फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बेग गांव में गुरुवार शाम बाजरे की मड़ाई के दौरान थ्रेसर की चपेट में आने से 19 वर्षीय बीएससी छात्र अनुभव की मौत हो गई। परिवार के इकलौते बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बेटे का शव देखकर मां अनीता देवी और बहनें गहरे सदमे में बेसुध हो गईं। पिता त्रिमल सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


बाजरे की मड़ाई करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बेग गांव निवासी त्रिमल सिंह का 19 वर्षीय बेटा अनुभव बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार शाम करीब छह बजे वह गांव के ही एक व्यक्ति के खेत में थ्रेसर से बाजरे की मड़ाई के काम में लगा था। इसी दौरान बाजरे का गठ्ठर मशीन में डालते समय अचानक उसका हाथ थ्रेसर के अंदर चला गया।बताया गया कि हाथ मशीन में फंसने के बाद अनुभव खुद को संभाल नहीं सका और गंभीर हादसे का शिकार हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में अनुभव की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद खेत में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तत्काल मदद के लिए जुटे और थ्रेसर को खोलकर युवक को बाहर निकाला। तब तक उसकी जान जा चुकी थी। हादसे की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अनुभव अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह बीएससी की पढ़ाई कर रहा था और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। पढ़ाई के बाद उसके भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए होंगे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। वहां अनुभव का शव देखकर मां अनीता देवी बदहवास हो गईं। मां की आंखों के सामने उनका जवान बेटा हमेशा के लिए दुनिया से जा चुका था। दुख की इस घड़ी में वह खुद को संभाल नहीं सकीं और बेसुध होकर गिर पड़ीं।पिता त्रिमल सिंह पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की बेटियां कंचन, रितु और गार्गी भी भाई को खोने के गम में बिलख उठीं। घर में चीख-पुकार और रोने की आवाजों से माहौल गमगीन हो गया। जिस घर में कुछ समय पहले तक भविष्य की उम्मीदें थीं, वहां अचानक मातम छा गया।
खेत में मड़ाई के दौरान बरतें सावधानी
थ्रेसर और कृषि मशीनों का इस्तेमाल फसल की मड़ाई के दौरान बड़े पैमाने पर किया जाता है। इन मशीनों से काम आसान और तेज होता है, लेकिन सावधानी में थोड़ी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बाजरे या अन्य फसलों के गठ्ठर मशीन में डालते समय विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।कृषि मशीनों के संचालन के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना, चलती मशीन के खतरनाक हिस्सों से दूरी बनाए रखना और मशीन में फंसी सामग्री निकालने से पहले उसे पूरी तरह बंद करना महत्वपूर्ण है। मशीन के संचालन में लगे लोगों को भी सुरक्षा उपायों की जानकारी होनी चाहिए।अनुभव के साथ हुआ हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के दौरान सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर सामने लाता है। हालांकि, इस घटना में सुरक्षा संबंधी किसी विशेष चूक की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की और इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की ओर से मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की आगे की कार्रवाई की जानी थी। घटना को लेकर गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। परिवार के इकलौते बेटे की मौत से न सिर्फ परिजन, बल्कि गांव के लोग भी दुखी हैं।
गांव में पसरा मातम, परिवार को नहीं हो रहा यकीन
19 वर्षीय अनुभव की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस उम्र में युवा अपनी पढ़ाई और भविष्य को संवारने के सपने देखते हैं, उस उम्र में अनुभव की जिंदगी अचानक खत्म हो गई। उसकी मौत से परिवार की उम्मीदें टूट गईं और मां-पिता ने अपना इकलौता बेटा खो दिया।गांव में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति को सहन करना परिवार के लिए बेहद मुश्किल है। मां और बहनों का विलाप हर किसी को भावुक कर रहा है।नवाबगंज थाना क्षेत्र के बेग गांव में हुए इस हादसे के बाद शोक की लहर है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई की है।
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