सहारनपुर में नकली सिक्कों का बड़ा खेल, 70 करोड़ के सिक्के खपाने वाला गिरोह पकड़ा

Editorial
8 Min Read

सहारनपुर नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सहारनपुर शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.28 लाख रुपये के नकली सिक्के, छह मशीनें, सिक्के बनाने की डाई, घिसाई के उपकरण और करीब पांच लाख रुपये के अधबने सिक्के बरामद किए गए हैं।पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह हरियाणा के सोनीपत में नकली सिक्के तैयार करता था और उन्हें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार के अलग-अलग इलाकों में खपाता था। पूछताछ में आरोपियों ने बाजार के अलावा शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी नकली सिक्के चलाने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है।

25 साल से नकली सिक्कों के धंधे में था सरगना

पुलिस जांच में गिरोह के मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पंजाब के मोहाली निवासी उपकार वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे से जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार वह पहले सर्राफ का काम करता था, जिसके कारण उसे धातु और सिक्के बनाने की तकनीक की अच्छी जानकारी थी।नकली सिक्कों के मामले में उपकार को दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2017 में गिरफ्तार किया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। इसी दौरान उसकी मुलाकात तिहाड़ जेल में आरोपी हिमांशु उर्फ गुल्लू से हुई। पुलिस के मुताबिक जेल में दोनों के बीच नकली सिक्कों के कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बनी। वर्ष 2021 में जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने अपने नेटवर्क का विस्तार शुरू किया।

सहारनपुर में नकली सिक्कों का बड़ा खेल
सहारनपुर में नकली सिक्कों का बड़ा खेल

जेल से बाहर आने के बाद खड़ा किया नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद उपकार और हिमांशु ने धीरे-धीरे नए लोगों को अपने साथ जोड़ा। इसके बाद गिरोह ने नकली सिक्कों के उत्पादन और सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया।सहारनपुर में भी गिरोह के सदस्यों ने स्थानीय लोगों से संपर्क करना शुरू किया था। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी यहां नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित करने की तैयारी में थे। हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सहारनपुर में फैक्टरी लगाने की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपियों के स्थानीय स्तर पर किन लोगों से संपर्क थे।

20 रुपये के सिक्के पर 5 रुपये की लागत

पूछताछ में नकली सिक्कों के कारोबार का पूरा गणित भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करता था। एक सिक्के को तैयार करने में करीब पांच रुपये की लागत आती थी। यानी एक सिक्के पर लगभग 15 रुपये का अंतर बचता था।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को बाजार में चार हजार रुपये के नकली सिक्के चलाने पर करीब 400 रुपये कमीशन मिलता था। इस नेटवर्क के जरिए बड़ी मात्रा में नकली सिक्कों को बाजार में खपाया जा रहा था।पुलिस के अनुमान के मुताबिक आरोपियों ने करीब साढ़े तीन करोड़ सिक्के तैयार किए हैं। इनके निर्माण पर लगभग 17.50 करोड़ रुपये खर्च होने और करीब 52.50 करोड़ रुपये के मुनाफे का दावा जांच में सामने आया है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क ने अब तक 70 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपाए हैं।

बाजार से लेकर टोल प्लाजा तक खपाते थे नकली सिक्के

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली 20 रुपये के सिक्कों को अलग-अलग जगहों पर चलाया जाता था। इनमें सामान्य बाजार के अलावा सरकारी शराब के ठेके और टोल प्लाजा भी शामिल थे।गिरोह ने सिक्कों को असली जैसा दिखाने के लिए मशीनों के साथ-साथ डाई और फिनिशिंग से जुड़े उपकरण भी रखे थे। पुलिस ने मौके से छह मशीनें, डाई, घिसाई के पत्थर और अन्य सामान बरामद किया है।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली सिक्कों की सप्लाई किन-किन शहरों और कारोबारियों तक होती थी।

ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा

एसएसपी अभिनंदन सिंह के मुताबिक, पुलिस को पिछले कुछ समय से बाजार में नकली सिक्के चलाए जाने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को गिरोह की तलाश में लगाया गया।जांच के दौरान कुछ संदिग्धों पर नजर रखी गई। कुछ दिन पहले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में गिरोह के तीन अन्य सदस्यों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सरगना समेत इन पांच आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने गिरोह के सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, निवासी पेंटाहोम सोसायटी, जिरकपुर, मोहाली; हिमांशु उर्फ गुल्लू, निवासी बरसी, सहारनपुर; कुलदीप, निवासी आवास विकास, सहारनपुर; संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन, निवासी लड्डू गांव, मधुबनी, बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश, निवासी पीपरीश रामेश्वरम, संत रविदास नगर (भदोही) को गिरफ्तार किया है।पुलिस के मुताबिक हिमांशु के खिलाफ वर्ष 2015 में नानौता थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मुख्य आरोपी उपकार लूथरा के खिलाफ दिल्ली में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

अवैध संपत्तियों की भी होगी जांच

एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपियों ने अपराध से अर्जित धन से कहीं संपत्ति तो नहीं बनाई।यदि जांच में कोई संपत्ति अवैध कमाई से अर्जित पाई जाती है तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है।

अब नेटवर्क के दूसरे कनेक्शन तलाश रही पुलिस

नकली सिक्कों के इस बड़े नेटवर्क के सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सोनीपत में सिक्के तैयार करने से लेकर उन्हें सहारनपुर, यूपी, हरियाणा, पंजाब और बिहार तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।सहारनपुर में प्रस्तावित नकली सिक्कों की फैक्टरी और स्थानीय संपर्कों की जांच भी की जा रही है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में नकली सिक्कों के इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।

Read on:http://लखनऊ में ICAI दीक्षांत समारोह, नव-योग्य CAs ने ली पेशेवर शपथ

Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment