
लखनऊ भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रविवार को अपने सरकारी आवास पर बिजली व्यवस्था की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में बिना किसी कटौती के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि बिजली व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए सीधे फीडरवार जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को खुद हेल्पलाइन कॉल सेंटर का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो आम जनता को समयबद्ध और बिल्कुल सही जानकारी दी जाए। हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही तत्काल निस्तारण हो और उपभोक्ता को यह स्पष्ट बताया जाए कि बिजली कितनी देर में बहाल होगी। भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति और सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद व आपूर्ति प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। बैठक में सामने आया कि मई महीने में आए आंधी-तूफान से प्रदेश के 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, जिसके बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने 12 राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था कर आपूर्ति को संभाला है। इसके अलावा भूमिगत केबल वाले इलाकों में बिना अनुमति खुदाई पर रोक लगा दी गई है ताकि तार कटने से बिजली बाधित न हो।
इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को लेकर भी बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है, जो कि वर्ष 2022की तुलना में 86 प्रतिशत की भारी वृद्धि है। इसके अलावा गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से भी लगभग 10 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में पीक डिमांड 29,831 मेगावाट से बढ़कर 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसे पूरा करने के लिए मुस्तैदी से काम जारी है। वर्ष 2029 तक की भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए विंड, बैटरी एनर्जी स्टोरेज और हाइड्रो परियोजनाओं के माध्यम से 10,719 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जुटाने पर काम चल रहा है। स्मार्ट मीटर को लेकर भी मुख्यमंत्री ने उपभोक्ताओं के हित में बड़ा फैसला लेने का निर्देश दिया है। प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सीएम ने साफ कर दिया है कि आंधी-तूफान या अत्यधिक तापमान जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहना चाहिए ताकि जनता को इस भीषण गर्मी में कोई परेशानी न उठानी पड़े।
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