तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाया, 0.0500 हेक्टेयर भूमि मुक्त

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद जिले में सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में बिलारी तहसील क्षेत्र के ग्राम रतनपुर कलां में प्रशासन ने तालाब की सुरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया और करीब 0.0500 हेक्टेयर तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराया।प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद तालाब के लिए दर्ज सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों की ओर से सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर सख्ती बरतने का संदेश दिया गया है।

बिलारी तहसील क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई

जिला प्रशासन की ओर से सरकारी और सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उपजिलाधिकारी बिलारी प्रिंस वर्मा के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम ने रतनपुर कलां गांव में कार्रवाई की।प्रशासन को राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज भूमि पर अस्थायी कब्जे की जानकारी मिली थी। इसके बाद संबंधित भूमि के अभिलेखों की जांच की गई और मौके की स्थिति का जायजा लिया गया।जांच और अभिलेखीय स्थिति के आधार पर राजस्व टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाया
तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाया

गाटा संख्या 852क में दर्ज है तालाब की भूमि

राजस्व अभिलेखों के अनुसार, ग्राम रतनपुर कलां में गाटा संख्या 852क में कुल 0.7890 हेक्टेयर भूमि तालाब के रूप में दर्ज है। यह भूमि सुरक्षित श्रेणी में आती है।ऐसी भूमि का उपयोग सार्वजनिक और निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाता है। राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज भूमि पर निजी कब्जे या भूमिधरी अधिकार का दावा सामान्य तौर पर स्वीकार्य नहीं होता। इसी वजह से प्रशासन की ओर से इस तरह की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए कार्रवाई की जाती है।प्रशासन की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि की स्थिति को सुरक्षित रखना और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाना रहा।

तीन लोगों पर अस्थायी कब्जे का आरोप

प्रशासन की जांच के दौरान सामने आया कि रतनपुर कलां निवासी धर्मेन्द्र, मुकेश और नरेन्द्र पुत्रगण तेजपाल सिंह द्वारा तालाब की भूमि पर अस्थायी रूप से कब्जा किया गया था।मामले में राजस्व विभाग की टीम ने अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण करने के बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी भी रही, जिससे किसी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद संबंधित भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।

0.0500 हेक्टेयर भूमि कराई गई कब्जामुक्त

कार्रवाई के दौरान करीब 0.0500 हेक्टेयर तालाब की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। राजस्व टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अस्थायी कब्जे को हटाया और भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया।यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तालाब और अन्य जलस्रोतों के लिए दर्ज भूमि सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी होती है। ऐसे स्थानों पर अतिक्रमण होने से न केवल सरकारी रिकॉर्ड प्रभावित होता है, बल्कि भविष्य में जल निकासी और जल संरक्षण जैसी व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है।प्रशासन की ओर से सरकारी और सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखने के लिए लगातार अभियान चलाने की बात कही जा रही है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया कब्जा

अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम के साथ थाना पाकबड़ा पुलिस बल भी मौजूद रहा। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई पूरी की।राजस्व और पुलिस विभाग के बीच समन्वय के साथ की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि सार्वजनिक और सुरक्षित श्रेणी की जमीन को लेकर प्रशासन गंभीर है। किसी भी कार्रवाई के दौरान राजस्व रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।कार्रवाई पूरी होने के बाद तालाब की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ सख्त रुख

जिला प्रशासन की ओर से सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। इनमें तालाब, चकरोड, ग्राम समाज की जमीन और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि शामिल होती है।रतनपुर कलां में हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का रुख साफ है कि राजस्व अभिलेखों में सुरक्षित श्रेणी की भूमि पर अनधिकृत कब्जे को लेकर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।तालाब जैसी भूमि को सुरक्षित रखना ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रशासन ने दिया सख्ती का संदेश

मुरादाबाद के बिलारी तहसील क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।राजस्व विभाग की टीम ने रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई करते हुए 0.0500 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराया। इस कार्रवाई से उन लोगों के लिए भी स्पष्ट संदेश गया है जो सरकारी या सुरक्षित श्रेणी की जमीन पर अस्थायी या स्थायी कब्जा करने का प्रयास करते हैं।प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखा जाए और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार ही हो।

तालाब की जमीन को सुरक्षित रखना जरूरी

तालाब केवल राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीन नहीं होते, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन और जल निकासी व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में तालाब की जमीन पर कब्जे को हटाना सार्वजनिक हित से जुड़ा विषय बन जाता है।रतनपुर कलां में कार्रवाई के बाद 0.0500 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। अब यह जमीन सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार अपने निर्धारित उपयोग के लिए सुरक्षित रहेगी।बिलारी तहसील के रतनपुर कलां में तालाब की सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई सरकारी और सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपजिलाधिकारी बिलारी प्रिंस वर्मा के निर्देशन में राजस्व विभाग और पाकबड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 0.0500 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षित श्रेणी की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर आगे भी सख्ती जारी रहने की उम्मीद है।

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