लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां दिवंगत उमाशंकर सिंह के आवास पहुंचीं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मायावती ने परिवार के सदस्यों से बातचीत करते हुए इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को हर संभव मानसिक संबल देने का भरोसा भी जताया।
मायावती ने जताया शोक
बसपा प्रमुख मायावती का यह दौरा पूरी तरह शोक संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से रहा। उन्होंने दिवंगत उमाशंकर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कुछ समय तक परिवार के साथ बैठकर उनकी कुशलक्षेम पूछी और दुख साझा किया।राजनीतिक गलियारों में इसे एक मानवीय और संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है। किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर नेताओं का इस तरह शोक व्यक्त करने पहुंचना भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा की एक सकारात्मक तस्वीर माना जाता है।

शिवपाल यादव भी पहुंचे थे आवास
मायावती के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव भी उमाशंकर सिंह के आवास पहुंचे थे। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।शिवपाल यादव ने भी परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने जताई संवेदना
उमाशंकर सिंह के निधन की खबर के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का उनके आवास पर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।नेताओं ने परिवार के साथ मुलाकात कर दुख साझा किया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में योगदान देने वाले व्यक्तियों की कमी हमेशा महसूस की जाती है। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने दिवंगत के व्यक्तित्व और उनके सामाजिक योगदान को भी याद किया।
शोक का माहौल
उमाशंकर सिंह के आवास पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा। स्थानीय नागरिकों, समर्थकों और परिचितों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।घर का माहौल पूरी तरह गमगीन दिखाई दिया। परिवार के सदस्य लगातार आने वाले लोगों से मिलते रहे और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
राजनीति से ऊपर मानवीय संवेदना
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर विभिन्न दलों के नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद देखने को मिलते हैं, लेकिन शोक की घड़ी में सभी नेताओं का एक मंच पर आना भारतीय राजनीति की संवेदनशील परंपरा को दर्शाता है।मायावती और शिवपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं का अलग-अलग समय पर पहुंचकर श्रद्धांजलि देना इस बात का संकेत है कि व्यक्तिगत और सामाजिक रिश्ते राजनीतिक सीमाओं से कहीं आगे होते हैं।
समर्थकों ने भी दी श्रद्धांजलि
दिवंगत उमाशंकर सिंह के समर्थकों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। कई लोगों ने उनके साथ बिताए गए समय और उनके व्यवहार को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे।श्रद्धांजलि सभा के दौरान मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
लखनऊ में चर्चा का विषय बना दौरा
मायावती और शिवपाल यादव के अलग-अलग समय पर उमाशंकर सिंह के आवास पहुंचने की घटना राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि दोनों नेताओं का दौरा पूरी तरह शोक संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी रही।फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी नहीं की गई। उन्होंने केवल दिवंगत के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की और परिवार के प्रति संवेदना जताई।लखनऊ में दिवंगत उमाशंकर सिंह के आवास पर पहुंचकर बसपा प्रमुख मायावती ने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इससे पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। दोनों नेताओं की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि दुख की घड़ी में राजनीतिक सीमाएं पीछे छूट जाती हैं और मानवीय संवेदनाएं सबसे ऊपर होती हैं। फिलहाल उमाशंकर सिंह के निधन पर प्रदेशभर से शोक संदेश आने का सिलसिला जारी है।
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