रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद जिले में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बलिया गांव में मंगलवार को एक बार फिर तेंदुए के हमले से सनसनी फैल गई। चारा लेने गई करीब 50 वर्षीय महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।बताया जा रहा है कि महिला रोज की तरह खेतों की ओर चारा लेने गई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई, लेकिन जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
पहले भी हो चुकी है महिला की मौत
ग्रामीणों के मुताबिक, बलिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। इससे पहले संतोष नाम की महिला की भी तेंदुए के हमले में मौत हो चुकी है। इसके अलावा ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में तेंदुए अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं। लगातार हो रहे हमलों के बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और खेतों से लगे इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी बनी हुई है।
वन विभाग ने छह तेंदुए पकड़े
लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम भी इलाके में सक्रिय है। विभाग अब तक छह तेंदुओं को पकड़ चुका है। इसके बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में तेंदुए मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आसपास के इलाकों में तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुओं के आतंक को रोकने के लिए प्रभावी स्तर पर अभियान चलाए जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि शाम के बाद खेतों की ओर जाना तो दूर, दिन में भी ग्रामीण अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं। खासकर महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा भयभीत हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
महिला की मौत की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। घटना को लेकर लोगों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने मांग की कि इलाके में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर तेंदुओं की तलाश की जाए और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हमलों के कारण खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। खेतों में जाने वाले लोगों को हर समय तेंदुए के हमले का डर सताता रहता है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि गांवों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए और तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
परिवार ने की सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग
घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। परिजनों की मांग है कि परिवार के एक बच्चे को सरकारी नौकरी दी जाए और 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।परिजनों का कहना है कि परिवार ने अपना एक सदस्य खो दिया है और अब उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार को पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिए।
तेंदुए के आतंक से सहमे ग्रामीण
ठाकुरद्वारा के बलिया गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों और आबादी वाले क्षेत्रों के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग केवल तेंदुओं को पकड़ने तक सीमित न रहे, बल्कि उन क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी करे जहां से तेंदुओं के आबादी की ओर आने की आशंका है।फिलहाल महिला की मौत के बाद गांव में मातम के साथ-साथ दहशत का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन और वन विभाग से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के संबंध में परिजनों की बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने परिवार के लिए सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग रखी है।
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