₹2 लाख करोड़ निवेश का मेगा प्लान! योगी सरकार बनाएगी यूपी को भारत का सबसे बड़ा AI और Data Center Hub

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई। सरकार का दावा है कि यह नीति राज्य को देश का अग्रणी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी Data Center Hub बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।नई नीति के तहत सरकार ने दो गीगावाट (2 GW) से अधिक अतिरिक्त डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही आईटी, डिजिटल सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

डिजिटल यूपी का नया विजन

सरकार का मानना है कि आज दुनिया तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिलॉकर, ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसी सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण अत्याधुनिक डाटा सेंटरों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि इन्हीं बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021 की डाटा सेंटर नीति की समीक्षा की गई और उसके आधार पर नई डाटा सेंटर नीति-2026 तैयार की गई है।

₹2 लाख करोड़ से अधिक निवेश का लक्ष्य

नई नीति का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विशाल निवेश लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य राज्य में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित करना है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर राज्यों में शामिल हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निवेश से केवल डाटा सेंटर ही नहीं बनेंगे, बल्कि बिजली, नेटवर्क, निर्माण, सुरक्षा, क्लाउड सेवाओं और आईटी से जुड़े अनेक उद्योगों को भी गति मिलेगी।

Data Center Parks को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

नई नीति में अलग-अलग क्षमता वाले डाटा सेंटरों के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं।सरकार 40 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले Data Center Parks, 2 से 40 मेगावाट क्षमता वाली Data Center Units तथा Edge Data Centers को विशेष सुविधाएं देगी।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • भूमि संबंधी सहायता
  • पूंजी अनुदान (Capital Subsidy)
  • ब्याज अनुदान
  • स्टांप शुल्क में छूट
  • बिजली शुल्क में रियायत
  • अन्य वित्तीय एवं प्रशासनिक सहायता

जैसी सुविधाएं शामिल हैं।सरकार का मानना है कि इन प्रोत्साहनों से बड़े उद्योग समूह उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित होंगे।

AI Ready Data Centers पर सबसे बड़ा फोकस

नई नीति की सबसे अहम विशेषता Artificial Intelligence (AI) आधारित डिजिटल अवसंरचना को बढ़ावा देना है।सरकार ने AI Compute Clusters को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य की तकनीकों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को तैयार किया जा सके।यदि कोई Data Center Park न्यूनतम 700 GPU (NVIDIA H100 या समकक्ष) स्थापित करता है तो उसे—

  • पूंजी अनुदान की सीमा में 10 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सहायता
  • तथा हर वर्ष 2 करोड़ रुपये तक परिचालन सहायता

दी जाएगी।वहीं 350 GPU स्थापित करने वाली Data Center Unit को—

  • 5 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त पूंजी अनुदान
  • तथा 50 लाख रुपये तक वार्षिक परिचालन सहायता

प्रदान की जाएगी।सरकार का मानना है कि इससे राज्य में AI आधारित सुपर कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा।

ग्रीन Data Centers को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।सरकार चाहती है कि भविष्य में बनने वाले Data Centers ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) और पर्यावरण अनुकूल हों, ताकि बिजली की खपत कम हो और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित किया जा सके।इसी कारण Green Data Centers को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।

Tier-3 और Tier-4 प्रमाणन पर भी राहत

उद्योगों का खर्च कम करने के लिए सरकार ने प्रमाणन शुल्क पर भी राहत देने का फैसला किया है।

नई नीति के अनुसार—

  • Tier-3 Certification Fee की 25% तक प्रतिपूर्ति
  • Tier-4 Certification Fee की 50% तक प्रतिपूर्ति

की जाएगी।इसके अलावा नए Data Centers को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के पहले तीन वर्षों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी शुल्क का 25% (अधिकतम 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष) वापस मिलेगा।

मेगा परियोजनाओं के लिए Custom Package

सरकार ने बेहद बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है।यदि कोई कंपनी 500 मेगावाट से अधिक क्षमता वाला विशाल Data Center स्थापित करती है तो उसे Customized Special Incentive Package दिया जाएगा।इससे वैश्विक टेक कंपनियों और बड़े निवेशकों को उत्तर प्रदेश में परियोजनाएं स्थापित करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

युवाओं को मिलेगा रोजगार, मजबूत होगी डिजिटल अर्थव्यवस्था

सरकार का कहना है कि नई नीति केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ युवाओं को मिलेगा।Data Center उद्योग के विस्तार से आईटी इंजीनियर, नेटवर्क विशेषज्ञ, साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल, डेटा एनालिस्ट, क्लाउड इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियर सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।साथ ही निर्माण, बिजली, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं।

डिजिटल उत्तर प्रदेश की ओर बड़ा कदम

नई उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 राज्य को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि घोषित निवेश और क्षमता विकास के लक्ष्य तय समय में पूरे होते हैं तो उत्तर प्रदेश न केवल देश का प्रमुख Data Center Hub बन सकता है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है। अब उद्योग जगत और निवेशकों की नजर इस नीति के क्रियान्वयन और आने वाले निवेश प्रस्तावों पर टिकी रहेगी।

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