पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा: अनिल मिश्रा

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने एक बार फिर अपना स्पष्ट और सख्त रुख जाहिर किया है। शुक्रवार को कायमगंज नगर की पटवन गली स्थित संगठन कार्यालय में आयोजित राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक में पत्रकार हितों, संगठन विस्तार और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने की, जबकि बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।बैठक में सबसे महत्वपूर्ण संदेश देते हुए जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी पत्रकार के साथ अन्याय, उत्पीड़न, धमकी या अभद्र व्यवहार होता है तो राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद उसके साथ मजबूती से खड़ी होगी और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है।

संगठन की ताकत गांव और तहसील स्तर पर मजबूत होगी

बैठक को संबोधित करते हुए अनिल मिश्रा ने कहा कि किसी भी संगठन की असली शक्ति उसके जमीनी ढांचे में होती है। यदि तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक संगठन मजबूत होगा तो पत्रकारों की समस्याओं को तेजी से सुना और उनका समाधान कराया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जो किसी भी पत्रकार के संकट के समय तुरंत उसके साथ खड़ा दिखाई दे।उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पत्रकारों से नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को संगठन तक पहुंचाएं।

पत्रकारों की आवाज दबाने वालों को मिलेगा करारा जवाब

जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज पत्रकारिता अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। कई बार समाचार प्रकाशित करने या सच सामने लाने पर पत्रकारों को दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी मामले में परिषद चुप नहीं बैठेगी।”यदि किसी पत्रकार के सम्मान पर चोट पहुंचेगी तो संगठन पूरी ताकत के साथ उसके समर्थन में खड़ा होगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक आवाज उठाई जाएगी।”उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।

पत्रकारों का सम्मान लोकतंत्र की मजबूती की पहचान

अनिल मिश्रा ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं करते बल्कि समाज की समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का दायित्व निभाते हैं।उन्होंने कहा कि पत्रकारों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग ही लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखती है। इसलिए पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहित की पत्रकारिता को प्राथमिकता दें।

संगठन का हर सदस्य हमारी ताकत

बैठक को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष उपेंद्रनाथ मिश्रा ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी पूंजी उसके पदाधिकारी और सदस्य हैं।उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, सामाजिक या व्यावसायिक समस्या आती है तो वह बिना संकोच संगठन को तत्काल जानकारी दे।उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिषद हर सदस्य की समस्या को अपनी समस्या मानकर उसका समाधान कराने का प्रयास करेगी।उन्होंने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब सभी सदस्य सक्रिय रहेंगे और आपसी विश्वास बनाए रखेंगे।

सदस्यता अभियान को और तेज करने का निर्णय

बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि आगामी दिनों में जिले के प्रत्येक तहसील, ब्लॉक और नगर क्षेत्र में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पत्रकारों को संगठन से जोड़ा जा सके।संगठन का उद्देश्य ऐसे पत्रकारों को भी मंच उपलब्ध कराना है जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं लेकिन किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं।

युवा पत्रकारों को जोड़ने पर विशेष जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि युवा पत्रकारों को संगठन से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।वरिष्ठ पत्रकार समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देंगे ताकि नए पत्रकार पत्रकारिता की मर्यादा, कानूनी अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य की पत्रकारिता को मजबूत बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है।

संगठनात्मक गतिविधियों को मिलेगा नया विस्तार

बैठक में आगामी महीनों की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।निर्णय लिया गया कि समय-समय पर पत्रकारों के लिए कार्यशालाएं, विचार गोष्ठियां, सम्मान समारोह और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसके साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों जैसे विषयों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी।

पत्रकार हित सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक के दौरान कई सदस्यों ने पत्रकारों को आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर अपने विचार रखे।सभी ने एकमत होकर कहा कि संगठन का पहला उद्देश्य पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा होना चाहिए।पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि जिले में यदि किसी पत्रकार के साथ किसी प्रकार की घटना होती है तो संगठन की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए।

आपसी एकजुटता से संगठन होगा मजबूत

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन की सफलता केवल पदाधिकारियों पर निर्भर नहीं करती बल्कि प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी से संगठन मजबूत बनता है।उन्होंने सभी सदस्यों से नियमित बैठकों में भाग लेने, संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा पत्रकार हितों के मुद्दों पर एकजुट रहने का आह्वान किया।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

बैठक में महासचिव भूपेंद्र सिंह वर्मा, महामंत्री आदिल अमान, धर्मेंद्र पाल, अजीम खान, मजहर अली, प्रभीत यादव, नीरज गुप्ता सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया तथा पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में एकजुट होकर कार्य करने का भरोसा व्यक्त किया।राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और लोकतंत्र में उनकी भूमिका को लेकर एक स्पष्ट संदेश भी दे गई कि सच की आवाज को दबाने की हर कोशिश का संगठन मजबूती से सामना करेगा और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

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