ऑनलाइन दोस्ती से प्यार फिर अपराध: देहरादून में ठगी से हत्या तक के मामले

Editorial
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देहरादून सोशल मीडिया, डेटिंग एप और मैट्रिमोनियल वेबसाइटों ने दोस्ती, प्यार और जीवनसाथी की तलाश को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है। कुछ क्लिक में अनजान लोग एक-दूसरे के संपर्क में आ जाते हैं और बातचीत के बाद रिश्ता भी तेजी से आगे बढ़ने लगता है। लेकिन डिजिटल दुनिया में बनने वाले इन रिश्तों का दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है। ऑनलाइन पहचान के बाद ठगी, ब्लैकमेल और आपराधिक घटनाओं के मामले लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सामने आए कुछ मामलों ने दिखाया है कि अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस के सामने ऐसे मामले आए हैं, जिनमें पहले ऑनलाइन दोस्ती हुई, फिर भरोसा कायम किया गया और इसके बाद आर्थिक धोखाधड़ी से लेकर गंभीर अपराध तक की घटनाएं सामने आईं।

शादी की वेबसाइट पर पहचान, नौकरी का झांसा और 32 लाख की ठगी

देहरादून में हाल ही में ऑनलाइन शादी की वेबसाइट के जरिए एक युवती की एक युवक से पहचान हुई। बातचीत आगे बढ़ी तो युवक ने खुद को भरोसेमंद बताया और युवती को नौकरी दिलाने का झांसा दिया।लगातार बातचीत के दौरान युवक ने युवती का विश्वास हासिल कर लिया। इसके बाद अलग-अलग कारण बताते हुए उससे करीब 32 लाख रुपये की रकम ठग ली गई। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी चारू चंद्र जोशी को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।यह मामला बताता है कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल देखकर किसी व्यक्ति को पूरी तरह भरोसेमंद मान लेना कितना नुकसानदायक हो सकता है।

विदेश में रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर की 50 लाख की ठगी

ऋषिकेश की रहने वाली एक महिला भी ऑनलाइन रिश्ता तलाशने के दौरान साइबर ठगी का शिकार हुई। महिला ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से जीवनसाथी की तलाश शुरू की थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने विदेशी नंबर से उससे संपर्क किया और खुद को विदेश में रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया।बातचीत के बाद आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने दावा किया कि उसने महिला के लिए आईफोन, डायमंड रिंग और 20 हजार अमेरिकी डॉलर वाला एक कीमती पार्सल भेजा है।इसके बाद आरोपी ने पार्सल छुड़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी, क्लीयरेंस और अन्य शुल्कों का हवाला दिया। महिला से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में महिला को ठगी का अहसास हुआ और मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

डेटिंग एप से शुरू हुआ रिश्ता, विवाद के बाद हत्या

ऑनलाइन रिश्तों का खतरा केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में डेटिंग एप के माध्यम से संपर्क में आए दो युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसा तक पहुंच गया और एक युवक की हत्या कर दी गई।पुलिस के अनुसार दोनों की पहचान ऑनलाइन माध्यम से हुई थी। बाद में विवाद बढ़ने के बाद गंभीर आपराधिक घटना सामने आई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि ऑनलाइन मिलने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी किए बिना उससे नजदीकी बढ़ाना कितना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

अपराधियों का तरीका भी तेजी से बदल रहा

साइबर अपराधियों के लिए सोशल मीडिया, डेटिंग एप और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संभावित लोगों तक पहुंचने का नया माध्यम बन चुके हैं। कई मामलों में आरोपी आकर्षक प्रोफाइल तैयार करते हैं और अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर बातचीत शुरू करते हैं।शुरुआत में बातचीत सामान्य दोस्ती से होती है। धीरे-धीरे सामने वाले की निजी जिंदगी, परिवार, नौकरी और आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की जाती है। इसके बाद भरोसा कायम होने पर नौकरी, विदेश यात्रा, निवेश, बीमारी, पार्सल या किसी अन्य जरूरत के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं।सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पीड़ित व्यक्ति कई बार भावनात्मक रूप से जुड़ जाने के कारण सामने वाले की बातों को सत्य मान लेता है।

पुलिस ने ऑनलाइन पहचान को लेकर किया सावधान

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, ऑनलाइन पहचान को वास्तविक पहचान मान लेना सबसे बड़ा जोखिम है। किसी डेटिंग या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि सामने वाला व्यक्ति वही है, जैसा वह खुद को बता रहा है।शादी या दोस्ती के लिए ऑनलाइन मिले व्यक्ति की पृष्ठभूमि और पहचान की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है। बिना सत्यापन के व्यक्तिगत जानकारी, जरूरी दस्तावेज या पैसे साझा करने से बचना चाहिए।

ऑनलाइन रिश्ते में इन बातों का रखें ध्यान

ऑनलाइन किसी व्यक्ति से दोस्ती या बातचीत में कुछ सामान्य सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • अनजान व्यक्ति को तुरंत व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी न दें।
  • किसी भी ऑनलाइन दोस्त या पार्टनर को पैसे भेजने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें।
  • नौकरी, विदेश भेजने, निवेश या महंगे गिफ्ट के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।
  • बैंक डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
  • मैट्रिमोनियल प्रोफाइल की जानकारी को परिवार या विश्वसनीय लोगों के माध्यम से सत्यापित करें।
  • सामने वाला व्यक्ति लगातार जल्दबाजी या भावनात्मक दबाव बनाए तो बातचीत रोकने पर विचार करें।
  • संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर चैट, भुगतान और प्रोफाइल से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • ठगी होने पर तुरंत परिवार को जानकारी दें और संबंधित पुलिस या साइबर अपराध तंत्र से संपर्क करें।

रिश्ते की शुरुआत ऑनलाइन हो तो सावधानी भी जरूरी

डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों के लिए नए रिश्ते बनाना आसान किया है, लेकिन सुविधा के साथ जोखिम भी बढ़ा है। ऑनलाइन बातचीत में सामने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान, उसका उद्देश्य और उसकी पृष्ठभूमि हमेशा स्पष्ट नहीं होती।देहरादून में सामने आए 32 लाख और 50 लाख रुपये की ठगी के मामलों के साथ-साथ ऑनलाइन पहचान के बाद हुई हिंसक घटना यह संकेत देती है कि भरोसा करने से पहले सत्यापन जरूरी है।ऑनलाइन दोस्ती या प्यार गलत नहीं है, लेकिन अनजान व्यक्ति पर जल्दबाजी में भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। रिश्ते की शुरुआत भले ही मोबाइल स्क्रीन पर कुछ क्लिक से हो, लेकिन सुरक्षित रहने के लिए पहचान की पुष्टि, आर्थिक मामलों में सावधानी और परिवार को जानकारी देना बेहद जरूरी है।

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