
अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच मंगलवार तड़के यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। करीब आठ वर्षों से पुलिस को लगातार चकमा देकर फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिफ अली को अंबेडकरनगर में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों सहित 25 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। हाल के दिनों में हुई कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ मंगलवार सुबह करीब 4 बजे बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मुस्लिमपुर के पास हुई। STF को खुफिया सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा इनामी अपराधी इस इलाके में आने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।

जैसे ही पुलिस ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, उसने कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के लिए STF टीम पर कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। इस दौरान आरोपी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल बदमाश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, मारा गया अपराधी विक्की उर्फ आसिफ अली, कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के धुरैथा मकरनपुर गांव का निवासी था। वह पिछले करीब आठ वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचता रहा। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों के 25 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।हाल के दिनों में जौनपुर और शाहजहांपुर के शाहगंज क्षेत्र में हुई हत्या की घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था। इन मामलों के बाद पुलिस और STF ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया। उसकी गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद वह लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।

सूत्रों के अनुसार, विक्की बेहद शातिर अपराधी माना जाता था। वह अपनी पहचान छिपाने, लगातार ठिकाने बदलने और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करता था। यही वजह थी कि कई वर्षों तक वह गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा। हालांकि इस बार STF को उसकी सटीक लोकेशन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरी रणनीति के साथ ऑपरेशन चलाया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय गोलीबारी का रास्ता चुना। इसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है।
इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लगातार खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया है।स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा रही। क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर लोगों ने राहत की भावना जताई। हालांकि पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
फिलहाल पुलिस मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और आरोपी के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कई पुराने मामलों की जांच में भी नई कड़ियां जुड़ सकती हैं।करीब आठ वर्षों तक कानून से आंख-मिचौली खेलने वाला एक लाख का इनामी अपराधी आखिरकार पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सका। अंबेडकरनगर में हुई यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश पुलिस और STF की उन कार्रवाइयों में शामिल हो गई है, जिनका उद्देश्य लंबे समय से फरार कुख्यात अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करना है।
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