रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थाना नवाबगंज क्षेत्र में खेतों से अचानक सड़क पर आई एक नीलगाय से टकराने के बाद यात्रियों से भरा एक टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में डेढ़ वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि टेम्पो चालक सहित कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों की तत्परता और समय पर मिली मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही और उससे पैदा हो रहे खतरे को उजागर करता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर नीलगाय और अन्य वन्यजीव अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
दर्शन के लिए जा रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सुभान खान निवासी सचिन कुमार अपने टेम्पो से कई यात्रियों को लेकर कम्पिल स्थित गीता ज्ञान आश्रम में दर्शन के लिए जा रहे थे।टेम्पो में गांव तकीपुर नगला दाड़ी निवासी मीरा देवी, उनकी लगभग 8 वर्षीय पुत्री अनाया, 3 वर्षीय पुत्र अभि, खुशबू, उसका डेढ़ वर्षीय पुत्र अर्जुन, रिया, सुंदरी और गुंजन सहित अन्य यात्री सवार थे। सभी धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से आश्रम जा रहे थे।
अचानक सड़क पर आई नीलगाय, पलट गया टेम्पो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही टेम्पो थाना नवाबगंज क्षेत्र के करनपुर और बांसमई गांव के बीच पहुंचा, तभी खेतों से निकलकर एक नीलगाय अचानक सड़क पर आ गई।चालक ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन टक्कर इतनी तेज थी कि टेम्पो का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पलटे हुए टेम्पो को सीधा किया और उसमें फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।इसके बाद 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी गई। एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही कुछ घायलों को स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से नवाबगंज नगर स्थित आर्य क्लिनिक पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।ग्रामीणों की तत्परता के कारण सभी घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी।
डेढ़ वर्षीय मासूम की हालत गंभीर
इस सड़क हादसे में मीरा देवी, उनका पुत्र अभि, खुशबू, उसका डेढ़ वर्षीय पुत्र अर्जुन, रिया तथा टेम्पो चालक सचिन कुमार घायल हो गए।इनमें सबसे गंभीर चोट डेढ़ वर्षीय अर्जुन को आई है। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे फर्रुखाबाद के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की सलाह दी है।अन्य घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सड़क पर वन्यजीवों की आवाजाही बनी बड़ी समस्या
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि करनपुर-बांसमई मार्ग पर नीलगाय, सांड और अन्य जंगली पशु अक्सर अचानक सड़क पर आ जाते हैं।विशेषकर सुबह और शाम के समय इन जानवरों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे वाहन चालकों के सामने अचानक दुर्घटना की स्थिति बन जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि इस सड़क पर वन्यजीवों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों का सुझाव है कि—
- सड़क किनारे मजबूत सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं।
- वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
- संवेदनशील स्थानों पर स्पीड लिमिट लागू कराई जाए।
- रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाए।
उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
फर्रुखाबाद का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की चुनौतियों की ओर भी इशारा करता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खेतों और जंगलों से सटे मार्गों पर नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के अचानक सड़क पर आने से हर वर्ष बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मार्गों पर वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए और वन्यजीवों की संभावित आवाजाही वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में नीलगाय से टकराकर टेम्पो पलटने की घटना ने एक मासूम सहित कई परिवारों को प्रभावित किया है। हादसे में घायल डेढ़ वर्षीय अर्जुन की गंभीर स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और वन्यजीवों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। यदि संवेदनशील मार्गों पर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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