संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को शांति, अमन-चैन और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न कराने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार के मद्देनजर पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा और चाक-चौबंद कर दिया गया है। इसी कड़ी में सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लेने और आम जनता के बीच सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल पैदा करने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने खुद मोर्चे की कमान संभाली। वरिष्ठ अधिकारियों ने भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ संवेदनशील माने जाने वाले नखासा थाना क्षेत्र और कोतवाली इलाके के प्रमुख बाजारों, तंग गलियों और मुख्य मार्गों पर पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) की।पैदल मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों, संभ्रांत नागरिकों और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे, शांति और पारंपरिक सौहार्द के साथ मनाने की पुरजोर अपील की। अधिकारियों ने गश्त के दौरान मुस्तैद पुलिस कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें, किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें और हर छोटी-बड़ी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखें। इसके अलावा, जिले के प्रवेश द्वारों और प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके।प्रशासनिक स्तर पर दी गई जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को पूरे जिले में बकरीद का पवित्र त्योहार बेहद अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। त्योहार के मुख्य आकर्षण यानी नमाज को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। संभल के गुन्नौर कस्बा और इसके नजदीकी गांव सैंजना मुस्लिम समेत कुल मिलाकर करीब 30 से अधिक प्रमुख मस्जिदों में सामूहिक रूप से नमाज अदा की जाएगी। इतनी बड़ी आबादी और त्योहार की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के पैमानों को दोगुना कर दिया गया है। नगर की प्रमुख इबादतगाहों जैसे जामा मस्जिद, सुन्नी नूरानी मदीना मस्जिद, लाल मस्जिद और रजा मस्जिद के आसपास सुरक्षा के कड़े घेरे तैयार किए गए हैं। सुरक्षा के इस महाखाके को अमलीजामा पहनाते हुए गुन्नौर कोतवाली प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि केवल उनके कार्यक्षेत्र के भीतर ही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 70 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। कानून व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ-साथ प्रशासन ने स्वच्छता और धार्मिक नियमों के पालन को लेकर भी बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि बकरीद के मौके पर दी जाने वाली कुर्बानी किस भी सूरत में खुले या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं की जाएगी। कुर्बानी के अनुष्ठान को पूरी तरह से निजी या पर्दा किए गए स्थानों पर ही संपन्न करना होगा।

इसके साथ ही, त्योहार के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले पशुओं के अपशिष्ट और गंदगी का निस्तारण बेहद सुरक्षित तरीके से किया जाए। गुन्नौर कोतवाली प्रभारी के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध जनों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर यह तय किया गया है कि कुर्बानी के बाद के अपशिष्ट को खुले में या नालियों में कतई नहीं बहाया जाएगा, बल्कि इसके लिए पूर्व निर्धारित और चिन्हित किए गए गहरे गड्ढों में ही उन्हें दबाया जाएगा। नियमों को और अधिक कड़ाई से लागू करने के लिए स्थानीय पशुपालकों को भी प्रशासन की ओर से औपचारिक नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों के जरिए सख्त हिदायत दी गई है कि त्योहार की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने मवेशियों या अन्य दुधारू पशुओं को सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर खुला न छोड़े, जिससे यातायात बाधित हो या किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने की आशंका बने। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने चेतावनी भरे लहजे में साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग करने, भड़काऊ पोस्ट साझा करने या सरकारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, पूरे संभल जिले में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी हर हलचल पर निगरानी रखी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी हुई है।
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