नेपाल बाढ़ 2026: 105 भारतीय समेत सैकड़ों लापता, पीएम मोदी ने मदद का भरोसा

Editorial
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नई दिल्ली नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद आई बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 105 भारतीय नागरिक और 37 अनिवासी भारतीय भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लापता यात्रियों में कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल के रास्ते आगे बढ़ रहे थे।इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया है। वहीं, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही

नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। तिब्बत की ओर से आने वाले पानी के तेज बहाव ने नदी के किनारे बसे कई इलाकों को प्रभावित किया। बाढ़ का असर रसुवा के अलावा धाडिंग और नुवाकोट जिलों में भी देखने को मिला।स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ ने कई गांवों और नदी किनारे की बस्तियों को नुकसान पहुंचाया है। कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।अचानक आई बाढ़ के कारण लोगों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। तेज बहाव के चलते कई लोग अपने परिवारों से अलग हो गए और बड़ी संख्या में यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की खबर सामने आई।

105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर

नेपाल पर्यटन बोर्ड की जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ के बाद सैकड़ों यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें नेपाली नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।लापता यात्रियों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 अनिवासी भारतीय बताए गए हैं। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड समेत कई देशों के नागरिकों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।इन यात्रियों में से कई लोग धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे। विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों की संख्या भी काफी बताई जा रही है। एक यात्रा एजेंसी के मुताबिक, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे।फिलहाल प्राथमिकता लापता यात्रियों का पता लगाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।

पीएम मोदी ने नेपाल को दिया हरसंभव मदद का भरोसा

नेपाल में आई भीषण बाढ़ की जानकारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि पर दुख जताते हुए नेपाल के लोगों के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त की।प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रही हैं।भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान भारत की ओर से मदद की पेशकश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

बाढ़ में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की खबरों के बीच नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। दूतावास ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।भारतीय नागरिकों के बचाव और राहत के लिए नेपाल सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन:

  • +977 985 131 6807
  • +977 970 910 7500

बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिक या उनके परिजन इन नंबरों के जरिए सहायता और जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा असर

नेपाल में आई बाढ़ का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े यात्रियों पर भी पड़ा है। नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जाने वाले कई भारतीय श्रद्धालु इस प्राकृतिक आपदा की वजह से प्रभावित हुए हैं।नेपाल का रसुवा जिला तिब्बत सीमा के नजदीक स्थित है और यहां से होकर बड़ी संख्या में यात्री आगे की यात्रा करते हैं। अचानक बाढ़ आने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है।यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटन पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद यात्रियों की लोकेशन और सुरक्षा की जानकारी जुटाई जा रही है।

कई देशों के पर्यटक भी लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लापता लोगों में नेपाली नागरिकों के अलावा विभिन्न देशों के पर्यटक भी शामिल हैं।बताया गया है कि लापता यात्रियों में भारत के अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक शामिल हैं।इससे नेपाल में राहत और बचाव अभियान की चुनौती और बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पर्यटन से जुड़े विभाग भी लोगों की पहचान और उनके ठिकाने की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।

सात लोगों की मौत की जानकारी

अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में जान-माल को नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के अनुसार, तिब्बत सीमा से लगे मध्य नेपाल के इलाकों में बाढ़ के कारण कम से कम सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।कई अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। नदी के किनारे बसी बस्तियों में पानी और मलबा पहुंचने से घरों तथा अन्य संरचनाओं को नुकसान हुआ है।बाढ़ के तेज बहाव ने करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी प्रभावित किया है। इससे स्थानीय स्तर पर बिजली और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी

बाढ़ के बाद नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश की जा रही है। जिन क्षेत्रों में पानी का बहाव कम हुआ है, वहां राहत टीमों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के उन इलाकों तक पहुंचना है, जहां बाढ़ के कारण सड़क और अन्य संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटन पुलिस और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद यात्रियों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत की ओर से मानवीय सहायता की पेशकश महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर भारत की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।वहीं भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय नागरिकों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। लापता यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।नेपाल बाढ़ 2026 ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को सामने ला दिया है। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद आई बाढ़ से कई इलाकों में तबाही मची है और बड़ी संख्या में यात्रियों के लापता होने की खबर है। इनमें 105 भारतीय पर्यटक और 37 अनिवासी भारतीय भी शामिल बताए गए हैं।कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के प्रभावित होने से भारत में भी चिंता बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया है, जबकि भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का पूरा ध्यान लापता लोगों का पता लगाने तथा प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर है।

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