रिपोर्ट:दीपचंद्र दीक्षित
- मंगला आरती से शुरू हुआ जन्मोत्सव महोत्सव
- बच्चों के लिए आयोजित हुई कला और मटकी सजावट प्रतियोगिता
- धार्मिक पुस्तकों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
- इस्कॉन कलाकारों के भजन-संकीर्तन पर झूमे श्रद्धालु
- मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने बांधा समां
- आधी रात हुआ भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव
- दूसरे दिन होगा नंदोत्सव का आयोजन
- देर रात तक कृष्ण भक्ति में डूबा रहा नवाबगंज
फर्रुखाबाद के नवाबगंज कस्बे में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर नजर आया। मोहम्मदाबाद रोड स्थित माया मैरेज लॉन में आयोजित दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव का शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। सुबह से लेकर देर रात तक पूरा आयोजन स्थल कृष्ण भक्ति में डूबा रहा। जैसे ही रात के 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकटोत्सव का पावन क्षण आया, पूरा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा।महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, भजन-संकीर्तन, मटकी फोड़ कार्यक्रम और धार्मिक पुस्तकों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
मंगला आरती से शुरू हुआ जन्मोत्सव महोत्सव
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार तड़के सुबह 4:30 बजे भगवान श्रीकृष्ण की मंगला आरती के साथ हुई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण में हिस्सा लिया। इसके बाद सुबह 7:30 बजे श्रृंगार आरती का आयोजन हुआ।श्रृंगार आरती के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का मनमोहक श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान से परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

बच्चों के लिए आयोजित हुई कला और मटकी सजावट प्रतियोगिता
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कला एवं मिट्टी की मटकी सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता के परिणाम शनिवार को घोषित किए जाएंगे। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया जाएगा। प्रतियोगिता के चलते बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक पुस्तकों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के कथा पंडाल में धार्मिक पुस्तकों के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए। यहां श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक पुस्तकों और आध्यात्मिक साहित्य को देखने और खरीदने का अवसर मिला।आयोजकों की ओर से धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। कथा पंडाल में श्रद्धालु काफी समय तक रुके और धार्मिक साहित्य के बारे में जानकारी ली।

इस्कॉन कलाकारों के भजन-संकीर्तन पर झूमे श्रद्धालु
शाम होते ही महोत्सव का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। इस्कॉन मंदिर मथुरा, कानपुर और दिल्ली से पहुंचे कलाकारों ने भजन-संकीर्तन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। संकीर्तन शुरू होते ही श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए।‘हरे राम हरे राम’ और ‘गोविंद जय जय, गोपाल जय जय’ जैसे संकीर्तन से पूरा पंडाल गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भजन और संकीर्तन पर झूमते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की।मथुरा से आए प्रवक्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन भी किया। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी बाल लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके संदेशों को कथा के माध्यम से प्रस्तुत किया। कथा और संकीर्तन के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आए।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने बांधा समां
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। कार्यक्रम में युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी मटकी फोड़ परंपरा ने आयोजन में धार्मिक उत्साह के साथ मनोरंजन का रंग भी भर दिया।

आधी रात हुआ भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव
जन्माष्टमी महोत्सव का सबसे भावुक और भव्य क्षण रात ठीक 12 बजे आया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्रकटोत्सव का समय हुआ, पूरा पंडाल भक्तों के जयघोष से गूंज उठा।“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए।प्रकटोत्सव के बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
दूसरे दिन होगा नंदोत्सव का आयोजन
आयोजकों ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। नंदोत्सव में भी विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नंदोत्सव में शामिल होने की अपील की है।
देर रात तक कृष्ण भक्ति में डूबा रहा नवाबगंज
दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव के पहले दिन नवाबगंज में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह की मंगला आरती से शुरू हुआ धार्मिक आयोजन देर रात भगवान श्रीकृष्ण के प्रकटोत्सव और महाआरती तक लगातार चलता रहा।माया मैरेज लॉन में उमड़े श्रद्धालुओं के चलते देर रात तक पूरा क्षेत्र कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर रहा। भजन-संकीर्तन, कथा, मटकी फोड़ प्रतियोगिता और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।]श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव ने नवाबगंज क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संदेश भी दिया। शनिवार को होने वाले नंदोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में पहले से ही उत्साह बना हुआ है।
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