गर्मी में धीमा हो जाता है मेटाबॉलिज्म! भारी भोजन को कहें बाय-बाय, इन हल्के समर मील्स से पेट को रखें कूल और खुद को एक्टिव

Editorial
5 Min Read

   

गर्मियों का मौसम आते ही और खासकर नौतपा के दौरान जब सूरज की तपिश अपने चरम पर होती है, तो हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव महसूस होने लगते हैं। तेज धूप, झुलसाने वाली लू और उमस के कारण शरीर बहुत जल्दी थकान और कमजोरी का शिकार हो जाता है। इस मौसम में अक्सर लोगों की एक आम शिकायत होती है कि उन्हें बार-बार भूख नहीं लगती या कुछ भी भारी खाने का मन नहीं करता। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भीषण गर्मी में हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म थोड़ा धीमा हो जाता है और शरीर अपना तापमान नियंत्रित रखने में व्यस्त रहता है। पाचन क्रिया धीमी होने के कारण भारी भोजन को पचाने में शरीर को ज्यादा ऊर्जा लगानी पड़ती है, यही वजह है कि हमारा दिमाग भारी खाने के संकेत नहीं देता और भूख कम हो जाती है।लेकिन भूख कम लगने का मतलब यह कतई नहीं है कि खाना छोड़ दिया जाए। इस मौसम में शरीर को एक्टिव रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए सही पोषण और निरंतर ऊर्जा की बेहद जरूरत होती है। यदि हम भूख न लगने पर खाली पेट रहते हैं या फिर स्वाद के चक्कर में ज्यादा ऑयली, मसालेदार और गरिष्ठ भोजन कर लेते हैं, तो इससे पेट में गैस, एसिडिटी, सुस्ती और थकान जैसी समस्याएं और ज्यादा बढ़ जाती हैं। इसलिए गर्मियों में अपने खानपान की आदतों को बदलना बेहद जरूरी है। इस मौसम में हमें ऐसे हल्के, सुपाच्य और ठंडक देने वाले आहार को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, जो पेट पर भारी न पड़ें और शरीर को भरपूर पानी और पोषक तत्व भी प्रदान करें।

हल्के भोजन के विकल्पों में दही-चावल को गर्मियों का सबसे बेहतरीन मील माना जाता है। यह कॉम्बिनेशन न केवल पेट को तुरंत ठंडक पहुंचाता है बल्कि पाचन तंत्र को भी आराम देता है। इसे बनाना बेहद आसान है, जिससे भीषण गर्मी में घंटों किचन में खड़े रहने की मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती। आप इसे हल्के छौंक के साथ या सादा भी खा सकते हैं। इसके अलावा मूंग दाल की खिचड़ी भी गर्मियों के लिए एक लाजवाब और पौष्टिक विकल्प है। बहुत ही कम मसालों और घी में मिनटों में तैयार होने वाली खिचड़ी शरीर को जरूरी प्रोटीन्स देती है और कमजोरी का अहसास नहीं होने देती। भूख न होने पर भी यह आसानी से खाई जा सकती है और शरीर को रिफ्रेश रखती है।अगर दोपहर के वक्त हैवी मील लेने की बिल्कुल इच्छा न हो, तो रंग-बिरंगे मौसमी फलों का फ्रूट सलाद एक बेहतरीन डाइट है। तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फलों में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखते हैं और विटामिन्स की कमी को पूरा करते हैं। भोजन के साथ या उसके बाद एक गिलास ठंडी छाछ में पुदीना, भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीना अमृत के समान माना गया है। पुदीने और छाछ का यह मिश्रण न सिर्फ शरीर का तापमान संतुलित रखता है बल्कि भूख बढ़ाने और पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में भी मदद करता है। इसके साथ ही, सुबह के नाश्ते या रात के खाने में ओट्स या दलिया का सेवन किया जा सकता है। दलिया की नमकीन खिचड़ी या दूध के साथ बना मीठा दलिया बेहद हल्का होता है, जो लंबे समय तक शरीर में एनर्जी का स्तर बनाए रखता है। इन आसान और पौष्टिक लाइट मील्स को अपनाकर आप नौतपा की इस जानलेवा गर्मी में भी खुद को पूरी तरह स्वस्थ, तरोताजा और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।

read more:https://news7hindi.com/honor-killing-or-greed-for-property-in-meerut-a-young-father-along-with-his-step-mother-killed-his-daughter-and-performed-the-last-rites-secretly-early-in-the-morning/

for advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment