बांकुड़ा में हिंसा के बाद सियासी घमासान, CJP ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल; सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम

Editorial
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बांकुड़ा  पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक युवक के पिता की मौत के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। घटना को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। CJP नेता आशुतोष रांका ने मृतक के परिवार से मुलाकात के बाद सरकार के सामने कई मांगें रखीं और कार्रवाई के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।मामला बांकुड़ा जिले के इंडास क्षेत्र के करिशुंडा गांव से जुड़ा बताया जा रहा है। CJP का आरोप है कि पार्टी के एक वॉलंटियर के पिता पर कथित हमला हुआ, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

मृतक के परिवार से मिले CJP नेता

CJP नेता आशुतोष रांका दिल्ली से अपने सहयोगियों के साथ बांकुड़ा के इंडास पहुंचे। यहां उन्होंने करिशुंडा गांव में मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनके बेटे अब्दुल हाफिज से बातचीत की।परिवार की ओर से घटना से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। CJP नेता ने आरोप लगाया कि परिवार को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल हैं।आशुतोष रांका ने कहा कि राज्य सरकार को मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम

परिवार से मुलाकात के बाद आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार को 10 दिन का समय दे रही है। इस अवधि में कथित हमले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।CJP नेता ने यह भी कहा कि अगर तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।उन्होंने जिला प्रशासन कार्यालय के घेराव और इसके बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। हालांकि, इस तरह के राजनीतिक दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

CJP ने सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग नहीं की, बल्कि इंडास पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई है।आशुतोष रांका ने पुलिस की भूमिका की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि घटना के बाद परिवार को अपेक्षित सहायता नहीं मिली।हालांकि पुलिस की ओर से मामले में अब तक की कार्रवाई और आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

मुआवजे के बजाय स्कूल बनाने की मांग

मृतक के परिवार की ओर से कथित तौर पर सरकारी मुआवजा स्वीकार करने के बजाय उनके नाम पर एक स्कूल बनाए जाने की मांग रखी गई है।अब्दुल हाफिज ने कहा कि उनके पिता के नाम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कूल बनाया जाना उनके लिए उचित श्रद्धांजलि होगी। उनका कहना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू हो सकती है।CJP नेता आशुतोष रांका ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही और इसी मुद्दे को व्यापक अभियान से जोड़ने की घोषणा की।

CJP ने किया ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का एलान

घटना के बाद CJP ने राज्यव्यापी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।CJP के अनुसार, मृतक के बेटे ने इसी अभियान के तहत करिशुंडा वेस्ट पारा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था। पार्टी का दावा है कि स्कूल की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के बाद विवाद की स्थिति बनी।हालांकि घटना और उसके कारणों को लेकर सामने आ रहे सभी दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज

बांकुड़ा की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सीपीआई(एम) नेता शतरूप घोष ने भी मृतक के परिवार से मुलाकात की और राज्य सरकार पर सवाल उठाए।उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों को लेकर सवाल खड़े किए। साथ ही घटना में भाजपा से जुड़े लोगों की कथित भूमिका का आरोप लगाया।दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार भाजपा ने हमले से किसी भी संगठनात्मक संबंध से इनकार किया है। ऐसे में घटना को लेकर राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

इलाज के दौरान हुई मौत

बताया गया है कि कथित हमले के बाद पीड़ित को गंभीर हालत में पहले इंडास ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया।रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अगस्त को उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद शनिवार रात उनकी मौत हो गई।घटना के मामले में पुलिस की ओर से आठ लोगों की गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब CJP की ओर से बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है।

अब आगे क्या?

बांकुड़ा की यह घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी दिखाई देने लगे हैं। CJP ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है, जबकि विपक्षी दल भी मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।अब निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर हैं। क्या सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी? क्या पुलिस की भूमिका की जांच होगी? और क्या ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान राज्यव्यापी आंदोलन का रूप लेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।फिलहाल बांकुड़ा मामले में सबसे जरूरी है कि आरोपों और राजनीतिक दावों से अलग निष्पक्ष जांच के जरिए घटना की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो।

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