मुंबई हिंदी सिनेमा के जाने-माने चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को 56 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे मोहसिन खान के साथ फिल्म जगत से जुड़े पदाधिकारियों ने भी की। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।मुश्ताक खान उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने मुख्य भूमिकाओं के बजाय सहायक और चरित्र भूमिकाओं के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। पर्दे पर उनका स्क्रीन टाइम भले ही सीमित रहा हो, लेकिन अपने संवाद, कॉमिक टाइमिंग और अभिनय शैली से उन्होंने कई किरदारों को यादगार बना दिया। खास तौर पर 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम’ में निभाया गया बल्लू का किरदार आज भी दर्शकों के बीच उनकी पहचान बना हुआ है।

बालाघाट के बैहर से मुंबई तक का सफर
मुश्ताक खान का संबंध मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से था। रिपोर्टों के मुताबिक उनका परिवार होटल कारोबार से जुड़ा रहा है। छोटे शहर से निकलकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है।बचपन से ही अभिनय में रुचि रखने वाले मुश्ताक खान ने आगे चलकर फिल्मों, टेलीविजन और अन्य माध्यमों में काम किया। उनका फिल्मी सफर कई दशकों तक चला और इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।उनके निधन की खबर से उनके पैतृक क्षेत्र बैहर और बालाघाट में भी शोक का माहौल है। स्थानीय स्तर पर लोगों ने उनके फिल्मी सफर और छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने को याद किया।

‘हम हैं राही प्यार के’ से ‘हेरा फेरी’ तक किया काम
मुश्ताक खान ने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया। आमिर खान और जूही चावला की ‘हम हैं राही प्यार के’ में भी वह नजर आए। इसके अलावा ‘आशिकी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘प्यार तो होना ही था’, ‘हेरा फेरी’ और ‘जोड़ी नंबर 1’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि सहायक और चरित्र भूमिकाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कई फिल्मों में वह कुछ ही दृश्यों में नजर आए, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी में अलग प्रभाव छोड़ती थी।

‘वेलकम’ के बल्लू ने घर-घर में बनाई पहचान
साल 2007 में अनीस बज्मी के निर्देशन में आई फिल्म ‘वेलकम’ मुश्ताक खान के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने बल्लू का किरदार निभाया था। फिल्म में अक्षय कुमार, नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में थे।बल्लू के किरदार में मुश्ताक खान की कॉमिक टाइमिंग और संवाद अदायगी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनका चर्चित हॉकी वाला प्रसंग और उससे जुड़ा संवाद लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहा। ‘वेलकम’ के बाद उनकी पहचान ऐसे कलाकार के रूप में और मजबूत हुई, जो छोटे से किरदार में भी अपनी अलग छाप छोड़ सकता था।इसके बाद वह ‘वेलकम बैक’ में भी नजर आए। उनकी फिल्मोग्राफी में अलग-अलग दौर की कई चर्चित फिल्में शामिल हैं।

‘गदर’ में भी निभाया था अहम सहायक किरदार
मुश्ताक खान ने ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में भी काम किया था। फिल्म में उनके किरदार ने कहानी में अपनी भूमिका निभाई। ‘गदर’ और ‘वेलकम’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों का हिस्सा बनने के कारण उन्हें अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच पहचान मिली।उनका अभिनय केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने टेलीविजन और थिएटर में भी काम किया। लंबे करियर में उन्होंने कॉमेडी से लेकर गंभीर परिस्थितियों वाले चरित्रों तक कई तरह की भूमिकाएं निभाईं।
कैंसर से जूझ रहे थे अभिनेता
रिपोर्टों के अनुसार मुश्ताक खान को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। बाद में उनकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन हाल में बीमारी दोबारा सामने आई। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 सितंबर को उनका निधन हो गया। अलग-अलग रिपोर्टों में कैंसर के प्रकार को लेकर अंतर है, इसलिए उपलब्ध पुष्ट जानकारी के आधार पर इसे सामान्य रूप से कैंसर ही बताया जा रहा है।उनके निधन की खबर ने फिल्म जगत में उनके सहकर्मियों और प्रशंसकों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके लोकप्रिय किरदारों और फिल्मों को याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
यादगार किरदारों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे
मुश्ताक खान का फिल्मी सफर इस बात की मिसाल रहा कि किसी कलाकार की पहचान केवल मुख्य भूमिका से नहीं बनती। उन्होंने सहायक और चरित्र भूमिकाओं को अपनी शैली और अभिनय से प्रभावशाली बनाया।‘वेलकम’ के बल्लू से लेकर ‘गदर’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसे प्रोजेक्ट्स तक उनका काम हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रहा। उनके किरदारों में सहजता, हास्य और संवाद अदायगी की खास झलक देखने को मिलती थी।24 सितंबर 2026 को उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे चरित्र अभिनेता को खो दिया, जिसने कई फिल्मों में छोटी लेकिन यादगार भूमिकाओं के जरिए अपनी पहचान बनाई। मुश्ताक खान भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार और अभिनय की यादें दर्शकों के बीच लंबे समय तक बनी रहेंगी।
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