रिपोर्ट :मो. अरशद
मुरादाबाद थाना मूंढापांडे क्षेत्र के ग्राम दौलारी में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव के एक पीड़ित परिवार ने कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, महिलाओं के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते उन्हें अपने ही गांव से बाहर रहना पड़ रहा है।परिवार के मुताबिक, पिछले करीब 9 दिनों से उन्हें अपने घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि परिवार के सदस्यों को दूसरे लोगों के घरों में शरण लेकर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना हुआ है और इसी वजह से वे गांव में अपने घर वापस जाने से बच रहे हैं।
पुरानी रंजिश के बाद फिर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि दौलारी गांव में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश को लेकर पहले भी विवाद और शिकायत की बात सामने आई थी। अब एक बार फिर मामला बढ़ने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।पीड़ितों का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। परिवार की महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। परिवार का कहना है कि लगातार धमकियों के कारण उन्हें गांव छोड़कर दूसरे स्थान पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
9 दिन से घर में प्रवेश नहीं करने देने का आरोप
पीड़ित परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि करीब नौ दिनों से उन्हें अपने घर में जाने नहीं दिया जा रहा है। परिवार के अनुसार, घर और सामान गांव में ही मौजूद है, लेकिन डर की वजह से वे वहां वापस नहीं जा पा रहे हैं।परिवार का कहना है कि अपने ही घर में प्रवेश न कर पाना उनके लिए बेहद परेशानी भरा है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की देखभाल तक प्रभावित हो रही है। पीड़ितों के मुताबिक, लगातार तनाव के कारण परिवार के सामने रहने और सुरक्षा दोनों की समस्या खड़ी हो गई है।
पुलिस के साए में रहने का दावा
पीड़ित परिवार का कहना है कि विवाद के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत महसूस हो रही है। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, धमकियों के चलते वे सामान्य तरीके से गांव में रहने की स्थिति में नहीं हैं। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।परिवार का कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन की ओर से समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। पीड़ितों ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा असर
गांव से बाहर रहने की मजबूरी का असर परिवार के कारोबार और दैनिक जीवन पर भी पड़ने का दावा किया गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद के कारण उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।परिवार का कहना है कि उन्हें अपना घर छोड़कर दूसरे लोगों के यहां रहना पड़ रहा है। इससे आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तर पर परेशानी बढ़ रही है। पीड़ितों ने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था की मांग की है, जिससे वे बिना किसी भय के अपने घर लौट सकें और सामान्य जीवन शुरू कर सकें।

पहले भी पुलिस में शिकायत की बात
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, पुरानी रंजिश को लेकर पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी। परिवार का कहना है कि विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ और अब दोबारा तनाव की स्थिति बन गई है।पीड़ितों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
आरोपियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि वे किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, लेकिन उन्हें अपने घर और परिवार की सुरक्षा की चिंता है।पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके की स्थिति की जांच की जाए और परिवार को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें सुरक्षा का भरोसा मिलता है तो वे अपने घर वापस लौटना चाहते हैं।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला पीड़ित परिवार की शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनना और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करना जरूरी है।दौलारी गांव में पुरानी रंजिश से जुड़े इस विवाद ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब परिवार की नजर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर है। पीड़ितों को उम्मीद है कि अधिकारियों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें सुरक्षा दी जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में सामने आए इस मामले में अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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