रिपोर्ट:दीपचंद्र दीक्षित
- मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
- डेयरी व्यवसाय को आधुनिक बनाने पर दिया गया जोर
- जैविक खेती और उन्नत नस्ल के पशुपालन का दिया संदेश
- सरकार किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए प्रतिबद्ध : फतेहचन्द्र वर्मा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है डेयरी व्यवसाय : सीडीओ विनोद कुमार गौड़
- महिला दुग्ध उत्पादकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
- ज्ञान डेयरी ने बताए नए अवसर
- किसानों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
- किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन, फतेहगढ़ में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन, डेयरी विकास, दुग्ध उत्पादन, आधुनिक तकनीक और मुख्यमंत्री की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई। साथ ही चयनित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं के अंतर्गत अनुमति पत्र भी वितरित किए गए।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा उपस्थित रहे, जबकि मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डेयरी विशेषज्ञ, महिला दुग्ध उत्पादक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
डेयरी कॉन्क्लेव की शुरुआत मुख्यालय से आयोजित लाइव कार्यक्रम के प्रसारण के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशभर के किसानों को संबोधित किया गया। इसके बाद फर्रुखाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के चयनित लाभार्थियों को अनुमति पत्र प्रदान किए गए।अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
डेयरी व्यवसाय को आधुनिक बनाने पर दिया गया जोर
कॉन्क्लेव में मौजूद विषय विशेषज्ञों ने किसानों को डेयरी व्यवसाय की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन, बेहतर नस्ल के पशुओं का चयन, संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और आधुनिक दुग्ध संग्रहण प्रणाली अपनाकर दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।विशेषज्ञों ने किसानों को डेयरी व्यवसाय को स्वरोजगार और आय के स्थायी स्रोत के रूप में विकसित करने की भी सलाह दी।

जैविक खेती और उन्नत नस्ल के पशुपालन का दिया संदेश
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जैविक खेती और वैज्ञानिक पशुपालन दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने किसानों से उन्नत नस्ल की गाय एवं भैंसों का पालन करने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके अपनाने से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी लगातार वृद्धि होगी।
सरकार किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए प्रतिबद्ध : फतेहचन्द्र वर्मा
मुख्य अतिथि एवं भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार पारदर्शी तरीके से पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और उनका अधिक से अधिक लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है डेयरी व्यवसाय : सीडीओ विनोद कुमार गौड़
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान खेती के साथ पशुपालन को भी अपनाते हैं, तो उनकी आय में स्थायी वृद्धि संभव है।उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
महिला दुग्ध उत्पादकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
कार्यक्रम में सृजनी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के क्लस्टर मैनेजर आदित्य पाण्डेय ने महिला किसानों और दुग्ध उत्पादकों को एएमसीयू (AMCU) प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक दुग्ध संग्रहण प्रणाली और डिजिटल तकनीक से दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ किसानों को पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सकता है।इस दौरान महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया गया।
ज्ञान डेयरी ने बताए नए अवसर
ज्ञान डेयरी के सहायक प्रबंधक आर.आर. यादव ने डेयरी क्षेत्र में रोजगार और व्यवसाय की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को बताया कि आधुनिक डेयरी उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हैं।उन्होंने डेयरी कंपनियों द्वारा किसानों को दिए जाने वाले तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी साझा की।
किसानों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। कॉन्क्लेव में पशुपालन विभाग के अधिकारी, डेयरी विशेषज्ञ, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य, दुग्ध उत्पादक किसान और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।किसानों ने कार्यक्रम में विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर पशुपालन, डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों से जुड़े सवाल पूछे तथा उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक डेयरी तकनीकों से जोड़ना, पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक पशुपालन, आधुनिक डेयरी प्रबंधन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग करें तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
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