सावधान! आपके फोन में ऑन हैं ये 5 खतरनाक App Permissions? एक गलती और मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Editorial
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आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और निजी बातचीत—सब कुछ मोबाइल के जरिए ही होता है। लेकिन यही स्मार्टफोन आपकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन सकता है, अगर आपने किसी ऐप को बिना सोचे-समझे खतरनाक परमिशंस दे रखी हैं।साइबर अपराधी अब केवल फर्जी लिंक या ओटीपी के जरिए ही लोगों को निशाना नहीं बना रहे हैं। कई मामलों में देखा गया है कि मोबाइल में मौजूद कुछ ऐप्स को दी गई अनावश्यक परमिशंस का गलत इस्तेमाल कर यूजर्स की निजी जानकारी, बैंकिंग डाटा और यहां तक कि वित्तीय खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती है। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि कौन-सी परमिशंस वास्तव में जरूरी हैं और किन्हें तुरंत बंद कर देना चाहिए।

1. Accessibility Permission – सबसे खतरनाक परमिशन

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Accessibility Permission सबसे संवेदनशील परमिशंस में से एक है। यह सुविधा दिव्यांग उपयोगकर्ताओं की मदद के लिए बनाई गई थी, लेकिन साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग भी कर सकते हैं।यदि किसी संदिग्ध ऐप को यह अनुमति मिल जाती है, तो वह स्क्रीन पर दिखाई देने वाली गतिविधियों को पढ़ने, बटन दबाने जैसी क्रियाओं की नकल करने या अन्य ऐप्स के साथ इंटरैक्ट करने की कोशिश कर सकता है। इससे बैंकिंग ऐप्स और यूपीआई लेनदेन भी जोखिम में आ सकते हैं।

क्या करें?

  • केवल भरोसेमंद ऐप्स को ही यह परमिशन दें।
  • यदि किसी सामान्य ऐप (जैसे टॉर्च, वॉलपेपर या गेम) के पास यह अनुमति है, तो तुरंत हटा दें।

2. SMS Permission – ओटीपी तक पहुंच का खतरा

एसएमएस परमिशन के जरिए ऐप आपके मैसेज पढ़ सकता है, यदि आपने उसे ऐसी अनुमति दी हो। कई बैंक और डिजिटल सेवाएं ओटीपी (One-Time Password) एसएमएस के जरिए भेजती हैं।यदि कोई दुर्भावनापूर्ण ऐप इस परमिशन का दुरुपयोग करे, तो वह संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है।

क्या करें?

  • केवल उन्हीं ऐप्स को SMS अनुमति दें जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता हो।
  • अनजान ऐप्स की SMS अनुमति तुरंत बंद करें।

3. Contacts Permission – आपके सभी संपर्क खतरे में

कई ऐप्स बिना जरूरत आपके पूरे कॉन्टैक्ट्स की सूची मांग लेते हैं।यदि यह जानकारी गलत हाथों में चली जाए, तो इसका इस्तेमाल फर्जी कॉल, स्पैम, सोशल इंजीनियरिंग या आपके परिचितों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

क्या करें?

  • केवल मैसेजिंग या कॉलिंग ऐप्स को ही Contacts Permission दें।
  • बाकी ऐप्स से यह अनुमति हटा दें।

4. Microphone और Camera Permission – आपकी निजता पर असर

कैमरा और माइक्रोफोन तक पहुंच किसी भी ऐप को बेहद संवेदनशील बना देती है।कुछ मामलों में दुर्भावनापूर्ण ऐप्स इन परमिशंस का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हर ऐप को कैमरा और माइक्रोफोन की अनुमति न दें।

क्या करें?

  • केवल वीडियो कॉल, कैमरा या रिकॉर्डिंग से जुड़े भरोसेमंद ऐप्स को ही अनुमति दें।
  • जिन ऐप्स का कैमरा या माइक्रोफोन से कोई संबंध नहीं, उनकी परमिशन बंद कर दें।

5. Location Permission – हर समय आपकी लोकेशन ट्रैक हो सकती है

कई ऐप्स हर समय आपकी लोकेशन जानना चाहते हैं, जबकि उन्हें इसकी जरूरत नहीं होती।लगातार लोकेशन एक्सेस से आपकी गतिविधियों और दिनचर्या का अनुमान लगाया जा सकता है।

क्या करें?

  • जहां संभव हो, “Allow only while using the app” विकल्प चुनें।
  • “Allow all the time” केवल अत्यंत आवश्यक ऐप्स के लिए ही रखें।

फोन में परमिशंस कैसे चेक करें?

Android यूजर्स

  • Settings खोलें।
  • Privacy या Security सेक्शन में जाएं।
  • Permission Manager खोलें।
  • Camera, Microphone, SMS, Contacts, Location आदि की सूची देखें।
  • अनावश्यक ऐप्स की परमिशन बंद करें।

iPhone यूजर्स

  • Settings में जाएं।
  • Privacy & Security खोलें।
  • Camera, Microphone, Contacts, Photos, Location आदि चुनें।
  • जिन ऐप्स को जरूरत नहीं, उनकी अनुमति हटा दें।

ऐप डाउनलोड करते समय रखें ये सावधानियां

सिर्फ परमिशन बंद करना ही काफी नहीं है। ऐप इंस्टॉल करते समय भी सतर्क रहना जरूरी है।

  • केवल Google Play Store और Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें।
  • इंस्टॉल करने से पहले ऐप की रेटिंग और रिव्यू पढ़ें।
  • डेवलपर की जानकारी देखें।
  • बहुत कम डाउनलोड वाले या संदिग्ध ऐप्स से बचें।
  • ऐप अपडेट हमेशा आधिकारिक स्टोर से ही करें।

इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें

यदि आपके फोन में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करें—

  • बैटरी तेजी से खत्म होना।
  • फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना।
  • इंटरनेट डेटा का अचानक बढ़ जाना।
  • अनजान नोटिफिकेशन आना।
  • बिना वजह ऐप्स का खुलना या बंद होना।
  • बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन।

 

अगर बैंक अकाउंट से धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?

यदि आपको किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन का पता चले—

  • तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करें।
  • यूपीआई या कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक कराएं।
  • पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें।
  • साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर करें या हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क करें।
  • बैंक स्टेटमेंट की जांच करें और सभी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी दें।

डिजिटल सुरक्षा के लिए अपनाएं ये 5 आदतें

  • हर ऐप को केवल आवश्यक परमिशन दें।
  • फोन और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट रखें।
  • मजबूत स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सुरक्षा का उपयोग करें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
  • किसी भी लिंक, APK फ़ाइल या संदिग्ध मैसेज पर बिना जांच क्लिक न करें।

स्मार्टफोन की सुरक्षा केवल एंटीवायरस से नहीं, बल्कि आपकी सावधानी से तय होती है। हर ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन देना आपकी निजी जानकारी और बैंकिंग सुरक्षा दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए आज ही अपने फोन की App Permissions की समीक्षा करें, अनावश्यक अनुमतियां हटाएं और केवल भरोसेमंद ऐप्स को ही संवेदनशील एक्सेस दें। थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़े साइबर फ्रॉड और आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

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