रिपोर्ट :मो अरशद
- मिठाइयों की गुणवत्ता और उपयोग अवधि पर विशेष जोर
- बेकरी कारोबारियों को FIFO व्यवस्था अपनाने की सलाह
- एलर्जन और क्रॉस-कंटामिनेशन से बचने की जानकारी
- निरीक्षण के दौरान ये दस्तावेज रखने होंगे तैयार
- FSSAI लाइसेंस और Food Safety Connect QR कोड जरूरी
- खाद्य तेल की गुणवत्ता पर भी नजर
- कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता भी जरूरी
- त्योहारी सीजन में बढ़ेगी निगरानी
मुरादाबाद त्योहारी सीजन के बीच मुरादाबाद में मिठाई और बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिष्ठान विक्रेताओं और बेकरी कारोबारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के 76 मिष्ठान विक्रेताओं और बेकरी निर्माताओं के साथ व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, खाद्य पदार्थों की उपयोग अवधि और पैकेजिंग सहित कई महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कारोबारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि ग्राहकों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
मिठाइयों की गुणवत्ता और उपयोग अवधि पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने मिठाइयों की गुणवत्ता और उनके सुरक्षित इस्तेमाल की अवधि को लेकर कारोबारियों को विशेष जानकारी दी। खासतौर पर खुली और बिना पैक की गई मिठाइयों पर ‘यूज बाई’ या उपयोग की सर्वोत्तम तिथि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों ने बताया कि सभी मिठाइयों की सुरक्षित अवधि एक जैसी नहीं होती। छेना और पनीर से तैयार होने वाली रसगुल्ला, रसमलाई, चमचम और संदेश जैसी मिठाइयां अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो सकती हैं। इसी तरह खोया और मावा से तैयार मिठाइयों को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उचित तापमान और स्वच्छ वातावरण जरूरी है।कारोबारियों को सलाह दी गई कि मिठाइयों को निर्धारित तापमान पर रखा जाए और निर्माण तथा बिक्री के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने के लिए भंडारण व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।

बेकरी कारोबारियों को FIFO व्यवस्था अपनाने की सलाह
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेकरी कारोबारियों को खाद्य सामग्री के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए FIFO यानी First In First Out व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई। इसका मतलब है कि जो खाद्य सामग्री पहले आई है, उसका इस्तेमाल भी पहले किया जाए, ताकि पुराना स्टॉक लंबे समय तक जमा न रहे।अधिकारियों ने कहा कि कच्चे माल और तैयार खाद्य पदार्थों को जमीन पर सीधे नहीं रखा जाना चाहिए। खाद्य सामग्री को जमीन से ऊपर, सूखी और कीटमुक्त जगह पर सुरक्षित रखना जरूरी है।तैयार खाद्य पदार्थों को सीधे हाथों से छूने से बचने और इसके लिए फूड-सेफ चिमटे, ग्लव्स तथा अन्य सुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। इससे खाद्य पदार्थों में संक्रमण और गंदगी पहुंचने की संभावना कम होगी।

एलर्जन और क्रॉस-कंटामिनेशन से बचने की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली नट्स और अन्य एलर्जन वाली सामग्री को लेकर भी कारोबारियों को सावधान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि अलग-अलग प्रकार की खाद्य सामग्री को उचित तरीके से अलग रखना चाहिए।खासकर ऐसी सामग्री जिससे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, उसे अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखने और क्रॉस-कंटामिनेशन रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने पर जोर दिया गया।कारोबारियों को समझाया गया कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पाद की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि कच्चे माल की खरीद से लेकर उसके भंडारण, निर्माण, पैकेजिंग और बिक्री तक हर चरण में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान ये दस्तावेज रखने होंगे तैयार
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को निरीक्षण के दौरान जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखने के संबंध में भी जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक खाद्य प्रतिष्ठानों पर FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड और पानी की जांच रिपोर्ट जैसे दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।इसके अलावा फूड-ग्रेड पैकेजिंग से संबंधित दस्तावेज और कच्चे माल की खरीद के बिल भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखने चाहिए।
FSSAI लाइसेंस और Food Safety Connect QR कोड जरूरी
प्रशिक्षण के दौरान कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान पर FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित करने और Food Safety Connect का QR कोड लगाने के निर्देश भी दिए गए। पैक्ड खाद्य पदार्थों में सही लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया।अधिकारियों ने कहा कि किसी भी पैक्ड खाद्य पदार्थ पर आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। खाद्य रंग और अन्य एडिटिव्स का इस्तेमाल भी निर्धारित मात्रा और नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
खाद्य तेल की गुणवत्ता पर भी नजर
मिष्ठान और बेकरी कारोबार में खाद्य तेल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान खाद्य तेल की गुणवत्ता को लेकर भी कारोबारियों को जागरूक किया गया।अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तेल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जानी चाहिए। खराब या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले तेल का इस्तेमाल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता भी जरूरी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर भी कारोबारियों को कई जरूरी निर्देश दिए। खाद्य निर्माण और बिक्री से जुड़े कर्मचारियों को ग्लव्स, मास्क, एप्रन और हेयरनेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।इसके साथ ही कर्मचारियों के कपड़े साफ रखने, नाखून छोटे और साफ रखने तथा खाद्य निर्माण स्थल पर व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।निर्माणशाला की नियमित सफाई करने और चिमनी की सफाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थ बनाने वाली जगह की साफ-सफाई सीधे तौर पर खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी होती है।
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी निगरानी
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कारोबारियों को प्रशिक्षण देने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल नियम बताना ही नहीं, बल्कि कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है।अधिकारियों ने कारोबारियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करते हुए ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। खाद्य कारोबारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राहकों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।मुरादाबाद में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से साफ है कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग सक्रिय है। 76 मिष्ठान विक्रेताओं और बेकरी कारोबारियों को दिए गए प्रशिक्षण के जरिए विभाग ने साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, सही लेबलिंग, दस्तावेजों की उपलब्धता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया है।अब देखना होगा कि प्रशिक्षण के बाद खाद्य कारोबारी इन नियमों को अपने प्रतिष्ठानों में कितनी गंभीरता से लागू करते हैं। लोगों को भी उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में बाजार में मिलने वाली मिठाइयां और बेकरी उत्पाद गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरेंगे।
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