जौनपुर में थम गई राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन! मालगाड़ी का इंजन फेल, 35 मिनट तक रुकी बेगमपुरा एक्सप्रेस

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का रेल सफर बुधवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब वाराणसी से लखनऊ आ रही बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस जौनपुर सिटी स्टेशन पर करीब 35 मिनट तक खड़ी रही। इसकी वजह वाराणसी-जफराबाद-सुल्तानपुर-लखनऊ रेलखंड पर एक मालगाड़ी के इंजन में आई तकनीकी खराबी रही, जिसके कारण रेल यातायात प्रभावित हो गया। राज्यपाल की मौजूदगी के चलते रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में भी हलचल मच गई और पूरे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई।इन दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे के लिए हवाई या सड़क मार्ग के बजाय ट्रेन से यात्रा कर रही हैं। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाओ और संसाधनों के बेहतर उपयोग के संदेश से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हाल के दिनों में उन्होंने कई शैक्षणिक कार्यक्रमों और दीक्षांत समारोहों में भाग लेने के लिए रेल यात्रा को प्राथमिकता दी है।

वाराणसी से ही विलंब से रवाना हुई बेगमपुरा एक्सप्रेस

बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12237/12238) प्रतिदिन वाराणसी जंक्शन से जम्मू तवी के बीच संचालित होती है। इस ट्रेन का वाराणसी से निर्धारित प्रस्थान समय दोपहर 12:40 बजे है, लेकिन बुधवार को यह ट्रेन करीब 22 मिनट की देरी से दोपहर 1:02 बजे रवाना हुई।रेलवे सूत्रों के अनुसार, वाराणसी-जौनपुर रेलखंड पर पहले से ही परिचालन बाधित था। बख्शा और सरायहरखू रेलवे स्टेशनों के बीच एक मालगाड़ी का इंजन अचानक खराब हो गया था। इस कारण उस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया गया या विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया।

जौनपुर सिटी स्टेशन पर 35 मिनट तक रुकी राज्यपाल की ट्रेन

वाराणसी से रवाना होने के बाद बेगमपुरा एक्सप्रेस जब जौनपुर सिटी स्टेशन पहुंची तो वहां भी उसे लाइन क्लियर होने का इंतजार करना पड़ा। सामान्य तौर पर इस स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव केवल दो मिनट का होता है, लेकिन इस बार ट्रेन लगभग 35 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही।जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि ट्रेन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल यात्रा कर रही हैं, जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गईं। स्टेशन परिसर और ट्रेन के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बना दिया गया। यात्रियों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

मालगाड़ी का इंजन बदलने के बाद बहाल हुआ संचालन

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी का इंजन तकनीकी खराबी के कारण आगे बढ़ने में असमर्थ था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल दूसरा इंजन मंगाया। नया इंजन जोड़ने के बाद मालगाड़ी को आगे रवाना किया गया और रेल मार्ग खाली होने पर बेगमपुरा एक्सप्रेस को भी आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।करीब दोपहर 2:35 बजे बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस जौनपुर सिटी स्टेशन से लखनऊ की ओर रवाना हुई। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने लगातार परिचालन की निगरानी की ताकि अन्य ट्रेनों पर इसका असर कम से कम पड़े।

लगातार रेल यात्रा कर रही हैं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पिछले कुछ दिनों से पूर्वांचल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में शामिल होने के लिए रेल यात्रा कर रही हैं।सोमवार को वह बेगमपुरा एक्सप्रेस से जौनपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने 83 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की।इसके बाद वह सड़क मार्ग से वाराणसी पहुंचीं, जहां उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। बुधवार सुबह उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की।

अस्वस्थता के कारण बदला कार्यक्रम

राज्यपाल का अगला कार्यक्रम बलिया स्थित जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का था। उन्हें वाराणसी से सड़क मार्ग द्वारा बलिया जाना था, लेकिन अस्वस्थ महसूस होने के कारण उन्होंने अपना कार्यक्रम बदल दिया और सीधे लखनऊ लौटने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा की।हालांकि यात्रा के दौरान ट्रेन के विलंबित होने से उनका लखनऊ पहुंचने का समय भी प्रभावित हुआ।

रेलवे के लिए चुनौती बना तकनीकी फॉल्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त रेल मार्गों पर किसी मालगाड़ी में तकनीकी खराबी आने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो जाता है। वाराणसी-लखनऊ रेलखंड उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियां संचालित होती हैं।ऐसे में एक मालगाड़ी के इंजन के फेल होने का असर कई ट्रेनों पर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरा इंजन उपलब्ध कराया, जिससे कुछ ही समय में परिचालन सामान्य कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां रहीं पूरी तरह सतर्क

चूंकि ट्रेन में प्रदेश की राज्यपाल यात्रा कर रही थीं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। जीआरपी, आरपीएफ, जिला पुलिस और रेलवे प्रशासन लगातार समन्वय बनाए रहे। स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और ट्रेन के प्रस्थान तक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई।जौनपुर रेलखंड पर मालगाड़ी के इंजन में आई तकनीकी खराबी ने कुछ समय के लिए रेल संचालन को प्रभावित जरूर किया, लेकिन रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन लगभग 35 मिनट तक जौनपुर सिटी स्टेशन पर रुकी रही, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट रहीं। यह घटना एक बार फिर बताती है कि व्यस्त रेल मार्गों पर छोटी-सी तकनीकी समस्या भी व्यापक असर डाल सकती है, वहीं समय पर की गई कार्रवाई से परिचालन को जल्द सामान्य भी बनाया जा सकता है।

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