कोलकाता पश्चिम बंगाल से सामने आई एक बड़ी आतंकी कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पुरबा बर्धमान जिले से जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में उसके तार पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ने की आशंका जताई जा रही है। इतना ही नहीं, उसके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह केवल रेकी थी या फिर किसी बड़े हमले की साजिश का हिस्सा।इस गिरफ्तारी ने न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच अब एक संभावित आतंकी नेटवर्क, उसके विदेशी संपर्कों और स्थानीय सहयोगियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
देर रात एसटीएफ की कार्रवाई, किराए के फ्लैट से दबोचा गया संदिग्ध
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने गुरुवार देर रात बर्दवान शहर के एक आवासीय परिसर में छापा मारकर हामिद मंडल नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। वह पिछले दो से तीन महीनों से एक किराए के फ्लैट में रह रहा था और अपनी गतिविधियों को बेहद गोपनीय तरीके से संचालित कर रहा था।बताया जा रहा है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। पर्याप्त इनपुट मिलने के बाद विशेष अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान जब एसटीएफ ने आरोपी का मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खंगाले तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल में ऐसी सामग्री मिली है जिससे संकेत मिलता है कि आरोपी शुभेंदु अधिकारी से संबंधित सूचनाएं एकत्र कर रहा था। इसमें उनकी गतिविधियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और अन्य जानकारियों से जुड़े इनपुट होने की आशंका है।हालांकि अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि किसी हमले की ठोस योजना तैयार हो चुकी थी। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं।
क्या किसी बड़े हमले की तैयारी थी?
जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या आरोपी केवल जानकारी इकट्ठा कर रहा था या किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी भी चल रही थी।एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि आरोपी को निर्देश कहां से मिल रहे थे, उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।यदि जांच में किसी बड़े षड्यंत्र के प्रमाण मिलते हैं तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सबसे गंभीर जांचों में शामिल हो सकता है।
पुलवामा हमले के आरोपी से कनेक्शन का संदेह
जांच को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि पुलिस को आरोपी के सज्जाद भट से जुड़े होने का भी संदेह है।सज्जाद भट वही नाम है जिसे 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में माना जाता है। पुलवामा हमले में विस्फोटकों से भरी कार सीआरपीएफ के काफिले से टकराई थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।यदि यह कनेक्शन जांच में पुष्ट होता है तो मामला केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ी बड़ी जांच का हिस्सा बन सकता है।
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से संभावित संबंध
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आरोपी का संबंध पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से होने का संदेह है।हालांकि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और एजेंसियां हर डिजिटल तथा तकनीकी साक्ष्य का गहन परीक्षण कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी ने किन-किन लोगों से संपर्क किया और उसके आर्थिक लेनदेन का स्रोत क्या था।

अदालत में पेश किया गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को आरोपी को बर्दवान की अदालत में पेश किया गया।जांच एजेंसियां उसकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकती हैं ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क का खुलासा संभव है।
राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में बढ़ी हलचल
इस गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल तेज हो गई है।चूंकि आरोपी के मोबाइल से शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी जानकारियां मिलने की बात सामने आई है, इसलिए राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने यह आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि किसी हमले की अंतिम योजना तैयार हो चुकी थी।

सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की कर रहीं जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों, बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में उसका कोई सहयोगी सक्रिय था।यदि जांच में अन्य संदिग्धों के नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
फिलहाल जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल कई दावे प्रारंभिक जांच और पुलिस के संदेह पर आधारित हैं। अभी तक किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि शुभेंदु अधिकारी पर हमला निश्चित रूप से होने वाला था।फिलहाल एसटीएफ, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संस्थानों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।देश की सुरक्षा के लिहाज से यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि यदि कोई बड़ा आतंकी नेटवर्क सक्रिय है तो उसे समय रहते पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
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