मुरादाबाद में तेंदुए का हमला:किसान को उठा ले गया तेंदुआ, 22 दिन में 4 मौतें

Editorial
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रिपोर्ट :मो.अरशद

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक खेतों और जंगल के आसपास लोगों को निशाना बनाने वाला तेंदुआ गांव की आबादी तक पहुंच गया है। ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के बलिया गांव में 29 अगस्त की रात घर के बाहर सो रहे करीब 40 वर्षीय किसान जगराम सिंह पर तेंदुए के हमले की घटना सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ किसान को उठा ले गया। अगले दिन सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों को किसान का शव मिला।इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले तेंदुए के हमलों का डर खेतों तक सीमित था, लेकिन अब गांव और घरों के आसपास भी खतरा बढ़ गया है। लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीण रात के समय घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।

29 अगस्त की रात हुई घटना, सुबह खेत में मिला किसान का शव

जानकारी के मुताबिक, बलिया गांव निवासी किसान जगराम सिंह 29 अगस्त की रात अपने घर के बाहर सो रहे थे। रात में तेंदुए के वहां पहुंचने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ किसान को उठाकर खेतों की तरफ ले गया।सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो वहां किसान का शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।ताजा घटना ने गांव में पहले से मौजूद तेंदुए के डर को और गहरा कर दिया है।

22 दिनों में तेंदुए के हमले से 4 लोगों की मौत

मुरादाबाद में पिछले कुछ हफ्तों से तेंदुए के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 3 अगस्त से 29 अगस्त के बीच तेंदुए के हमलों में चार लोगों की जान जा चुकी है।

  • 3 अगस्त: 45 वर्षीय संतोष देवी की तेंदुए के हमले में मौत हुई।
  • 18 अगस्त: 60 वर्षीय विरमा देवी तेंदुए के हमले का शिकार हुईं।
  • 25 अगस्त: 45 वर्षीय मिथलेश देवी की तेंदुए के हमले में मौत हुई।
  • 29 अगस्त: बलिया गांव में किसान जगराम सिंह की मौत की घटना सामने आई।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी भय का माहौल है।

खेतों से निकलकर आबादी तक पहुंचा तेंदुआ

ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में तेंदुए खेतों के आसपास नजर आते थे और खेतों में काम करने वाले लोगों को खतरा बना रहता था। खासतौर पर महिलाओं के खेतों में जाने को लेकर परिवार चिंतित रहते थे।लेकिन अब ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुए गांव की आबादी के आसपास भी दिखाई दे रहे हैं। बलिया गांव की ताजा घटना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि यदि तेंदुए को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में आबादी के भीतर भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं।

वन विभाग पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

लगातार हो रही घटनाओं के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से क्षेत्र में कई तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है, लेकिन जिस तेंदुए को वे लगातार हमलों के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं, उसकी पहचान और पकड़ने की कार्रवाई अभी तक प्रभावी नहीं हुई है।ग्रामीणों के मुताबिक, वन विभाग की टीमें लालापुर पीपलसाना स्थित विश्नोई धर्मशाला में ठहरी हुई हैं। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर कार्रवाई को लेकर पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखाई दे रही है।कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब वरिष्ठ अधिकारी या मीडिया मौके पर पहुंचते हैं, तभी वन विभाग की गतिविधियां अधिक दिखाई देती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

विशेषज्ञ टीम बुलाने की मांग

लगातार हो रही मौतों से नाराज ग्रामीण अब तेंदुए को पकड़ने के लिए अनुभवी वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशिक्षित टीम की मदद लेने की मांग कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ तेंदुओं को पकड़ना या उन्हें आबादी से दूर खदेड़ना पर्याप्त नहीं है। जिस तेंदुए पर लगातार हमलों का संदेह है, उसकी पहचान कर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ना जरूरी है।ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने, कैमरा ट्रैप और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

रात में घर से निकलने से भी डर रहे ग्रामीण

बलिया गांव में ताजा घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे खेतों में जाने से डरते थे, लेकिन अब घर के आसपास भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।ग्रामीणों का सवाल है कि लगातार हो रहे तेंदुए के हमलों को रोकने के लिए आखिर और कितनी घटनाओं का इंतजार किया जाएगा?लोग चाहते हैं कि वन विभाग जल्द से जल्द तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करे और गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने शाम और रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने तथा समूह में आवाजाही करने की अपील भी की है।

तेंदुए के आतंक ने बढ़ाई चुनौती

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही तेंदुए के हमले की घटनाएं वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। 22 दिनों के भीतर चार मौतों की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत ग्रामीणों की सुरक्षा और तेंदुए की गतिविधियों की वैज्ञानिक निगरानी की है। बलिया गांव की घटना के बाद वन विभाग पर कार्रवाई तेज करने का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों की मांग है कि विशेषज्ञ टीम की मदद लेकर तेंदुए को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जाए, ताकि इलाके में किसी और व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े।

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