मुरादाबाद में बढ़ा कोसी नदी का जलस्तर, कई गांव प्रभावित

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत रानियातर समेत आसपास के कई गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी का पानी बढ़ने के कारण गांवों के संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया।ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हर साल क्षेत्र के कई गांव प्रभावित होते हैं। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ता है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन से लेकर खेती तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी जलस्तर बढ़ने के बाद रानियातर ग्राम पंचायत और आसपास के इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

जलस्तर बढ़ने से गांवों पर बढ़ा संकट

कोसी नदी में पानी बढ़ने के कारण ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर भी असर पड़ा है। संपर्क मार्गों के प्रभावित होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगहों पर पानी के कारण रास्ते बाधित होने की स्थिति बन गई है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों और किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कराने की मांग उठाई गई है।मौके पर नायब तहसीलदार सदर, संबंधित लेखपाल और राजस्व विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और पानी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में पहले से स्थायी इंतजाम करने चाहिए, ताकि हर साल कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांवों के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों की फसलों को नुकसान, मुआवजे की मांग

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा चिंता किसानों को अपनी फसलों को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में पानी भरने के कारण कृषि भूमि प्रभावित हुई है और कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए।ग्रामीणों का कहना है कि यदि फसलों को हुए नुकसान का समय रहते आकलन कर लिया जाए तो प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जा सकती है। किसानों ने शासन और प्रशासन से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

हर साल प्रभावित होता है क्षेत्र

ग्रामीणों का आरोप है कि कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण यह समस्या कोई नई नहीं है। बरसात के मौसम में हर वर्ष नदी के आसपास के गांवों में पानी बढ़ने से परेशानी पैदा होती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।ग्रामीणों के मुताबिक इस संबंध में कई बार ज्ञापन के माध्यम से शासन और प्रशासन को अवगत कराया गया है। सोशल मीडिया के जरिए भी मुख्यमंत्री तक समस्या पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि अब तक स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।ग्रामीणों ने मांग की है कि कोसी नदी से प्रभावित होने वाले गांवों के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के दौरान पानी को आबादी और कृषि भूमि की ओर जाने से रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ष किसानों और ग्रामीणों को नुकसान न उठाना पड़े।

जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही जिन रास्तों पर पानी आने से संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां ग्रामीणों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि केवल जलस्तर बढ़ने के दौरान अस्थायी व्यवस्थाएं करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन और शासन को ऐसे गांवों की पहचान कर स्थायी जल निकासी और सुरक्षा व्यवस्था पर काम करना चाहिए।किसानों ने यह भी मांग की है कि प्रभावित खेतों का राजस्व विभाग की टीम से सर्वे कराया जाए और फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए। इससे पात्र किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा मिलने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

ग्रामीणों ने एकजुट होकर उठाई आवाज

कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में फसलों को नुकसान होने पर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि पानी का स्तर सामान्य होने का इंतजार करने के बजाय अभी से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जाएं। साथ ही भविष्य में बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए।मौके पर अविनाश कुमार चौहान, मंडल किसान यूनियन से जुड़े पदाधिकारी, जिला स्तर के प्रतिनिधि, राजपूत करणी सेवा से जुड़े लोग, ग्राम प्रधान धनिया ठेठ, अनुज कुमार बिट्टू, नरेंद्र कुमार, विशाल चौहान, सोनपाल जाटव, नरेश जाटव, मिथुन जाटव, अभिषेक, अरुण सिंह सहित कई ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे।फिलहाल कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन की टीम क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों की मांग है कि जलस्तर बढ़ने से प्रभावित गांवों और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए तथा फसल नुकसान का सर्वे कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शुरू की जाए।

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