिपब्लिक मॉल परिसर में स्थापित यह प्रतिमा अब शहरवासियों और यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण
लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण

50 हजार से अधिक पत्थरों से तैयार हुई प्रतिमा

इस भव्य हनुमान प्रतिमा की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसके निर्माण में इस्तेमाल किए गए 50 हजार से अधिक पत्थर हैं। इन पत्थरों को विशेष तरीके से आकार देकर प्रतिमा का स्वरूप तैयार किया गया है। प्रतिमा पर ‘राम-राम’ नाम अंकित होने से इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है।भगवान श्री हनुमान की पहचान प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, समर्पण और भक्ति से जुड़ी है। प्रतिमा में राम नाम को स्थान देकर इसी धार्मिक भावना को दर्शाने की कोशिश की गई है। इस वजह से यह कलाकृति केवल अपनी ऊंचाई और आकार के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट बनावट के कारण भी चर्चा में है।

30 दिनों में तैयार हुई 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा

प्रतिमा के निर्माण में कारीगरों ने विशेष मेहनत की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे तैयार करने में लगभग 30 दिन लगे। निर्माण के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से विशेष पत्थर मंगाए गए। इसके बाद पत्थरों को काटने, आकार देने और उन पर बारीक नक्काशी करने का काम किया गया।बताया गया कि पत्थरों को आकार देने और उन पर नक्काशी करने की प्रक्रिया में लगभग 10 दिन लगे। प्रतिमा को अंतिम रूप देने के लिए अलग-अलग राज्यों से आए 20 से 25 कुशल कारीगरों ने मिलकर काम किया। पारंपरिक शिल्पकला और तकनीकी सहयोग के जरिए पत्थरों को एक भव्य प्रतिमा का स्वरूप दिया गया।इस तरह कम समय में तैयार की गई यह विशाल प्रतिमा कारीगरों के कौशल और सामूहिक मेहनत का उदाहरण बनकर सामने आई है। प्रतिमा की ऊंचाई, वजन और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इसे परिसर की प्रमुख विशेषताओं में शामिल करती है।

लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण
लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण

एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा होने का दावा

फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन के अनुसार, 24 फीट ऊंची यह प्रतिमा किसी संस्थान या परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा होने का दावा रखती है। प्रबंधन का यह भी कहना है कि किसी एशियाई मॉल परिसर में इतनी विशाल हनुमान प्रतिमा स्थापित किए जाने का उदाहरण सामने नहीं आया है।प्रतिमा को Asia Book of Records और India Book of Records में दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, एशिया में सबसे बड़ी प्रतिमा होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि और रिकॉर्ड में दर्ज प्रविष्टि का विवरण अलग से सत्यापित किया जाना जरूरी है। फिलहाल मॉल प्रबंधन ने इसे अपनी विशिष्ट उपलब्धियों में शामिल किया है।

विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया अनावरण

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भगवान श्री हनुमान की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर फन रिपब्लिक मॉल परिसर में स्थापित प्रतिमा को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।मॉल प्रबंधन के मुताबिक, प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य परिसर में आने वाले लोगों को मनोरंजन और खरीदारी के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर देना है। प्रबंधन ने इसे अपने लिए सौभाग्य और गर्व का विषय बताया।

मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक अनुभव देने की पहल

फन रिपब्लिक मॉल में स्थापित यह प्रतिमा शहरी जीवन के बीच धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की पहल के रूप में देखी जा रही है। मॉल जैसे सार्वजनिक परिसर में भगवान हनुमान की इतनी विशाल प्रतिमा स्थापित होने से यहां आने वाले लोगों का ध्यान इसकी ओर आकर्षित हो सकता है।प्रतिमा पर अंकित राम नाम इसकी पहचान का प्रमुख हिस्सा है। भगवान श्रीराम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखती है। इसी भाव को पत्थरों पर उकेरने का प्रयास इस प्रतिमा को दूसरी कलाकृतियों से अलग बनाता है।

लखनऊ के धार्मिक-सांस्कृतिक आकर्षण में जुड़ सकती है नई पहचान

लखनऊ अपनी ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। ऐसे में फन रिपब्लिक मॉल परिसर में स्थापित यह प्रतिमा शहर के नए आकर्षणों में शामिल हो सकती है। इसकी ऊंचाई, पत्थरों की संख्या और निर्माण में लगे कारीगरों की मेहनत लोगों के बीच उत्सुकता पैदा कर सकती है।24 फीट ऊंची और लगभग 600 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा के जरिए भगवान हनुमान की भक्ति, शक्ति और समर्पण का संदेश प्रस्तुत किया गया है। प्रतिमा के निर्माण में 50 हजार से अधिक पत्थरों का इस्तेमाल और उन पर राम नाम अंकित होना इसकी खासियत है।फन रिपब्लिक मॉल में स्थापित यह भव्य हनुमान प्रतिमा लखनऊ में धार्मिक आस्था और पारंपरिक शिल्पकला का नया उदाहरण बनकर सामने आई है। अब यह देखना होगा कि रिकॉर्ड से जुड़े दावों की पुष्टि और आगंतुकों की प्रतिक्रिया के बाद इसे शहर की विशिष्ट पहचान के रूप में कितनी लोकप्रियता मिलती है।

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