TMU में दसलक्षण महापर्व 2026 का शुभारंभ, 1000 छात्रों ने की पूजा-अर्चना

Editorial
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रिपोर्ट: मो अरशद

मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) परिसर शुक्रवार को आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। अवसर था पर्वाधिराज दसलक्षण महापर्व-2026 के भव्य शुभारंभ का। “वंदितु सव्वसिद्धे” के मंगल उद्घोष और “जय जिनेंद्र” के जयघोष से पूरा विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा। विधि-विधान और श्रद्धा के साथ आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, फैकल्टी सदस्यों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।दसलक्षण महापर्व के शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने त्रैलोक्य मांगल्य विधायक ध्वजारोहण के साथ की। ध्वजारोहण के साथ ही परिसर में धार्मिक आयोजन की औपचारिक शुरुआत हुई। इसके बाद पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साह के साथ सहभागिता की।

भव्य पालकी में श्रीजी का मंगल विहार

कार्यक्रम के अगले चरण में सौधर्म इंद्र के रूप में डीन मेडिकल एस. के. जैन ने श्रीजी को भक्तिभाव से अपने मस्तक पर धारण किया। इसके बाद भगवान को भव्य पालकी में विराजमान कराया गया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मंगल ध्वनियों के बीच श्रीजी की पालकी का मंगल विहार जिनालय से विश्वविद्यालय परिसर स्थित रिद्धि-सिद्धि भवन तक कराया गया।पालकी यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों की भागीदारी से आयोजन और भी विशेष नजर आया। धार्मिक वातावरण के बीच पालकी यात्रा रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंची, जहां श्रीजी को भव्य पांडुकशिला पर विधि-विधानपूर्वक विराजमान कराया गया।आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और आत्मकल्याण की कामना की।

TMU में दसलक्षण महापर्व 2026 का शुभारंभ
TMU में दसलक्षण महापर्व 2026 का शुभारंभ

स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक

दसलक्षण महापर्व के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ी में छात्रों ने स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद स्वर्ण झारी से शांतिधारा का आयोजन किया गया।शांतिधारा का पुण्य लाभ कुलाधिपति सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने प्राप्त किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी रजत झारी से शांतिधारा कर धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। धार्मिक मंत्रोच्चार और मंगल ध्वनियों के बीच विद्यार्थियों ने दसलक्षण महापर्व के संदेश को समझने और उसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

TMU में दसलक्षण महापर्व 2026 का शुभारंभ
TMU में दसलक्षण महापर्व 2026 का शुभारंभ

पहले दिन हुई उत्तम क्षमा धर्म की आराधना

दसलक्षण महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की गई। जैन धर्म में उत्तम क्षमा को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यह व्यक्ति को क्रोध और वैमनस्य से दूर रहकर क्षमा, संयम और आत्मचिंतन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है।इस अवसर पर टीएमयू के कुलपति प्रोफेसर वी. के. जैन सहित विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्य और करीब 1000 छात्र-छात्राएं सामूहिक पूजा-अर्चना में शामिल हुए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को भव्य रूप दिया।कार्यक्रम में धार्मिक ग्रंथ तत्त्वार्थ सूत्र, जिसे मोक्ष शास्त्र के नाम से भी जाना जाता है, के प्रथम अध्याय का वाचन किया गया। विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रंथ वाचन में सहभागिता की।

विद्यार्थियों को दिया धर्म और संयम का संदेश

दसलक्षण महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, संयम और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। टीएमयू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दसलक्षण धर्म के विभिन्न गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया।आयोजकों के अनुसार, महापर्व का उद्देश्य विद्यार्थियों में सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही धर्म, संयम और आत्मकल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा के साथ जीवन में नैतिक मूल्यों और आत्मअनुशासन का भी विशेष महत्व है।

टीएमयू में धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में समय-समय पर धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इन आयोजनों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता देखने को मिलती है।दसलक्षण महापर्व का आयोजन भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में युवा भी रुचि के साथ भाग ले रहे हैं।आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को दसलक्षण धर्म के मूल संदेशों से परिचित कराने के साथ उन्हें अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में क्षमा, संयम और आत्मचिंतन जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

भक्तिमय माहौल में हुआ महापर्व का आगाज

दसलक्षण महापर्व-2026 के शुभारंभ के मौके पर टीएमयू परिसर में सुबह से ही श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। ध्वजारोहण से लेकर पालकी यात्रा, भगवान के अभिषेक, शांतिधारा और सामूहिक पूजा तक सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न हुए।“जय जिनेंद्र” के जयघोष और मंगल ध्वनियों से परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और विश्वविद्यालय प्रबंधन की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक रूप दिया।इस आयोजन के माध्यम से टीएमयू ने विद्यार्थियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। उत्तम क्षमा धर्म की आराधना के साथ शुरू हुआ दसलक्षण महापर्व आने वाले दिनों में भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगा।

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