लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल-डीजल में मिलावट के एक बड़े और संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच, आपूर्ति विभाग और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकरों से चोरी-छिपे पेट्रोल निकालकर उसमें एथेनॉल, सॉल्वेंट और अन्य केमिकल मिलाता था और फिर उसे बाजार में सस्ते दामों पर बेच देता था। इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद उन हजारों वाहन चालकों की शिकायतों को भी नई दिशा मिली है, जो पिछले कुछ समय से अपने वाहनों के अचानक बंद होने और इंजन खराब होने से परेशान थे।पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैंकर चालक ही इस पूरे खेल का अहम किरदार था। वह रास्ते में टैंकर रोककर उसमें से पेट्रोल निकालता था और उसे 75 रुपये प्रति लीटर की दर से गिरोह के सरगना को बेच देता था। इसके बाद चोरी किए गए पेट्रोल में एथेनॉल, सॉल्वेंट और अन्य रसायन मिलाकर दोबारा बाजार में खपाया जाता था।

‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ में हुआ बड़ा खुलासा
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार पेट्रोल और डीजल में मिलावट की शिकायतें मिल रही थीं। कई वाहन मालिकों ने शिकायत की थी कि गाड़ियों में ईंधन भरवाने के कुछ ही समय बाद इंजन बंद हो रहा है या वाहन झटके देने लगे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने ‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ शुरू किया और एक विशेष जांच टीम का गठन किया।रविवार को मुखबिर की सूचना पर मलिहाबाद के संन्यासी बाग में छापा मारा गया। यहां पुलिस को एक पेट्रोलियम टैंकर और एक अन्य वाहन संदिग्ध अवस्था में मिले। जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

रास्ते में रोककर टैंकर से निकाला जा रहा था पेट्रोल
जांच में पता चला कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अमौसी टर्मिनल से निकला टैंकर विधान भवन मार्ग स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल पहुंचाने जा रहा था। लेकिन रास्ते में टैंकर को सुनियोजित तरीके से रोककर उसमें से पेट्रोल निकाला जा रहा था। इसके बाद टैंकर में उतनी ही मात्रा में एथेनॉल और अन्य केमिकल मिलाकर उसे आगे भेज दिया जाता था, ताकि पहली नजर में किसी को शक न हो।
भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और केमिकल बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आपूर्ति विभाग और आबकारी विभाग को मौके पर बुलाया। संयुक्त जांच में भारी मात्रा में ईंधन और केमिकल बरामद किए गए।
बरामदगी में शामिल हैं—
- 7,750 लीटर शुद्ध पेट्रोल
- 400 लीटर डीजल
- 23 प्लास्टिक कैनों में 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल
- 64 कैनों में 3,200 लीटर सॉल्वेंट केमिकल
- टैंकर के पाइप और दूसरे चैंबर से 250 लीटर पेट्रोल
- मौके पर मौजूद मकान से लगभग 1,000 गैलन में रखा मिश्रित पेट्रोल, एथेनॉल और अन्य केमिकल
इसके अलावा मिलावट में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और मास्टर चाबी भी बरामद की गई।
75 रुपये लीटर में बिकता था चोरी का पेट्रोल
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार टैंकर चालक रामतीर्थ ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह टैंकर से पेट्रोल निकालकर अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचता था। अनिल कई टैंकर चालकों से सांठगांठ कर इसी तरह चोरी का पेट्रोल खरीदता था।इसके बाद वह उसमें एथेनॉल, सॉल्वेंट और अन्य रसायन मिलाकर स्थानीय ग्राहकों और कथित तौर पर अन्य माध्यमों से बाजार में बेच देता था। इस पूरे खेल में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह भी सक्रिय रूप से शामिल थे।
चार आरोपी गिरफ्तार, कई और रडार पर
पुलिस ने इस मामले में मलिहाबाद निवासी अनिल कुमार, काकोरी निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव निवासी धीरज सिंह और हरदोई निवासी टैंकर चालक रामतीर्थ को गिरफ्तार कर लिया है।आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने टैंकरों से पेट्रोल चोरी किया और कितनी मात्रा में मिलावटी ईंधन बाजार में बेचा। बरामद पेट्रोल और केमिकल के नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है।
क्या मिलावटी पेट्रोल पेट्रोल पंपों तक भी पहुंचा?
अब पुलिस की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं यह मिलावटी पेट्रोल किसी पेट्रोल पंप तक तो नहीं पहुंचा। यदि ऐसा हुआ है तो हजारों वाहन चालक इसकी चपेट में आ सकते हैं। पुलिस टैंकर चालक और अन्य आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन-किन स्थानों पर यह ईंधन सप्लाई किया गया।
यही वजह है कि अचानक बंद हो रहे थे वाहन!
पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में वाहन मालिक शिकायत कर रहे थे कि पेट्रोल भरवाने के कुछ समय बाद उनकी गाड़ियां रास्ते में बंद हो जाती हैं, इंजन मिसफायर करने लगता है और कई मामलों में इंजन तक खराब हो गया। बड़ी संख्या में लोग अपनी बाइक और कार लेकर मैकेनिकों के पास पहुंच रहे थे।विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल में एथेनॉल या सॉल्वेंट की अनियमित और अत्यधिक मात्रा मिलने से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे फ्यूल इंजेक्टर, इंजन और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट की जड़ों तक पहुंचने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। यह कार्रवाई न केवल पेट्रोल चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करती है, बल्कि यह भी बताती है कि मिलावटी ईंधन का खेल आम लोगों की जेब ही नहीं, उनकी गाड़ियों की सेहत पर भी भारी पड़ रहा था।
or ad our officevertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

