
भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में सिर्फ जीत के इरादे से नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति को अंतिम रूप देने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। मुल्लांपुर में खेला जाने वाला यह मुकाबला भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन के लिए इसकी अहमियत किसी बड़े टूर्नामेंट से कम नहीं है। लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रही टीम इंडिया की नजरें उन सवालों के जवाब तलाशने पर होंगी, जो पिछले कुछ महीनों से चर्चा का विषय बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल नंबर तीन के बल्लेबाज को लेकर था। लंबे समय से यह बहस चल रही थी कि साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल में से किसे मौका मिलेगा। लेकिन मैच से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर ने तस्वीर साफ कर दी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि साई सुदर्शन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। यह फैसला केवल एक मैच के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं का हिस्सा माना जा रहा है। टीम प्रबंधन का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी का मूल्यांकन कुछ पारियों के आधार पर नहीं किया जा सकता और उसे खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। अफगानिस्तान के खिलाफ यह मुकाबला भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण परीक्षा लेकर आया है। अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है और ऐसे में टीम को उनके विकल्प की तलाश भी करनी होगी। पिछले कुछ वर्षों में जडेजा ने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को कई मैच जिताए हैं, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए विकल्पों पर भी नजर रख रहा है। इसी सोच के तहत युवा खिलाड़ियों मानव सुथार और हर्ष दुबे को टीम में शामिल किया गया है। नेट्स में दोनों खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। मानव सुथार अपनी आक्रामक गेंदबाजी के कारण चर्चा में हैं, जबकि हर्ष दुबे अपनी उपयोगी बल्लेबाजी और संतुलित खेल के लिए पहचान बना रहे हैं। माना जा रहा है कि टीम संयोजन को देखते हुए हर्ष दुबे को बढ़त मिल सकती है, क्योंकि वह निचले क्रम में बल्लेबाजी को भी मजबूती दे सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला पिच और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

विकेटकीपर की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज रही है। आईपीएल में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण ऋषभ पंत आलोचनाओं के घेरे में रहे, लेकिन टीम प्रबंधन अब भी उन पर पूरा भरोसा जता रहा है। गौतम गंभीर ने साफ संकेत दिए हैं कि पंत टीम के पहले पसंदीदा विकेटकीपर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ध्रुव जुरेल को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि जुरेल ने पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अनुभव और मैच जिताने की क्षमता के कारण पंत फिलहाल आगे नजर आते हैं। यह मुकाबला कप्तान शुभमन गिल के लिए भी बेहद अहम रहने वाला है। युवा कप्तान के रूप में गिल पर टीम को नई दिशा देने की जिम्मेदारी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहती है और इस मैच को नई शुरुआत के रूप में देख रही है। बल्लेबाजी विभाग में यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि मध्यक्रम में साई सुदर्शन, शुभमन गिल और ऋषभ पंत पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। खासकर कुलदीप यादव से उम्मीद होगी कि वह अपनी फिरकी से अफगान बल्लेबाजों को परेशान करें। वहीं वाशिंगटन सुंदर टीम को संतुलन देने का काम करेंगे। दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम को हल्के में लेना भारत के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में अफगान क्रिकेट ने तेजी से प्रगति की है और उनकी टीम कई बड़े देशों को चुनौती दे चुकी है। रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमत शाह, अजमतुल्लाह ओमरजई और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी जैसे खिलाड़ी भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। मुल्लांपुर का यह टेस्ट मैच केवल भारत और अफगानिस्तान के बीच एक मुकाबला नहीं होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच भी बनेगा। सबकी नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि टीम इंडिया पंत या जुरेल में किस पर भरोसा जताती है, जडेजा के विकल्प के रूप में कौन उभरता है और साई सुदर्शन नंबर तीन की चुनौती पर कितना खरा उतरते हैं। जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि भारतीय टीम को उन सवालों के जवाब मिल जाएं, जिनकी तलाश वह आने वाली बड़ी टेस्ट श्रृंखलाओं से पहले कर रही है।
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