सिद्धार्थनगर बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सिद्धार्थनगर पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और तत्परता का परिचय देते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति की रकम वापस दिलाकर लोगों का भरोसा मजबूत किया है। थाना जोगिया उदयपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से पीड़ित के खाते में 6,024 रुपये सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। यह कार्रवाई एमआरएम (Money Refund Mechanism) पोर्टल और संबंधित बैंक के समन्वय से पूरी की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित तत्काल सूचना देता है, तो ठगी गई धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। जोगिया उदयपुर पुलिस की इस सफलता को साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एसएसपी के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान
जनपद सिद्धार्थनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थाना जोगिया उदयपुर की साइबर टीम लगातार सक्रिय है।थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल ने बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ित की शिकायत पर तेजी से कार्रवाई की, जिसका परिणाम यह रहा कि ठगी गई रकम दोबारा उसके खाते में पहुंच गई।
एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 15 जनवरी 2025 को जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के देउरा गांव निवासी रामू प्रजापति, पुत्र राधेश्याम, किसी साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। ठगी के बाद उन्होंने बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत संख्या 23101250007181 के माध्यम से उन्होंने अपने साथ हुई वित्तीय धोखाधड़ी की पूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद जोगिया उदयपुर थाना की साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित बैंक से संपर्क स्थापित किया।
एमआरएम पोर्टल से वापस कराई गई पूरी धनराशि
जांच के दौरान साइबर सेल ने बैंक अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर धनराशि को ट्रैक किया। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमआरएम (Money Refund Mechanism) पोर्टल के माध्यम से पीड़ित की पूरी 6,024 रुपये की राशि वापस कराई गई।10 जुलाई 2026 को यह धनराशि पीड़ित रामू प्रजापति के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते में सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस के अनुसार, यह प्रक्रिया Restoration Transaction ID – CNRBH00146155107 के माध्यम से पूरी की गई।राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने सिद्धार्थनगर पुलिस और साइबर सेल की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
समय पर शिकायत बनी सफलता की कुंजी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ित जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराता है, धनराशि वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। कई लोग शर्म या जानकारी के अभाव में देर से शिकायत करते हैं, जिससे अपराधियों को रकम निकालने का मौका मिल जाता है।इस मामले में पीड़ित द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने और पुलिस की सक्रियता के कारण धनराशि को सुरक्षित कर वापस कराया जा सका।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
सिद्धार्थनगर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर ठगी से बचने की अपील भी की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर, बैंक पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी कभी साझा न करें।सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। फर्जी नौकरी, ऑनलाइन लोन, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश और इनाम जीतने जैसे झांसों से सतर्क रहें।यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
साइबर टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना जोगिया उदयपुर की साइबर टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में शामिल—
- अभय सिंह (थानाध्यक्ष), थाना जोगिया उदयपुर
- उपनिरीक्षक अवधेश यादव (साइबर प्रभारी)
- कांस्टेबल मृत्युंजय गुप्ता
- कांस्टेबल अजीत यादव
- कांस्टेबल विकास गोड़
ने तकनीकी जांच, बैंक समन्वय और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित की धनराशि वापस दिलाने में अहम योगदान दिया।
साइबर अपराध के खिलाफ सिद्धार्थनगर पुलिस की मुहिम जारी
सिद्धार्थनगर पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। जिले में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध लगातार नए-नए तरीकों से सामने आ रहे हैं, इसलिए नागरिकों को भी सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। पुलिस और जनता के सहयोग से ही साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।जोगिया उदयपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल पीड़ित के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह भी साबित करती है कि यदि समय पर शिकायत दर्ज कराई जाए और पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया जाए, तो साइबर ठगी के मामलों में धनराशि वापस मिलना संभव है। यह सफलता साइबर अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून की पकड़ से बच निकलना आसान नहीं है।
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