मुरादाबाद के कांठ में खाद्य जांच, 20 नमूनों में एक फेल; छेना रसगुल्ले की जांच

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद त्योहारों के सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कांठ क्षेत्र में विशेष जांच और जागरूकता अभियान चलाया। मोबाइल फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से मिठाई की दुकानों और किराना प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की जांच की गई। अभियान के दौरान कुल 20 नमूनों की जांच हुई, जिनमें 19 नमूने निर्धारित जांच मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि छेना रसगुल्ले का एक नमूना स्टार्च की जांच में फेल हो गया। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कारोबारियों को जागरूक करना है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इसके साथ ही किराना दुकानों पर उपलब्ध अरहर, उड़द और मसूर की दाल के नमूने भी जांचे गए। विभाग ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और दुकानों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुरादाबाद के कांठ में खाद्य जांच, 20 नमूनों में एक फेल
मुरादाबाद के कांठ में खाद्य जांच, 20 नमूनों में एक फेल

20 नमूनों की जांच में 19 मानकों के अनुरूप

कांठ क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान मोबाइल फूड सेफ्टी वैन की मदद से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इस प्रक्रिया में कुल 20 नमूनों की जांच हुई। इनमें 19 नमूने जांच के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि छेना रसगुल्ले का एक नमूना स्टार्च की जांच में फेल हो गया।त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता और शुद्धता पर निगरानी रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में विभाग की ओर से की गई जांच का मकसद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी गड़बड़ियों की पहचान करना और कारोबारियों को नियमों के प्रति सचेत करना है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छेना रसगुल्ले का नमूना स्टार्च जांच में फेल हुआ है। इसे अपने आप में किसी व्यापक मिलावट की पुष्टि नहीं माना जा सकता। नमूने से जुड़ी विस्तृत प्रयोगशाला रिपोर्ट या आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

मुरादाबाद के कांठ में खाद्य जांच, 20 नमूनों में एक फेल
मुरादाबाद के कांठ में खाद्य जांच, 20 नमूनों में एक फेल

इन मिठाई दुकानों पर हुई खाद्य पदार्थों की जांच

खाद्य सुरक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान क्वालिटी स्वीट्स, हाजी जी स्वीट्स, श्रीनाथ स्वीट्स, सुलेमान स्वीट्स और मुगल स्वीट्स समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थों की जांच की गई।मिठाइयों के अलावा किराना दुकानों से अरहर, उड़द और मसूर की दाल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। इस तरह अभियान में मिठाई और रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली खाद्य सामग्री को शामिल किया गया।मोबाइल फूड सेफ्टी वैन के जरिए जांच किए जाने से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक गुणवत्ता संबंधी पड़ताल करने में मदद मिली। विभाग का प्रयास है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

32 खाद्य कारोबारियों को बताए गए सुरक्षा के नियम

जांच अभियान के साथ खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। विभाग की ओर से कुल 32 खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त एक जागरूकता कार्यक्रम और एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।इन कार्यक्रमों के माध्यम से कारोबारियों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के रखरखाव, साफ-सफाई और निर्धारित मानकों का पालन करने के बारे में बताया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केवल जांच ही नहीं, बल्कि कारोबारियों की जिम्मेदारी और जागरूकता भी जरूरी है।दुकानों और रसोई में साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने और कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

FSSAI लाइसेंसयुक्त स्रोतों से ही खरीदें खाद्य सामग्री

अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि वे खाद्य सामग्री केवल FSSAI लाइसेंसयुक्त स्रोतों से ही खरीदें। विभाग ने प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल नहीं करने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।कारोबारियों को दुकानों और रसोई में साफ-सफाई रखने के साथ खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की सलाह दी गई। कर्मचारियों को हेड कैप, मास्क, एप्रन और दस्तानों का उपयोग कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि खाद्य सामग्री को संभालते समय स्वच्छता के नियमों का पालन हो सके।इसके अलावा खाद्य कारोबारियों से अपने प्रतिष्ठानों पर खाद्य लाइसेंस को प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया। विभाग के अनुसार, इन नियमों का पालन खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में मदद मिलती है।

त्योहारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी

त्योहारों के समय मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है। कांठ क्षेत्र में चलाया गया अभियान इसी दिशा में की गई कार्रवाई का हिस्सा है।खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जांच के साथ जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर विभाग कारोबारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत कर रहा है।कांठ में हुई जांच के दौरान 20 नमूनों में से 19 निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि एक छेना रसगुल्ले का नमूना स्टार्च जांच में फेल हुआ। अब इस नमूने से जुड़ी आगे की जांच या कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों को दिए गए निर्देशों का पालन करना और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। त्योहारों के दौरान इस तरह की जांच और जागरूकता गतिविधियां खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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