बदरीनाथ चढ़ावा विवाद में सियासी विस्फोट! प्रेस क्लब पहुंचे गणेश गोदियाल, बोले—’बहस से क्यों भागे बीकेटीसी अध्यक्ष?

Editorial
6 Min Read

देहरादून उत्तराखंड के चर्चित बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के आरोपों का करारा जवाब देते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती दी। तय समय पर गोदियाल खुद प्रेस क्लब पहुंचे, लेकिन हेमंत द्विवेदी के नहीं पहुंचने पर उन्होंने इसे जवाब देने से बचने की कोशिश बताया।गोदियाल ने प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जब गंभीर आरोप लगाए गए हैं, तो जनता के सामने तथ्य भी रखे जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सार्वजनिक बहस के लिए समय और स्थान तय किया था, लेकिन बीकेटीसी अध्यक्ष वहां नहीं पहुंचे। इसे उन्होंने सच्चाई से बचने की कोशिश बताया।

‘आरोपी पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है’

गणेश गोदियाल ने कहा कि किसी भी मामले में जब आरोपी पक्ष या उससे जुड़े लोग पुराने मामलों को उठाकर ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, तो इससे मूल मुद्दा खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावा प्रकरण में आरोपी बताए जा रहे प्रमोद नौटियाल को पहले बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात किया गया था, लेकिन बाद में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उन्हें निजी सचिव के रूप में बदरीनाथ मंदिर में तैनात कर दिया।गोदियाल का दावा है कि इसके बाद संबंधित कर्मचारी को मंदिर के चढ़ावे की गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी भी दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस पूरे मामले में सवाल उठना स्वाभाविक है और इसकी जिम्मेदारी से कोई बच नहीं सकता।

‘मेरे कार्यकाल की नियुक्ति बताकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते’

बीकेटीसी अध्यक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति उनके कार्यकाल में हुई भी हो, तो इसका अर्थ यह नहीं कि भविष्य में उस कर्मचारी द्वारा किए गए किसी कथित अनियमित कार्य की जिम्मेदारी भी नियुक्ति करने वाले व्यक्ति पर ही होगी।उन्होंने कहा कि नियुक्ति और बाद में कर्मचारी के आचरण को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री का उदाहरण देकर पूछा बड़ा सवाल

गोदियाल ने अपने तर्क को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न विभागों में हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में उन नियुक्त कर्मचारियों में से कोई भ्रष्टाचार या किसी अन्य अनियमितता में संलिप्त पाया जाता है, तो क्या उसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की मानी जाएगी?गोदियाल ने कहा कि यही तर्क इस मामले में भी लागू होता है और केवल नियुक्ति का हवाला देकर वर्तमान जिम्मेदारियों से बचा नहीं जा सकता।

‘जनता के सामने होनी चाहिए खुली बहस’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने बीकेटीसी अध्यक्ष को जनता और मीडिया के सामने खुली बहस के लिए आमंत्रित किया था ताकि दोनों पक्ष अपने-अपने तथ्य सार्वजनिक रूप से रख सकें।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है और यदि किसी के पास अपने दावों के समर्थन में तथ्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर रखने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।गोदियाल ने दावा किया कि वे तय समय पर प्रेस क्लब पहुंचे, लेकिन बीकेटीसी अध्यक्ष नहीं आए। उन्होंने कहा कि इससे जनता के मन में और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

चढ़ावा प्रकरण पर राजनीति गरमाई

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।एक ओर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस मामले में कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पलटवार करते हुए वर्तमान बीकेटीसी प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

जांच और जवाबदेही की मांग

गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यदि चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि संबंधित कर्मचारी को किस आधार पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं और पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर क्या निर्णय लिए गए।

अब सबकी नजर अगले कदम पर

फिलहाल यह मामला आरोपों और पलटवार के दौर से गुजर रहा है। एक ओर कांग्रेस लगातार बीकेटीसी अध्यक्ष से जवाब मांग रही है, तो दूसरी ओर भाजपा भी अपने आरोपों पर कायम है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां क्या निष्कर्ष निकालती हैं और इस पूरे विवाद पर संबंधित पक्ष आगे क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण उत्तराखंड की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन गया है।

read on:https://news7hindi.com/bjp-regional-president-ram-kishore-sahu-who-reached-farrukhabad-to-blow-the-trumpet-of-2027/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment