
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और यह जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईटी की जांच के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी कोई भी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए, जिससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था और भावनाएं आहत हों।राम मंदिर को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें भी इस पूरे मामले की जानकारी समाचार पत्रों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से मिली थी। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने तत्काल एसआईटी जांच का फैसला लिया ताकि किसी भी तरह की शंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में सत्य को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है और जांच एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ अपना काम करेंगी। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल मंदिर विवाद पर ही नहीं, बल्कि देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्रभक्ति के विषय पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने भारत के युवाओं को दबाने और उनके भीतर की राष्ट्रवादी भावना को समाप्त करने का हरसंभव प्रयास किया था, लेकिन भारतीय युवाओं ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने चौरी-चौरा आंदोलन और काकोरी कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अपने साहस और बलिदान से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। यही कारण रहा कि अंग्रेज अधिक समय तक भारत में टिक नहीं सके और अंततः देश को स्वतंत्रता मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश उसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए ऐसा संघर्ष किया जिसने अंग्रेजों को नाको चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र नायकों और वीरांगनाओं का सम्मान करना केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई और उदा देवी पासी जैसी महान वीरांगनाओं के सम्मान में कई योजनाएं और अभियान शुरू किए हैं। इसी क्रम में प्रदेश में पीएसी की तीन विशेष महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नाम इन वीरांगनाओं के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि इन तीनों बटालियनों में केवल बेटियों की भर्ती की जाएगी। यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का कार्य करेगा।अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज रामभक्तों के सम्मान और उनकी भावनाओं की बात कर रहे हैं, लेकिन देश और प्रदेश की जनता उनके इतिहास को अच्छी तरह जानती है। योगी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग कभी कारसेवकों पर गोली चलवाने के लिए जिम्मेदार रहे, जो राम का नाम लेने वालों पर कार्रवाई करते थे, वे आज रामभक्तों के हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दोहरापन बताते हुए कहा कि जनता ऐसे चरित्र को भली-भांति पहचान चुकी है।राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर लौटते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि केवल सच्चाई को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़ा हर विषय बेहद संवेदनशील है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अटकलें, आरोप या भ्रामक बयानबाजी उचित नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की और कहा कि अनर्गल टिप्पणियां केवल भ्रम पैदा करती हैं तथा रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद अब पूरे मामले की निगाहें एसआईटी जांच पर टिक गई हैं। राजनीतिक गलियारों से लेकर धार्मिक संगठनों और आम श्रद्धालुओं तक, सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। वहीं मुख्यमंत्री का यह संदेश भी साफ है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है, इसलिए इससे जुड़े हर मुद्दे पर जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
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