लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को समाजवादी विचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र की जयंती पर राजधानी लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में जोश भरा, बल्कि अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की नई व्याख्या करते हुए कहा कि “PDA में P का मतलब पंडित भी है।” उनके इस बयान को ब्राह्मण समाज को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जनेश्वर मिश्र पार्क में उमड़ी समर्थकों की भीड़
बुधवार सुबह अखिलेश यादव जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों की भारी भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था को काफी मशक्कत करनी पड़ी और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें प्रतिमा स्थल तक पहुंचाया।
ब्राह्मण सम्मेलन से दिया बड़ा राजनीतिक संदेश
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से ब्राह्मण समाज के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनेश्वर मिश्र पार्क में बड़े कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी, लेकिन इससे समाजवादी विचारों और बदलाव की आवाज नहीं रुक सकती।
‘PDA में P मतलब पंडित’
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पीडीए की राजनीति से घबरा गई है और अब उसकी नई-नई परिभाषाएं गढ़ रही है।
उन्होंने कहा,
“जो लोग समय-समय पर PDA की परिभाषा बदलते हैं, वे जान लें कि PDA में P का मतलब पंडित भी है। पंडित को जितना सताओगे, वह उतना ही मजबूत होगा।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज को अपने पक्ष में जोड़ने की सपा की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
2027 में बदलाव का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बदलाव तय है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण सहित सभी वर्ग यदि एकजुट हुए तो भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सकता है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने की अपील भी की।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन में सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है और विपक्ष के कार्यक्रमों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
फर्जी एनकाउंटर को लेकर पूर्व मंत्री का बड़ा बयान
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज के लोगों के फर्जी एनकाउंटर कराए गए हैं।उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो सभी कथित फर्जी एनकाउंटरों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2027 चुनाव से पहले बदले सियासी समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सपा लगातार अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ अन्य सामाजिक वर्गों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। PDA की नई व्याख्या और प्रबुद्धजन सम्मेलन इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई सामाजिक और राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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