लखनऊ विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मेदांता लखनऊ में मरीजों और उनके परिवारों के लिए विशेष मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और हार्ट डिजीज से जुड़े सवालों का जवाब विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को हृदय रोग के लक्षण, बचाव, आधुनिक उपचार और विभिन्न प्रकार की हृदय सर्जरी के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों और उनके परिवारों से सीधे बातचीत की। लोगों ने हृदय रोग से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। डॉक्टरों ने इस बात पर जोर दिया कि हृदय से जुड़ी समस्या के लक्षणों को शुरुआती स्तर पर पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
मरीजों ने डॉक्टरों से सीधे पूछे सवाल
मेदांता लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिवारों को डॉक्टरों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। लोगों ने हार्ट डिजीज, सर्जरी, इलाज की प्रक्रिया और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से जुड़े सवाल पूछे।कार्यक्रम में मेदांता लखनऊ के डायरेक्टर, कार्डियक सर्जरी डॉ. गौरंगा मजूमदार, डायरेक्टर क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी डॉ. आरके सरन, डायरेक्टर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. एसके द्विवेदी, डायरेक्टर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. पीके गोयल और डायरेक्टर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. माहिम सरन ने मरीजों और उनके परिवारों से बातचीत की।विशेषज्ञों ने हृदय रोग के उपचार में इस्तेमाल होने वाली अलग-अलग प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। इनमें ओपन हार्ट सर्जरी, मिनिमल इनवेसिव सर्जरी और कैथेटर बेस्ड प्रोसीजर्स प्रमुख रहे। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की बीमारी और उसकी स्थिति के आधार पर उपचार का तरीका तय किया जाता है।

ओपन हार्ट से लेकर मिनिमल इनवेसिव सर्जरी तक की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने लोगों को बताया कि हृदय रोग के इलाज के लिए आज कई आधुनिक चिकित्सा विकल्प उपलब्ध हैं। हर मरीज के लिए एक जैसा उपचार जरूरी नहीं होता। बीमारी की गंभीरता, मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और अन्य चिकित्सकीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ उपचार की प्रक्रिया तय करते हैं।मरीजों को मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के बारे में भी जानकारी दी गई। इस तरह की तकनीकों में चिकित्सा विशेषज्ञ आधुनिक प्रक्रियाओं के जरिए उपचार करते हैं। इसके अलावा कैथेटर आधारित प्रक्रियाओं के बारे में भी लोगों को समझाया गया कि किन परिस्थितियों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि इंटरनेट या सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामान्य जानकारी के आधार पर खुद इलाज करने के बजाय हृदय संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लें।
सीने में दर्द और सांस की परेशानी को न करें नजरअंदाज
कार्यक्रम के दौरान मेदांता हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने हृदय रोग से बचाव और इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शरीर में दिखाई देने वाले कुछ संकेतों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।उन्होंने विशेष रूप से सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में परेशानी, अचानक अधिक पसीना आना, असामान्य थकान और बेचैनी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।डॉ. राकेश कपूर ने यह भी बताया कि हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए रोजमर्रा की जीवनशैली पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को नियंत्रित रखना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जैसे कदम हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
बदलती जीवनशैली से बढ़ रही हृदय स्वास्थ्य की चिंता
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव जैसी स्थितियां स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।विश्व हृदय दिवस जैसे अवसरों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोग से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने यह भी समझाया कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय संबंधी समस्या है तो उसे डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और सलाह का पालन करना चाहिए। किसी भी दवा को अपने स्तर पर बंद या शुरू करने से बचना चाहिए।
मरीजों और परिजनों को मिली विशेषज्ञ सलाह
मेदांता लखनऊ के इस विशेष कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। लोगों ने हृदय रोग से बचाव, शुरुआती लक्षणों, इलाज के विकल्प और सर्जरी से जुड़े सवाल डॉक्टरों के सामने रखे।विशेषज्ञों ने लोगों की जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए बताया कि हृदय संबंधी बीमारी के मामलों में समय पर पहचान और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में डॉक्टरों और मरीजों के बीच सीधे संवाद से लोगों को अपने स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को समझने का अवसर मिला।
विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता का संदेश
विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और हृदय रोगों से बचाव के महत्व को समझाना है। मेदांता लखनऊ में आयोजित मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक जागरूकता पहल रहा।कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उपचार के आधुनिक विकल्पों के साथ-साथ बचाव और शुरुआती लक्षणों की जानकारी साझा की। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी गंभीर संकेत को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।मरीजों और उनके परिवारों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम ने उन्हें विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब हासिल करने का अवसर दिया। विश्व हृदय दिवस के मौके पर आयोजित यह पहल लोगों को अपने दिल की सेहत के प्रति अधिक सजग रहने का संदेश देती है।
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