भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की PM E-DRIVE (PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना तेजी से असर दिखा रही है। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 26.54 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य देश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर तेजी से ले जाना है।इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक ट्रक और इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही देशभर में बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है।
- 2024 से 2028 तक लागू रहेगी योजना
- सबसे ज्यादा फायदा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को
- महाराष्ट्र पहले, उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे
- FAME-II योजना ने भी बनाई मजबूत नींव
- Make in India को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
- EV टेस्टिंग पर 780 करोड़ रुपये का निवेश
- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
2024 से 2028 तक लागू रहेगी योजना
PM E-DRIVE योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी।सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 10,900 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इनमें से 22 जुलाई 2026 तक 2,322 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनका उपयोग विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं में किया गया है।सरकार का मानना है कि इससे देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति मिलेगी और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।

सबसे ज्यादा फायदा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को
मंत्रालय के अनुसार योजना का सबसे अधिक लाभ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट को मिला है।
योजना के तहत लाभ पाने वाले वाहन
- 23.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन
- 2.68 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (L5 श्रेणी)
- 6,547 ई-रिक्शा और ई-कार्ट
- 55 इलेक्ट्रिक ट्रक
- 14,000 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बढ़ती मांग इस योजना की सबसे बड़ी सफलता रही है।

महाराष्ट्र पहले, उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य बना है।
योजना का लाभ लेने वाले शीर्ष राज्य
महाराष्ट्र – 4.28 लाख EV
उत्तर प्रदेश – 2.78 लाख EV
कर्नाटक – 2.67 लाख EV
तमिलनाडु – 2.59 लाख EV
मध्य प्रदेश – 1.73 लाख EV
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और सरकारी प्रोत्साहन के कारण राज्य देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ चार्जिंग नेटवर्क को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है।PM E-DRIVE योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए निर्धारित किए गए हैं।
अब तक—
- 9 राज्यों में 5,871 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत
- कर्नाटक – 1,571 चार्जर
- दिल्ली – 1,146 चार्जर
- राजस्थान – 805 चार्जर
- तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के 691 चार्जर भी स्वीकृत
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई 2026 तक PM E-DRIVE योजना के तहत स्वीकृत चार्जरों की स्थापना अभी शुरू नहीं हुई है। फिलहाल परियोजना स्वीकृति और तैनाती के चरण में है।
FAME-II योजना ने भी बनाई मजबूत नींव
PM E-DRIVE से पहले लागू FAME-II योजना के तहत भी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़ा प्रोत्साहन मिला।
FAME-II के अंतर्गत—
- 16.71 लाख EV को सहायता
- 5,297 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती
- 9,583 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित
सरकार अब PM E-DRIVE के जरिए इस सफलता को और आगे बढ़ाना चाहती है।
Make in India को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
सरकार केवल EV खरीदने पर सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू विनिर्माण को भी मजबूत कर रही है।इसके लिए Phased Manufacturing Programme (PMP) को अनिवार्य बनाया गया है ताकि—
- भारत में बैटरी पैक का निर्माण बढ़े।
- इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स का स्थानीय उत्पादन हो।
- आयात पर निर्भरता कम हो।
- भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

EV टेस्टिंग पर 780 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 780 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
इस राशि से देश की प्रमुख परीक्षण एजेंसियों—
- ARAI
- ICAT
- NATRAX
- GARC
का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
इससे भारत में विकसित इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्टिंग क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने से—
- कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
- पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी।
- प्रदूषण नियंत्रित होगा।
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
- हरित परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
यही कारण है कि सरकार लगातार नई योजनाओं और सब्सिडी के जरिए EV अपनाने को प्रोत्साहित कर रही है।PM E-DRIVE योजना भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा देती दिखाई दे रही है। 26.54 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, हजारों चार्जिंग स्टेशनों की स्वीकृति, Make in India पर फोकस और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश यह संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े EV बाजारों में शामिल हो सकता है। यदि चार्जिंग नेटवर्क तेजी से विकसित होता है तो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और भी तेज हो सकती है।
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