रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद त्योहारी सीजन के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने दससराय और संभल रोड क्षेत्र में मोबाइल फूड सेफ्टी वाहन के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 18 नमूनों की जांच की गई, जिसमें बर्फी का एक नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।जांच के दौरान बर्फी के नमूने में स्टार्च की मौजूदगी सामने आई। नमूना मानकों के अनुरूप नहीं मिलने के बाद संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करने को लेकर भी जागरूक किया गया।
मोबाइल फूड सेफ्टी वाहन से हुई जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के साथ कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करना भी रहा।दससराय और संभल रोड क्षेत्र में मोबाइल फूड सेफ्टी वाहन के जरिए मौके पर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और उनकी जांच की गई। अभियान के दौरान कुल 18 खाद्य नमूनों की जांच हुई। इनमें से एक बर्फी का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नियमित रूप से इस तरह की जांच की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके।

बर्फी के नमूने में मिली स्टार्च की मौजूदगी
अभियान के दौरान लिए गए बर्फी के नमूने की जांच में स्टार्च की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद संबंधित नमूने को मानक के अनुरूप नहीं माना गया और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों को लगातार यह निर्देश दिया जाता है कि खाद्य पदार्थों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही तैयार और बिक्री किया जाए। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी खाद्य नमूने की जांच में किसी तत्व की मौजूदगी सामने आने के बाद संबंधित नमूने के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। अंतिम कार्रवाई विभागीय प्रक्रिया और लागू खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार ही तय होती है।
27 कारोबारियों को दिए गए सख्त निर्देश
जांच अभियान के दौरान विभाग की टीम ने 27 खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देश दिए। कारोबारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि खाद्य पदार्थों को तैयार करने और बेचने के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सामग्री तैयार करने में केवल FSSAI लाइसेंस प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों के अनधिकृत प्रयोग से बचने के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए।विभाग ने कारोबारियों से कहा कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ उसकी तैयारी और भंडारण के दौरान भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
रसोई की साफ-सफाई पर भी जोर
खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान केवल खाद्य पदार्थों की जांच तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। विभाग की टीम ने खाद्य कारोबारियों को रसोई और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थानों की साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए।कारोबारियों को हेड कैप, फेस मास्क, एप्रन और हैंड ग्लव्स का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया। खाद्य सामग्री को तैयार करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण बताया गया।विभाग का जोर इस बात पर रहा कि भोजन तैयार करने की जगह पर गंदगी या अस्वच्छ परिस्थितियां नहीं होनी चाहिए। खाद्य पदार्थों को साफ-सुथरे वातावरण में तैयार करने और सुरक्षित तरीके से रखने से उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है।
कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों को ढककर रखने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कारोबारियों को कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों को खुले में रखने से बचने के निर्देश दिए। दोनों तरह की खाद्य सामग्री को उचित तरीके से ढककर रखने के लिए कहा गया, ताकि बाहरी गंदगी या अन्य कारणों से खाद्य पदार्थ प्रभावित न हों।इसके अलावा प्रतिष्ठानों पर FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य कारोबारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि उनके प्रतिष्ठान पर आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण से संबंधित जानकारी नियमानुसार उपलब्ध हो।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में चला अभियान
यह अभियान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम किशोर सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की जांच के साथ कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के बारे में जानकारी दी।अभियान का उद्देश्य सिर्फ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को जागरूक करना भी रहा। अधिकारियों ने कारोबारियों से कहा कि वे खाद्य सुरक्षा के सभी निर्धारित मानकों का पालन करें और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतें।
त्योहारी सीजन में बढ़ी जिम्मेदारी
त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मुरादाबाद में चलाया गया यह अभियान इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मिठाई की दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों और अन्य कारोबारियों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई का भी ध्यान रखना होगा। खासतौर पर दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री बढ़ने के दौरान उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकती है जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जांच की प्रक्रिया जारी है। अभियान के दौरान लिए गए व्यक्तिगत नमूनों की रिपोर्ट से संबंधित प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।विभाग ने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग के इस अभियान से कारोबारियों को साफ संदेश गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और लाइसेंस संबंधी नियमों के पालन में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। 18 नमूनों की जांच में बर्फी का एक नमूना मानक के अनुरूप नहीं मिलने और 27 कारोबारियों को दिशा-निर्देश दिए जाने की कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग की सक्रियता को सामने रखा है।
Read on:http://TMU में AI पर महामंथन, विशेषज्ञों ने बताया इंसानी संवेदना का महत्व
Advertisement visit our officehttp://:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

